सफलता की कहानी
भूले हुए सपने को हकीकत मे बदला प्रधानमंत्री आवास योजना ने
अनूपपुर 04 अप्रैल 2018/ रोटी एवं कपड़े के बाद आवास मनुष्य के जीवन की प्रमुख आवश्यकता होती है। मनुष्य के जीवन का प्रथम प्रयास इन्ही मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए होता है। इन्ही आवश्यकताओं की अच्छे ढंग से पूर्ति के वह सपने सँजोता है। इन सपनों की पूर्ति के लिए संसाधन न होने पर मानव इन सपनों को भुला देता है। ऐसा ही कुछ अनूपपुर जिले के विकासखंड कोतमा अंतर्गत ग्राम बुढ़ानपुर के निवासी श्री वासुदेव साहू के साथ हुआ। बचपन से ही वासुदेव सोचता था कि वह पक्के मकान मे रहेगा और बारिश, लू, आँधी इन सबके प्रकोप से दूर रहकर शांतिपूर्वक जीवन जाएगा। परंतु यह बचपन का स्वप्न, स्वप्न ही रह गया था। कभी फसल खराब होने, कभी माता-पिता की बीमारी, घरेलू जरूरतों को पूरा करते-करते उनका परिवार इतने संसाधनो को कभी जुटा ही नहीं पाया।
वासुदेव जब अपने इस स्वप्न को पूर्णतया भूल चुका था तभी उसे ग्राम के सरपंच ने आपका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण मे शामिल होने की बात बताई। इसके साथ ही वासुदेव के खाते मे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण द्वारा प्रथम किश्त 40 हजार रुपये आए। वासुदेव एवं उनके परिवार ने स्वयं श्रम करके कार्य को प्रारम्भ कर अपने स्वप्न को भौतिक रूप प्रदान करने का कार्य प्रारम्भ किया। कार्य की प्रगति के साथ-साथ उन्हे अन्य किश्त की प्राप्ति भी हुई, योजनानुसार कुल 1 लाख 46 हजार रुपये की प्राप्त हुई। इस सहयोग से उनके बचपन का भुला हुआ स्वप्न आज पूरा होकर हकीकत मे तब्दील हो चुका है। वासुदेव इस सहयोग के लिए मध्यप्रदेश शासन को धन्यवाद देते हैं।

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