Thursday, August 30, 2018

पत्रकारों की श्रद्धानिधि हुई 7 हजार

पत्रकारों की श्रद्धानिधि हुई 7 हजार 
गैर अधिमान्य पत्रकारों का भी होगा बीमा 
अनुपपुर | 30-अगस्त-2018
 
    राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार अब प्रदेश के वरिष्ठ एवं बुजुर्ग पत्रकारों की श्रद्धानिधि 6 हजार रूपये से बढ़ाकर 7 हजार रूपये प्रतिमाह कर दी गई है। श्रद्धानिधि के लिए न्यूनतम आयु सीमा 62 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष कर दी गई है।
    शासन ने पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। योजना में प्रीमियम राशि का 50 प्रतिशत शासन द्वारा दिया जायेगा।

मिल बांचे मध्य प्रदेश 31 अगस्त 2018 को अनूपपुर जिले में 2843 वॉलंटियर करेगें सहभागिता

मिल बांचे मध्य प्रदेश 31 अगस्त 2018 को अनूपपुर जिले में 2843 वॉलंटियर करेगें सहभागिता 
 
अनुपपुर | 30-अगस्त-2018
 
    डीपीसी सर्व शिक्षा अभियान अनूपपुर हेमन्त खैरवाल ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार मिल बांचे मध्य प्रदेश कार्यक्रम दिनांक 31 अगस्त 2018 को जिले की समस्त 1161 शास. प्राथमिक एवं समस्त  393 शास. माध्यमिक में आयोजित होगें। कार्यक्रम में सहभागिता हेतु कुल 2843 वांलंटियर पंजीकृत हुए। जिसमें 2177 पुरूष एवं 666 महिला हैं। विकास खंड अनूपपुर में 599, जैतहरी में 747, कोतमा में 539 एवं पुष्पराजगढ में 958 वालंटियर पंजीकृत है। वालंटियर के रूप समस्त वर्गो ने उत्साह पूर्वक पंजीकरण किया गया है, जिसमें गृहणी, छात्र, जनप्रतिनिधि, शासकीय सेवक, स्वैच्छिक संगठन, सेवा निवृत्त सेवक, मीडियाकर्मी, डॉक्टर, अधिवक्ता, इंजिनियर, स्कूल चले हम के प्रेरक, खिलाड्ी, स्व वयवसायी, जन अभियान परिषद एवं अन्य जनों ने पंजीकरण किया है। इसी क्रम में कलेक्टर अनूपपुर, श्रीमती अनुग्रह पी, मा.शा. तिपानखोली,  पुलिस अधीक्षक श्री तिलक सिंह मा.शा. कन्या अनूपपुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर श्रीमती सलोनी सिडाना मा.शा. तिपानखोली  में तथा डी.एफ.ओ. श्री जाम सिंह भार्गव मा.शा. बरबसपुर में वालंटियर के रूप में सहभागिता करेगें।
    कार्यक्रम अंतर्गत वालंटियरों लंर्निग आऊटकम एवं बच्चों के द्वारा बनाई गई रचनात्मक कार्यो की प्रदर्षनी का अवलोकन करने के उपरान्त प्रातः 10.30 से 11.30 के मध्य शालेय बच्चों से संवाद कर प्रेरक प्रसंग तथा षिक्षाप्रद कहानियां सुनाएगें।  तदुपरान्त 11.30 से 12.00 के मध्य दूरदर्षन भोपाल एवं राज्य के समस्त आकाशवाणी केन्द्रों के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी के संदेश का प्रसारण सुनाया जावेगा। मध्यावकाष उपरान्त प्रत्येक शाला में शाला प्रबंधन समिति की बैठक में दक्षता उन्नयन कार्यक्रम अंतर्गत बच्चेवार प्रगति की समीक्षा की जावेगी। उक्त कार्यक्रम के दौरान गिफ्ट अ बुक के तहत प्रत्येक वालंटियर से शालाओं को प्रेरक पुस्तकें भेंट कर सकते है। इसके अतिरिक्त वालंटियर अपनी इच्छा से अन्य उपहार भी शाला को दे सकते हैं। मिल बांचे मध्य प्रदेश में पंजीकृत वालंटियर के अतिरिक्त भी अन्य लोगों से कार्यक्रम में सहभागिता हेतु आग्रह किया गया है।

श्री शाह तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में होंगे शमिल

श्री शाह तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में होंगे शमिल 
 
अनुपपुर | 30-अगस्त-2018
 
    आदिवासी वित्त एवं विकास निगम भोपाल के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) डॉ. शिवराज शाह स्वसहायता भवन में आज 31 अगस्त को अनूपपुर में आयोजित तेंदूपता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात् श्री शाह पुष्पराजगढ़ में जनपद पंचायत में जनपद स्तर एवं क्षेत्रीय अधिकारियों की बैठक लेंगें। 

एक अक्टूबर से मनाया जाएगा वन्य-प्राणी संरक्षण सप्ताह

एक अक्टूबर से मनाया जाएगा वन्य-प्राणी संरक्षण सप्ताह 
वन अधिकारियों को जारी हुए विस्तृत निर्देश 
अनुपपुर | 30-अगस्त-2018
 
