सामुदायिक सुविधाओं एवं आस पास के परिवेश के संबंध मे भी आचरण जिम्मेदार होना चाहिए
प्रकृति को अपनाए एवं उसकी सुरक्षा एवं सुंदरता मे व्यक्तिगत रूप से योगदान दें- आयुक्त शहडोल
न स्वयं गंदा करे न करने दें
अनूपपुर 9 जून 2018/ साफ सफाई एवं स्वच्छता के विषय मे सोच को व्यापक रखकर आगे बढ़ना ही परिवेश को निर्मल एवं स्वास्थ्यवर्धक रखने का एकमात्र तरीका है। शहडोल संभागायुक्त श्री जे के जैन ने कहा हम अपनी सोच को संकीर्ण रखकर केवल अपनी व्यक्तिगत सफाई , अपने घर की सफाई मे सोचेंगे तो हम स्वच्छता के वास्तविक लक्ष्य को कभी प्राप्त नहीं कर पाएंगे। लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सभी को अपनी सोच व्यापक कर न सिर्फ स्वयं की सफाई वरन अपने क्रियाकलापों से आस पास के परिवेश को क्या क्षति पहुँच रही है उसकी ज़िम्मेदारी भी लेना आवश्यक है। हर नागरिक को अपने साथ साथ अपने परिवेश को अपने जैसा समझकर वैसा ही आचरण करना चाहिए जैसा की वे अपने घरो मे साफ रहने के लिए करते हैं। आपने कहा जब तक बाहुल्य संख्या पर्यावरण दूषित करती रहेगी तब तक मुट्ठी भर लोगों के अथक प्रयास भी पर्यावरण को साफ रखने मे कामयाब नही होंगे।अतएव यह आवश्यक है कि समस्त नागरिक ज़िम्मेदारी का परिचय दे कूड़ा इधर उधर न फेंके, वरन निर्धारित स्थलों पर ही फेंके, समस्त दुकानदार एवं फास्ट फूड विक्रेता, फल सब्जी विक्रेता आवश्यक रूप से कचड़े के प्रबंधन के लिए कचड़े का डिब्बा एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। न तो स्वयं गंदगी करें न किसी को करने दे। आगे आकर लोगों को स्वच्छता एवं स्वच्छ रहने की समझाइश दें। नियमो का पालन करे एवं अन्यों की असुविधाओं को ध्यान मे रखकर आचरण करे। तभी हमे एक जिम्मेदार नागरिक कहलाने का हक है।

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