स्वच्छता के लिए साधन नहीं सोच आवश्यक
हर्रा टोला की 'कल्याणी' बिरजी बाई ने निगरानी समिति के आह्वान पर समझी अपनी ज़िम्मेदारी
शौचालय निर्माण का कार्य किया प्रारम्भ
सफलता की कहानी
अनूपपुर 17 जून 2018/ शौचालय का निर्माण एवं उसका उपयोग साधनो की उपलब्धता से कहीं ज्यादा व्यक्ति की सोच पर अवलंबित है। अगर व्यक्ति मे स्वच्छता की समझ है , वह समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझता है साथ ही उसमे इन दायित्वों के निर्वहन करने की भावना है तो वह निश्चित ही शौचालय बनाएगा और उसका उपयोग भी करेगा।
कलेक्टर श्रीमती अनुग्रह पी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत डॉ सलोनी सिडाना ने बिरजी बाई एवं निगरानी समिति द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है एवं अन्यों को समाज के प्रति अपनी इस ज़िम्मेदारी को समझकर ज़िले के ऊपर लगा अस्वच्छता का दाग मिटाने मे सहयोग देने के लिए कहा है। ज़िले के समस्त नागरिकों के सामने बिरजी की यह पहल एक उदाहरण है जो यह बताती है कि स्वच्छता के लिए संसाधन नहीं सोच आवश्यक है।