    प्रदेश में इस वर्ष भी एक से 7 अक्टूबर, 2018 तक वन्य-प्राणी संरक्षण सप्ताह मनाया जायेगा। लोगों में वन और वन्य-प्राणियों के प्रति लगाव और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सप्ताह के दौरान विभिन्न आयोजन के लिये अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री आलोक कुमार ने प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व क्षेत्र संचालक, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, राष्ट्रीय उद्यान के संचालक, समस्त वन मण्डलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिये हैं। उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों में बच्चों ने वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में बहुत रुचि और उमंग से भाग लिया। इससे बच्चों में वन और वन्य-प्राणियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ी है।
    वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के दौरान प्रदेश में स्कूली छात्र-छात्राओं के लिये वन्य-प्राणी संरक्षण पर व्याख्यान, निबंध, पेंटिंग आदि विभिन्न प्रतियोगिताएँ होंगी। प्रत्येक परिक्षेत्र में 2 से अधिक संयुक्त वन प्रबंध समितियाँ कार्यक्रम आयोजित करेंगी। कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय और सांस्कृतिक धरोहर का भी समावेश होगा। स्थानीय भजन मण्डलियों द्वारा संरक्षण संबंधी गीतों का गायन, स्थानीय कलाकारों द्वारा गाँव के भवनों की दीवारों पर वन्य-प्राणियों का चित्रण और वन्य-प्राणी पर केन्द्रित नाटिका का मंचन आदि कार्यक्रम भी होंगे।
    वन अधिकारी और सेवानिवृत्त अधिकारी अपने क्षेत्र के विद्यालयों में वन्य-प्राणी संरक्षण पर व्याख्यान देंगे। अखिल भारतीय बाघ गणना में मास्टर-ट्रेनर रहे कर्मचारी भी स्कूलों में व्याख्यान के दौरान बाघ गणना के दौरान अपने अनुभव साझा करेंगे। जिला-स्तर पर वन्य-प्राणी केन्द्रित पोस्टर, फोटो, पेंटिंग आदि की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के लिये भाषण, पेंटिंग, रांगोली, प्रश्न-मंच, निबंध आदि प्रतियोगिताएँ होंगी और विद्यार्थियों को वन भ्रमण भी करवाया जायेगा। 

वर्ष 2021 तक प्रमाणित जैविक खेती का क्षेत्रफल होगा 4 लाख हेक्टेयर

वर्ष 2021 तक प्रमाणित जैविक खेती का क्षेत्रफल होगा 4 लाख हेक्टेयर 
वर्तमान में 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हो रही है जैविक खेती 
अनुपपुर | 30-अगस्त-2018
 
    किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा प्रदेश में वर्ष 2021 तक प्रमाणित जैविक खेती का क्षेत्रफल 4 लाख हेक्टेयर तक विस्तारित करने का कार्यक्रम तय किया गया है। अभी प्रदेश में प्रमाणित जैविक खेती का क्षेत्रफल करीब 2 लाख हेक्टेयर है। प्रदेश में जैविक खेती प्रमुख रूप से नर्मदा नदी के किनारे की जा रही है। मध्यप्रदेश को देश में सर्वाधिक प्रमाणित जैविक कृषि क्षेत्र होने का गौरव प्राप्त है।
    प्रदेश में वर्ष 2011 से जैविक नीति लागू की गई है। इसके बाद प्रदेश में वर्ष 2014 में जैविक खेती विकास परिषद् का गठन किया गया। ज्ञातव्य है कि मध्यप्रदेश की गिनती जैविक कपास उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया भर में अग्रणीय क्षेत्र के रूप में होती है।
    राज्य में किसानों को जैविक खेती के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। अलीराजपुर, झाबुआ, बैतूल, खंडवा, सागर, दमोह, छिन्दवाड़ा, मंडला, बालाघाट, उमरिया, डिण्डोरी, कटनी, अनूपपुर, श्योपुरकला, भोपाल और सीहोर जिले के 32 विकासखंडों को प्रमाणित जैविक खेती योजना में शामिल किया गया है। जैविक प्रमाणीकरण प्रक्रिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जैविक बीज उत्पादन के लिये 8 विभागीय शासकीय प्रक्षेत्रों को पूर्णत: जैविक बीज उत्पादन कार्यक्रम के लिये चयनित किया गया है। 

स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार से मृत्यु दर में आई अप्रत्याशित कमी

स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार से मृत्यु दर में आई अप्रत्याशित कमी 
 
