कमिश्नर शहडोल संभाग श्री रजनीश श्रीवास्तव ने शहडोल संभाग के सभी कलेक्टरों, अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं अन्य विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे सीएम हेल्प लाईन की शिकायतों का निराकरण अतिगंभीरता से करें। कमिश्नर ने निर्देशित करते हुये कहा है कि सभी अधिकारी प्रतिदिन सीएम हेल्प लाईन की शिकायतों की मॉनीटरिंग करें तथा स्वयं देखें और शिकायतों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुये सीएम हेल्प लाईन की शिकायतों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करायें। कमिश्नर ने निर्देशित करते हुये कहा कि सीएम हेल्प लाईन के प्रकरणों में लंबित शिकायत के प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण होना चाहिए। कमिश्नर ने उक्त निर्देश कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में शहडोल संभाग के सभी कलेक्टरों को दिये। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर शहडोल श्री नरेश पाल, कलेक्टर उमरिया श्री माल सिंह, कलेक्टर अनूपपुर श्री अजय शर्मा, सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी एवं अपर कलेक्टर्स उपस्थित थे। बैठक में कमिश्नर ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण की जिलेवार समीक्षा करते हुये कलेक्टरों को निर्देशित किया कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है, अभी भी राजस्व न्यायालयों में पांच वर्ष से ऊपर के राजस्व प्रकरण लंबित हैं। कमिश्नर ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे पांच वर्ष से ऊपर के लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के साथ करायें। कमिश्नर ने निर्देश दिये कि पटवारी रिपोर्ट के अभाव में राजस्व प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए, पटवारियों से समय पर रिपोर्ट आना चाहिए। वन व्यवस्थापन के प्रकरणों का निराकरण भी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी प्राथमिकता के साथ करायें तथा वन व्यवस्थापन के प्रकरणों का सत्यापन पटवारी के माध्यम से करायें। समीक्षा के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर के न्यायालय में पांच वर्ष से अधिक के राजस्व प्रकरण बड़ी संख्या में लंबित पाये जाने पर कमिश्नर द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को ताकिद किया गया कि वे राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करायें। कमिश्नर ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे अपने अधीनस्थ अपर कलेक्टर, अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों के राजस्व न्यायालयों का समय-समय पर निरीक्षण करें तथा राजस्व प्रकरणों के निराकरण के स्थिति की समीक्षा करें। कमिश्नर ने निर्देश दिये कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में निरंतरता बनी रहना चाहिए, किसी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न नहीं होना चाहिए। कमिश्नर द्वारा राजस्व प्रकरणों में उल्लेखनीय कार्य करने के लिये अपर कलेक्टर उमरिया एवं एसडीएम ब्यौहारी की सराहना की गई। कमिश्नर द्वारा शहडोल संभाग के सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया गया कि शहडोल संभाग के सभी जिलों में सीमांकन का कार्य आधुनिक मशीनों के द्वारा कराया जाये, इसके लिये सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों को भी समुचित प्रशिक्षण दिया जाये। कमिश्नर द्वारा निर्देशित किया गया कि शहडोल संभाग के सभी जिलों में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये, स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थलों में किये गये अतिक्रमण को हटाया जाये। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में कमिश्नर ने निर्देश दिये कि शहडोल संभाग के सभी राजस्व अधिकारी विस्फोटक भण्डार ग्रहों निरीक्षण करें तथा देखें कि भण्डार ग्रह मे विस्फोट भण्डार ग्रह के लिये बनाये गये मापदण्डों का लायसेंस धारियों द्वारा पालन किया जा रहा है अथवा नहीं। साथ ही यह भी देखें कि स्टॉक कितना है तथा स्टॉक रजिस्टर का व्हेरीफिकेशन भी करें। अगर लायसेंस धारी विस्फोटक भण्डारण्कर्ता मापदण्डों का पालन नहीं कर रहे हैं तो ऐसे लायसेंस धारी विस्फोटक भण्डार कर्ताओं के लायसेंस निरस्त करें।
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