अनुपपुर | 30-अगस्त-2018
 
    प्रदेश में पिछले डेढ़ दशक में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक विस्तार के फलस्वरूप शिशु मृत्यु दर, बाल मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में अप्रत्याशित कमी आई है। शिशु मृत्यु दर 82 से घटकर 47, बाल मृत्यु दर 94.2 से घटकर 55, मातृ मृत्यु दर 379 से घटकर 221 हो गई है। इसी क्रम में सकल प्रजनन दर 3.8 से घटकर 2.3 प्रतिशत हो चुकी है। भावी पीढ़ी को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ, स्फूर्त और निरोगी रखने के लिये प्रदेश में सूर्य-नमस्कार आदि गतिविधियों के लिये भी प्रेरित किया जा रहा है।
    प्रदेश में सिविल अस्पतालों की संख्या 64 से बढ़कर 73, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या 229 से बढ़कर 334 और उप स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या 8,699 से बढ़कर 11 हजार 266 हो चुकी है। सभी जिला चिकित्सालयों में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। अभी तक 38 जिलों में ट्रामा सेंटर की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। प्रदेश में 315 पोषण-पुनर्वास केन्द्र स्थापित कर करीब साढ़े 6 लाख गंभीर कुपोषित बच्चों का उपचार किया गया है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को लौटना न पड़े, इसलिये बिस्तरों की संख्या भी 19 हजार 700 से बढ़ाकर 43 हजार 969 की गई है।
    प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध जननी एक्सप्रेस सुविधा में एकीकृत कॉल-सेंटर आधारित 735 वाहन संचालित हैं। संस्थागत प्रसव 22 प्रतिशत से बढ़कर 86 प्रतिशत हो चुका है। प्रदेश के 43 आदिवासी बहुल और पिछड़े जिलों के 144 विकासखण्डों में दीनदयाल चलित योजना लागू है। सभी जिलों में 108 एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है। जिला अस्पतालों में किडनी के मरीजों के लिये डायलिसिस और कैंसर मरीजों के लिये कीमोथैरेपी सुविधा वर्ष 2016 से उपलब्ध है। सभी शासकीय अस्पतालों में नि:शुल्क औषधि और जाँच सुविधा उपलब्ध है। विशेष पिछड़ी जनजातियाँ सहरिया, बैगा एवं भारिया के परिवारों के पोषण स्तर में सुधार के लिये उन्हें हर माह 1000 रुपये की दर से विशेष सहायता की योजना भी लागू की गई है।
    मुख्यमंत्री बाल ह्रदय उपचार योजना, मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना जैसी संवेदनशील योजनाओं से बच्चों की गंभीर और अति गंभीर बीमारियों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। राज्य बीमारी सहायता निधि में शामिल बीमारियों की संख्या बढ़ाकर 21 और अधिकतम पैकेज 2 लाख रुपये किया गया है। अब तक 66 हजार 808 प्रकरणों में 612 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। लोगों को आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी आदि चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिये भी 217 एकीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र-सह-आयुर्वेद औषधालय में आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है।
    प्रदेश में चालू शैक्षणिक सत्र से रतलाम, विदिशा, शिवपुरी, छिन्दवाड़ा, शहडोल, खण्डवा और दतिया में मेडिकल कॉलेज स्थापित किये जा रहे हैं। इंदौर के मेडिकल कॉलेज में बोनमेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की गई है। जबलपुर में कैंसर रोगियों के लिये राज्य कैंसर संस्थान का निर्माण जारी है। ग्वालियर एवं विदिशा में टर्शयरि कैंसर केयर सेंटर स्थापित किये जा रहे हैं। ग्वालियर, जबलपुर और रीवा मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक निर्माण का काम भी पूर्णता की ओर अग्रसर है।

राज्य संग्रहालय में स्वाधीनता आन्दोलन प्रदर्शनी प्रारंभ

राज्य संग्रहालय में स्वाधीनता आन्दोलन प्रदर्शनी प्रारंभ 
 
अनुपपुर | 30-अगस्त-2018
 
    संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित दुर्लभ अभिलेखों एवं छायाचित्रों की प्रदर्शनी "स्वाधीनता आन्दोलन 1857-1947" का उद्घाटन श्री अनुपम राजन, आयुक्त, पुरातत्व अभिलेखागार द्वारा राज्य संग्रहालय, श्यामला हिल्स, भोपाल में किया गया।
    उप संचालक, पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय डॉ. गीता सभरवाल द्वारा प्रदर्शित ऐतिहासिक अभिलेखों के संबंध में बताया कि स्वाधीनता आन्दोलन 1857-1947 विषय पर केन्द्रित इस प्रदर्शनी का आयोजन राज्य संग्रहालय, भोपाल में 29 अगस्त से 11 सितम्बर तक किया जा रहा है। प्रदर्शनी आम जनता के लिये प्रतिदिन प्रातरू 10.30 बजे से सांयकाल 5.30 तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी में प्रवेश नि:शुल्क है। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम जनता, छात्रों एवं शोधार्थियों को स्वतंत्रता आन्दोलन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी देना है। इस प्रदर्शनी में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता आन्दोलन, असहयोग आन्दोलन (1920) सविनय अवज्ञा आन्दोलन (1930) एवं भारत छोड़ो आंदोलन (1942) से संबंधित महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अभिलेख एवं छायाचित्र प्रदर्शित किये गये हैं।

वर्तमान शिक्षण सत्र से लागू मुख्यमंत्री जन-कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना

वर्तमान शिक्षण सत्र से लागू मुख्यमंत्री जन-कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना 
ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों को भी मिलेगा योजना का लाभ 
अनुपपुर | 30-अगस्त-2018

 
    मध्यप्रदेश में पंजीकृत असंगठित कर्मकारों/श्रमिकों के बच्चों को नि:शुल्क उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिये सत्र 2018-19 से "मुख्यमंत्री जन-कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना" लागू की गई है। विद्यार्थी के माता-पिता का श्रम विभाग में पंजीयन होना अनिवार्य है। विद्यार्थी को राज्य शासन के छात्रवृत्ति पोर्टल scholarshipportal.mp.nic.in में पंजीयन करवाना होगा। इसके बाद यूजर आई.डी. एवं पासवर्ड से पोर्टल पर ही आवेदन-पत्र सबमिट करना होगा। भरे हुए आवेदन-पत्र का प्रिंट आउट आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित शैक्षणिक संस्था में प्रस्तुत करना होगा। ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ मिलेगा।
    तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने जानकारी दी है कि योजना में इंजीनियरिंग के लिये जेईई मेन्स परीक्षा में एक लाख 50 हजार तक की रैंक होने पर शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर पूरी फीस और अनुदान प्राप्त अशासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर एक लाख 50 हजार अथवा वास्तविक शिक्षण शुल्क, जो भी कम हो, का भुगतान किया जायेगा।
    मेडिकल की पढ़ाई के लिये नीट प्रवेश परीक्षा के माध्यम से केन्द्र या राज्य शासन के मेडिकल/डेंटल महाविद्यालय के एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम अथवा मध्यप्रदेश स्थित प्रायवेट मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले तथा भारत सरकार के संस्थानों, जिनमें स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त होता है, के अभ्यर्थियों को पात्रता होगी। विधि की पढ़ाई के लिये क्लैट द्वारा आयोजित अथवा स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों और दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलेगा।
    भारत सरकार तथा राज्य सरकार के सभी विश्वविद्यालयों/संस्थानों में संचालित स्नातक एवं इंटीग्रेटेड पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम तथा ड्यूल डिग्री कोर्स में प्रवेश लेने पर, राज्य शासन के सभी शासकीय एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में संचालित सभी स्नातक पाठ्यक्रमों, राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों, पॉलीटेक्निक कॉलेजों में संचालित सभी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों, आईटीआई (ग्लोबल स्किल पार्क सहित) में प्रवेश लेने पर और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अथवा उसके अधीन संचालित पैरामेडिकल साइंस के डिप्लोमा, डिग्री एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ मिलेगा।
जरूरी दस्तावेज
     माता-पिता का असंगठित कर्मकार मण्डल का पंजीयन नम्बर एवं समग्र आई.डी.। दसवीं की अंक-सूची। अध्ययन के पाठ्यक्रम के लिये अर्हकारी परीक्षा की अंक-सूची। शिक्षण शुल्क एवं अन्य शुल्क (मेस शुल्क एवं कॉशन मनी को छोड़कर) का विवरण। आधार-नम्बर। आधार लिंक बैंक खाता (निजी/अनुदान प्राप्त संस्थाओं में प्रवेश लेने पर)।
    योजना में लाभ लेने वाले शासकीय संस्थाओं के विद्यार्थियों को देय शुल्क संस्था के खाते में दी जायेगी। निजी संस्थाओं के विद्यार्थियों को देय शुल्क उनके आधार लिंक बैंक खाते में दी जायेगी। योजना में ऐसे पात्र विद्यार्थी, जो पहले से अध्ययनरत हैं, उन्हें वर्ष 2018-19 से नवीन प्रवेशित पात्र विद्यार्थियों के अनुसार शुल्क के भुगतान की प्रतिपूर्ति/छूट की पात्रता होगी। इस योजना के पोर्टल पर तकनीकी शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा को लॉग-इन करने की सुविधा दी जा रही है, जिससे तीनों विभाग उनसे संबंधित संस्थाओं के छात्रवृत्ति भुगतान की कार्यवाही सुगमता से कर सकेंगे।

निर्वाचन के दौरान निर्देशिका, नियमावली, आदर्श आचार संहिता का अक्षरश: पालन होगा

निर्वाचन के दौरान निर्देशिका, नियमावली, आदर्श आचार संहिता का अक्षरश: पालन होगा 
भारत निर्वाचन आयोग ने दो दिवसीय समीक्षा बैठक में दिये निर्देश 
अनुपपुर | 30-अगस्त-2018
 
   भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा चुनाव-2018 के संबंध में भोपाल में प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में आयोग द्वारा प्रदेश के सभी संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, उप पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया की आदर्श आचार संहिता लगने के साथ ही आयोग द्वारा समय-समय पर दिये जाने वाले निर्देशों, नियमावली का अक्षरश: पालन कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश के जो जिले दूसरे राज्यों की सीमाओं से लगे हुए हैं, उन संबंधित जिलों के अधिकारी और संभाग के वरिष्ठ अधिकारी दूसरे राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा संबंधी समीक्षा बैठक करें और पडोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहें।
   समीक्षा बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ओ.पी.रावत और आयुक्त द्वय श्री सुनील अरोरा एवं श्री अशोक लवासा ने भी अधिकारियों को संबोधित किया। बैठक में आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त श्री उमेश सिन्हा, श्री संदीप सक्सेना और श्री चन्द्रभूषण कुमार तथा प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री व्ही.एल.कान्ता राव, डायरेक्टर जनरल श्री धीरेन्द्र ओझा, श्री दिलीप शर्मा (चुनाव व्यय) भारत निर्वाचन आयोग और सुश्री शैफाली सरन अपर महानिदेशक पत्र सूचना कार्यालय एवं प्रवक्ता भारत निर्वाचन आयोग  भी उपस्थित थीं।

खनिज पदार्थों के खनन कार्यों के लिये 5 वर्षीय कार्य-योजना तैयार

खनिज पदार्थों के खनन कार्यों के लिये 5 वर्षीय कार्य-योजना तैयार 
राज्य भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मण्डल की 52वीं बैठक सम्पन्न 
अनुपपुर | 30-अगस्त-2018
 
    प्रदेश में खनिज पदार्थों की उपलब्धता, गुणवत्ता और खनन कार्य के लिये 5 वर्ष की कार्य-योजना तैयार कर ली गई है। इसके प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया तथा अन्य एजेन्सियों की मदद ली जाएगी। यह बात प्रमुख सचिव भौमिकी एवं खनिज साधन श्री नीरज मंडलोई ने राज्य-स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मण्डल की 52वीं बैठक में कही।
    प्रमुख सचिव श्री मण्डलोई ने कहा कि वर्ष 2015 के बाद खनिज नीति में आए परिवर्तन के अनुसार राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में उपलब्ध खनिज के लिये ओपन टेण्डर की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई है। इस प्रक्रिया की सफलता के लिये आवश्यक है कि विभाग के पास प्रदेश में खनिज की उपलब्धता का सटीक आंकड़ा उपलब्ध हो। तभी प्रदेश सरकार अधिकतम मूल्य वसूल सकेगी। उन्होंने कहा कि जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया सहित अन्य शासकीय एजेन्सी सर्वे कर भू-गर्भ में खनिजों की मात्रा और क्षेत्र बताते है। इन आंकड़ों का उपयोग सरकार कर रही है। इनकी क्वालिटी, क्वांटिटी और इफिसियेन्सी बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में आउट सोर्स एजेन्सियों की मदद लेने पर भी राज्य सरकार द्वारा विचार किया जा रहा है। इससे प्रदेश में उपलब्ध भू-सम्पदा का सही और बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने राज्यस्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मण्डल के सभी सदस्यों के कार्यो और प्रयासों की सराहना की।
    संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म श्री विनीत ऑस्टिन ने बैठक के उद्देश्यों एवं विभिन्न खनिज अन्वेषण एजेन्सियों द्वारा वर्ष 2017-18 में किये गये अन्वेषण कार्यो के अनुमोदन एवं आगामी वर्ष 2018-19 में सम्पादित किये जाने वाले प्रस्तावित अन्वेषण कार्यो की अनुमति प्रदान किये जाने संबंधित तथ्यों से अवगत कराया। वित्तीय वर्ष 2017-18 में विभाग द्वारा सतना, रीवा, धार, झाबुआ-अलीराजपुर एवं श्योपुर-मुरैना जिले में  चूना-पत्थर का पूर्वेक्षण कार्य तथा जिला डिन्डोरी में बाक्साईट खनिज का पूर्वेक्षण कार्य किया गया। वित्तीय वर्ष 2018-19 में सतना, धार, सीधी एवं मुरैना जिले में चूना-पत्थर के लिए डिन्डोरी जिले में बाक्साईट खनिज के लिए पूर्वेक्षण कार्यो के प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किये गये।
    बैठक में अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री सुनील कुमार अग्रवाल एवं राज्य निति आयोग के सलाहकार श्री पी.सी. बारास्कर, के अलावा भारत सरकार की विभिन्न संस्थाओं, भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग, खनिज अन्वेषण निगम नागपुर, राष्ट्रीय खनिज निगम हैदराबाद, राज्य खनिज निगम भोपाल, भौमिकी तथा खनिकर्म म.प्र., हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड बालाघाट, मैंगनीज ओर इंडिया लिमिटेड, नागपुर आदि के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बीते 24 घंटे में जिलें में 6.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

बीते 24 घंटे में जिलें में 6.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज 
 
अनुपपुर | 30-अगस्त-2018
 
    अधीक्षक भू-अभिलेख अनूपपुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिले में बीते 24 घंटे में 6.4 औसत वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान वर्षामापी केन्द्र अनूपपुर में 6.0, कोतमा में 0.0, जैतहरी में 9.6, पुष्पराजगढ़ 5.6, अमरकंटक 3.4, बिजुरी में 0.0, वेंकटनगर में 0.0, बेनीबारी में 27.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।

हर घर पोषण का त्योहार 1 से 30 सितम्बर मनाया जाएगा राष्ट्रीय पोषण माह पोषण के प्रति जागरूकता लाने हेतू होगी विविध गतिविधियाॅ

हर घर पोषण का त्योहार
1 से 30 सितम्बर मनाया जाएगा राष्ट्रीय पोषण माह
पोषण के प्रति जागरूकता लाने हेतू होगी विविध गतिविधियाॅ

अनूपपुर 30 अगस्त 2018/ आयुक्त महिला एवं बाल विकास के आदेशानुसार प्रदेश के समस्त 51 जिलों में पोषण के प्रति जागरूकता लाने हेतू 1 सिंतबर से 30 सितंबर तक पोषण माह मनाया जाएगा। इस माह में विभिन्न विभागों द्वारा पोषण स्तर बढ़ाने एवं पोषण के प्रति जागरूकता लाने हेतू विविध गतिविधियों की जाएगी। पोषण माह के दौरान कुल 8 थीमों प्रसव पूर्व देखभाल , शीघ्र और केवल स्तनपान, पूरक आहार, एनीमिया, वृद्धि निगरानी, किशोरियां-आहार, शिक्षा और सही उम्र, सफाई और स्वच्छता, पोषण जागरूकता- स्वस्थ खाना एवं फूड फोर्टीफिकेशन पर आधारित कार्यक्रम होंगे।  ग्राम, परियोजना तथा जिला स्तर पर प्रत्येक सप्ताह दो कार्यक्रम आयोजित होंगे अर्थात प्रत्येक सप्ताह 2 थीमों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग के अलावा अन्य सभी संबंधित विभाग  उक्त थीमों पर कार्यक्रमो का आयोजन करेंगें। इस माह के दौरान आकाशवाणी, दूरदर्शन एवं एफ.एम. रेडियों पर निरंतर पोषण के प्रति जागरूकता लाने हेतु कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाएगा।
पोषण माह का उदेश्य
पोषण माह का उद्देश्य पोषण के परिप्रेक्ष्य में गर्भावस्था में देखभाल, सर्वोत्तम स्तनपान, उपरी आहार, एनीमिया, वृद्धि निगरानी, किशोरी शिक्षा, पोषण, शिक्षा का अधिकार, सही उम्र में विवाह, सफाई एवं स्वच्छता एवं पोषण जागरूकता (स्वस्थ्य खाओं- फुड फोर्टिफिकेशन) पर जागरूकता लाना है।
पोषण माह अंतर्गत होगी विविध गतिविधियाँ
पोषण माह के अंतर्गत नियमित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। राज्य, जिलें एवं परियोजना स्तर पर कंवर्जेट एकशन प्लान बैठक, ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएसएनडी दिवस) समुदाय आधारित कार्यक्रम (मंगल दिवस आदि ), शिशु शिक्षा दिवस(ईसीसीई डे) राज्य एन. आर.एल.एम साप्ताहिक बैठकें, ए.एन.एम. आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा गृह भेंट ग्राम सभा आदि गतिविधियाॅ आयोजित की जाएंगी। पोषण माह के दौरान व्यापक जागरूकता हेतु प्रत्येक स्तर पर मीडिया, प्रभावी व्यक्तियों, समुदायिक संगठनों, प्रमुख त्यौहारों एवं उत्सवों का उपयोग किया जाएगा।
पोषण माह अंतर्गत गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु स्वास्थ्य विभाग (ए.एन.एम आशा,) शिक्षा विभाग शिक्षक, खेल एवं युवा  कल्याण विभाग एन.वाई सी, भारत स्काउट गाईड, एन.एस.एस. कृषि विभाग एन.सी.डी.सी., स्वच्छ भारत मिशन स्वच्छ ग्राही, पंचायत एवं ग्रामीण विकास एस.आर.एल.एम. एवं स्वा सहायता समूह एन.सी.सी., एन.एस.एस. भारत स्काउट एवं गाईड, जन अभियान परिषद् स्थानीय निकाय आदि जनआंदोलन हेतु आवश्यक जिम्मेदारी निभाएॅगे।
आंगनवाडी केन्द्र द्वारा पोषण माह अंतर्गत 1 सितम्बर को पोषण जागरूकता रैली, 4 सितम्बर को गर्भावस्था में देखभाल स्तनपान मंगल दिवस- गोद भराई, 5 सितम्बर को वृद्धि निगरानी शिक्षक दिवस, 7 सितम्बर को पोषण जागरूकता व्यंजन प्रदर्शन/ प्रतियोगिता, 11 सितम्बर को उपरी आहार पोषण जागरूकता मंगलदिवस- अन्नप्राशन, 14 सितम्बर को पोषण जागरूकता पोषण सभा-स्वसहायता समूहों का उन्मुखीकरण, 18 सितम्बर को स्वच्छता मंगल दिवस-जन्मदिन स्वच्छता गतिविधि, वृक्षारोपण, 20 सितम्बर को एनीमिया, सूक्ष्म पोषक तत्वों का सप्लीमेंटेशन चैपाल पर चर्चा, 25 सितम्बर को पोषण जागरूकता बाल चौपाल-फ़ैन्सी ड्रेस, 28 सितम्बर को बालिका शिक्षा, पोषण, सही उम्र में विवाह मंगल दिवस- किशोरी दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। इसी प्रकार परियोजनाओं अंतर्गत 6 सितम्बर को बालिका शिक्षा, पोषण, सही उम्र में विवाह किशोरी मेला, चारो सप्ताह पोषण जागरूकता साप्ताहिक हाट बाजार में पोषण प्रदर्शन, 10 सितम्बर को पोषण जागरूकता, गर्भावस्था में देखभाल, स्तनपान, उपरी आहार, पंच-सरपंच सम्मेलन, 12 सितम्बर को स्वच्छता, पोषण जागरूकता साझा चूल्हा रसोईयों का उन्मुखीकरण ग्रामीण एवं आदिवासी परियोजनाएं, 17 सितम्बर पोषण जागरूकता, स्वच्छता स्कूलों में क्विज, निबंध, वाद विवाद प्रतियोगिता, 26 सितम्बर को पोषण जागरूकता, स्वच्छता पर आधारित गतिविधियाँ आयोजित होंगी।जिला स्तर पर चारों सप्ताह पोषण जागरूकता कला पथक दलों का कार्यक्रम, पोषण जागरूकता, गर्भावस्था में देखभाल, स्तनपान, उपरी आहार, वृद्धि निगरानी, स्वच्छता मीडिया कार्यशाला, पोषण जागरूकता मैराथन स्वच्छता, पोषण जागरूकता विद्यालयों/महाविद्यालयों में पोषण संबंधी सेमीनार, पोषण जागरूकता गर्भावस्था में देखभाल, स्तनपान, उपरी आहार, वृद्धि, निगरानी, स्वच्छता धर्मगुरूओं का सम्मेलन एवं परिसंवाद (विषय-कुपोषण मुक्त जिला), पोषण जागरूकताघर-घर जाकर विद्वानों से भेंट आदि गतिविधियाँ की जाएँगी।
प्रत्येक स्तर पर आयोजित प्रति दिन के कार्यक्रम के फोटोग्राफ एवं हितग्रहियों की श्रेणीवार संख्या भारत सरकार के पोर्टल https://poshanabhiyaan.gov.in के डैशबोर्ड पर अपलोड करना होगा। 
वीसी के माध्यम से पोषण माह के सफल एवं प्रभारी क्रियान्वयन हेतु दिए गए विस्तृत दिशा निर्देश

पोषण माह अंतर्गत समस्त गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से अभियान अंतर्गत लक्षित उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए। बैठक में सीईओ ज़िला पंचायत डॉ सलोनी सिडाना, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती मंजूलता सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

तेन्दुपत्ता लाभांश वितरण कार्यक्रम आज स्वसहायता भवन में 6885 तेन्दुपत्ता संग्राहको को वितरित की जाएगी 2 करोड़ 86 लाख की बोनस राशि

तेन्दुपत्ता लाभांश वितरण कार्यक्रम आज स्वसहायता भवन में
6885 तेन्दुपत्ता संग्राहको को वितरित की जाएगी 2 करोड़ 86 लाख की बोनस राशि


अनूपपुर 30 अगस्त 2018/ प्रबंध संचालक ज़िला वनोपज संघ अनूपपुर ने बताया कि मप्र शासन वन विभाग के निर्देशानुसार तेन्दुपत्ता संग्रहण काल 2017 के तेन्दुपत्ता संग्राहको को प्रोत्साहन राशि (बोनस) का वितरण आज 31 अगस्त को 11:30 बजे से स्वसहायता भवन अनूपपुर में आयोजित तेन्दुपत्ता लाभांश वितरण कार्यक्रम में विधायक अनूपपुर श्री रामलाल रौतेल के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। आपने बताया कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से कार्यक्रम का शुभारम्भ किया जाएगा। आपने जनप्रतिनिधियों एवं पत्रकारों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने हेतु अनुरोध किया है।

राज्य स्तरीय पिछड़ा वर्ग महाकुम्भ का आयोजन 10 सितम्बर को सतना में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान रहेंगे मुख्य अतिथि

राज्य स्तरीय पिछड़ा वर्ग महाकुम्भ का आयोजन 10 सितम्बर को सतना में
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान रहेंगे मुख्य अतिथि

अनूपपुर 30 अगस्त 2018/ आयुक्त भू अभिलेख एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में राज्य स्तरीय पिछड़ा वर्ग महाकुम्भ  10 सितम्बर को सतना में आयोजित किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में विभाग द्वारा पिछड़े वर्ग के उत्थान हेतु संचालित योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल में पिछड़े वर्ग के जनजीवन पर आधारित प्रदर्शनी एवं विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएँगे। राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सतना , रीवा, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, कटनी, शहडोल, अनूपपुर एवं उमरिया के पिछड़े वर्ग के लाभार्थी सम्मिलित होंगे।

विशेष आदिम जनजाति पटवारी भर्ती अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन 10 सितम्बर को

विशेष आदिम जनजाति पटवारी भर्ती अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन 10 सितम्बर को


अनूपपुर 30 अगस्त 2018/ अपर कलेक्टर डॉ आरपी तिवारी ने बताया कि आयुक्त भू अभिलेख के निर्देशानुसार विशेष आदिम जनजाति (सहरिया, बैगा एवं भारिया) पटवारी भर्ती वर्ष 2018 में चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ परीक्षण हेतु समिति का गठन कर दिया गया है। उक्त समिति 10 सितम्बर को कलेक्ट्रैट कार्यालय कक्ष क्र 48 में प्रातः 10:30 बजे से चयनित अभ्यर्थियों की उपस्थिति में दस्तावेज़ों के सत्यापन का कार्य करेगी।

गिरदावरी का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें - कलेक्टर

गिरदावरी का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें - कलेक्टर

अनूपपुर 30 अगस्त 2018/ कलेक्टर श्रीमती अनुग्रह पी ने पटवारियों समेत राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ख़रीफ़ फ़सलों की गिरदावरी का कार्य समय सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। आपने कहा कि गिरदावरी के अभाव में कोई भी किसान शासन की जनहितकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न हो इस हेतु पूरी शक्ति से प्रयास करें। उल्लेखनीय है कि आयुक्त भू अभिलेख के निर्देशानुसार 13 सितम्बर तक गिरदावरी कार्य पूर्ण किया जाना है। ताकि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ख़रीदी का कार्य जिसमें गिरदावरी के आधार पर कृषकों की फ़सल का सत्यापन किया जाना है प्रभावित न हो। गिरदावरी का कार्य समय पर सम्पन्न करने हेतु 7 सितम्बर तक गिरदावरी सप्ताह मनाया जा रहा है। इस अवधि में पटवारियों को युद्धस्तर पर कार्य कर समय पर गिरदावरी सम्पन्न करने हेतु कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया है। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि ज़िले में चयनित प्रशिक्षु पटवारी भी वरिष्ठ पटवारियों के मार्गदर्शन में गिरदावरी का कार्य पूर्ण करने में सहयोग करेंगे। अनूपपुर में अब तक 1 लाख 73 हज़ार हेक्टेयर रकबे की गिरदावरी की जा चुकी है।

प्रशिक्षु पटवारियों को बताया गया मतदान का महत्व तहसील पुष्पराजगढ़ में राजस्व प्रशिक्षण के साथ वीवीपीएटी से अवगत हुए प्रशिक्षु

प्रशिक्षु पटवारियों को बताया गया मतदान का महत्व
तहसील पुष्पराजगढ़ में राजस्व प्रशिक्षण के साथ वीवीपीएटी से अवगत हुए प्रशिक्षु

अनूपपुर 30 अगस्त 2018/ आयुक्त भू अभिलेख एवं बंदोबस्त के निर्देशानुसार कलेक्टर महोदया के द्वारा अनूपपुर ज़िले के प्रशिक्षु पटवारियों का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। कार्यक्रम अनुसार तहसील पुष्पराजगढ़ में फ़ील्ड कार्य सीखने हेतु प्रशिक्षुओं का दल 8 दिवस के लिए पुष्पराजगढ़ पहुँच गया है। तहसील पुष्पराजगढ़ के बैठक हाल में प्रशिक्षु पटवारियों का संक्षिप्त स्वागत कार्यक्रम रखा गया। तहसीलदार पंकज नयन तिवारी ने सभी प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए विभाग में पटवारी की महत्ता, कर्तव्य, अधिकार और अपेक्षा से सभी को अवगत कराया। म0प्र0भू-राजस्व संहिता के तहत नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, गिरदावली, फसल पंजीयन का सत्यापन, प्राकृतिक आपदा के प्रकरणों पर प्रतिवेदन, पंचनामा एवम जांच प्रतिवेदन पर श्री तिवारी ने संक्षिप्त उदबोधन दिया।
तहसीलदार द्वारा मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए भी निर्देश दिए गए। नायब तहसीलदार श्री भूपेंद्र मशराम द्वारा वीवीपीएटी की कार्यप्रणाली एवम व्यावहारिक ज्ञान पर उदबोधन दिया गया। श्री मशराम द्वारा मोबाइलएप्प गिरदावरी का तकनीकी ज्ञान और फील्ड की समस्या से प्रशिक्षुओं को अवगत कराया गया एवं उन्हें हल्का अधिकार प्रदान किया गया। समस्त प्रशिक्षु वरिष्ठ पटवारियों के पर्यवेक्षण में फ़ील्ड कार्य का ज्ञान अर्जित करेंगे। इस अवसर नायब तहसीलदार शशांक सेन्डे, नायब तहसीलदार आदित्य द्विवेदी,राजस्व निरीक्षक हरिहर पनिका,राजेन्द्र मांझी,आर के पदमाकर, महेश प्रसाद डोहर, नत्थूलाल कोरी, विनोद वर्मा के साथ वरिष्ठ पटवारी गण मिथिलेश तिवारी, शेषनारायण, प्रेमलाल पटेल, गोपाल सिंह, नीतू सिंह, पंकज मिश्रा, तीरथ प्रजापति, योगेश्वरी, महेश कोल, रामकृष्ण पटेल, भाव सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के पश्चात सभी प्रशिक्षुओं को फील्ड के लिए रवाना किया गया।

सारे काम छोड़ दो सबसे पहले वोट दो रैली निकाल समझाया मतदान का महत्व, वीवीपैट से कराया गया अवगत

सारे काम छोड़ दो सबसे पहले वोट दो
रैली निकाल समझाया मतदान का महत्व, वीवीपैट से कराया गया अवगत

अनूपपुर 30 अगस्त 2018/ निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत मतदाताओं को जागरूक करने एवं आगामी विधानसभा निर्वाचन में दोहरे सत्यापन के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली वीवीपीएटी मशीन से आम जनो को अवगत कराने हेतु गत दिवस पुष्पराजगढ़ मुख्यालय में लखोरा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से तहसील प्रांगण तक रैली निकाली गई रैली ने बाजार क्षेत्र विद्यालय परिसर, तहसील प्रांगण में भ्रमण कर जनसमूह को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक कर अनिवार्य रूप से मतदान करने का संदेश दिया। रैली में सड़क मार्ग पर विधायक पुष्पराजगढ़ श्री फुन्देलाल सिंह, तहसीलदार श्री पंकज नयन तिवारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री नयनभान सिंह, विद्यालय के शिक्षक गण, मुख्यालय पटवारी एवम अन्य स्थानीय जन छात्रों के साथ सड़क मार्च में साथ  रहे। रैली का समापन तहसील प्रांगण में हुआ जहां नायब तहसीलदार श्री भूपेंद्र मसराम द्वारा वीवीपीएटी की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गयी साथ ही पारदर्शी मतदान की जानकारी देते हुए दिखावटी मतदान (मॉक पोल) कराया गया। 

कोई भी पात्र न रहे वंचित - कलेक्टर मतदाता सूची में नाम जोड़ने हेतु 31 अगस्त तक की है समय सीमा

कोई भी पात्र न रहे वंचित - कलेक्टर
मतदाता सूची में नाम जोड़ने हेतु 31 अगस्त तक की है समय सीमा


अनूपपुर 30 अगस्त 2018/ कलेक्टर श्रीमती अनुग्रह पी ने समस्त बीएलओ, सहायक रजिस्ट्रीकरण एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्वाचन आयोग के वर्तमान निर्देशानुसार मतदाता पंजीयन का कार्य 31 अगस्त तक पूर्ण किया जाना है इस हेतु समस्त पात्र मतदाताओं का पंजीयन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने हेतु पूरे मनोयोग से प्रयास करें। आपने कहा एक भी पात्र पंजीयन से वंचित नही रहना चाहिए। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर तुरंत निर्वाचन शाखा में सम्पर्क करे। 

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