सफलता की कहानी
जागृति लाकर नशे की लत से दिला रहे हैं छुटकारा
अनूपपुर 26 मई 2018/ समाज से बुराइयों को दूर करने का सर्वश्रेष्ठ तरीका, नागरिकों की सोच को बदलने के साथ उन्हे जागरूक करना। कानूनों एवं दंड के प्रावधानों से कहीं ज्यादा शक्तिशाली है अन्तःकरण को जागृत करना, स्व्प्रेरणा से ही संयमित एवं सभ्य जीवन की राह पर चला जा सकता है। समाज मे व्याप्त ऐसी ही बुराइयों को दूर करने का कार्य अनूपपुर मे मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के छात्रों द्वारा किया जा रहा है।
अनूपपुर ज़िले मे युवाओं एवं वयस्कों को नशे की आदत से दूर करने के लिए इन छात्रों के द्वारा आम जनो को जागृत किया जा रहा है। कई बार बुरी आदतों के दूरगामी परिणामो को समझ पाना गावों मे सीधे-साधे परिवेश मे निवास करने वाले व्यक्तियों के लिए आसान नहीं होता। नशा एक ऐसी कुरीति है जो न केवल संबन्धित को नुकसान पहुंचाती है वरन इससे पूरे परिवार मे अशांति एवं समस्या आती है। छोटे बच्चो को अभिभावकों से स्नेह एवं दुलार न मिल पाने से उनके मानसिक एवं बौद्धिक विकास मे बाधाएँ आती है। व्यक्ति विशेष को स्वास्थ्य समस्या तो होती ही है इस बढ़े हुए खर्चे से गरीब घरों की आर्थिक स्थिति मे भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।
लगातार नशे की लत होने से संबन्धित की बीमारी परिवार के लिए और अधिक कष्ट का विषय तब बन जाती है जब घर के लिए रोटी की व्यवस्था करने की ज़िम्मेदारी सिर्फ उसी के कंधे पर रही हो। ऐसी स्थित मे परिवार के अन्य सदस्यों मे कम उम्र मे ही घर की ज़िम्मेदारी लेने का दबाव बन जाता है और उनकी योग्यता का कुशलता का समुचित विकास नहीं हो पाता। इसके साथ ही घर के बड़ो मे ये लत होने से बच्चों मे भी इस आदत के अनुकरण करने की संभावना बढ़ जाती है और परिवार गरीबी, बुरी लतों एवं विपन्नता के ऐसे दुष्चक्र मे फंस जाता है जहां से निकल पाना कठिन होता जाता है। उक्त बातों की समझाइश छात्रों एवं परामर्शदाताओं के द्वारा गावों मे गोष्टी लगाकर एवं दीवारों मे प्रेरणादायक नारों के द्वारा दी जा रही है। अनूपपुर ज़िले के विभिन्न क्षेत्रों मे सीएमसीएलडीपी एवं जन अभियान परिषद की नशा मुक्ति वाहिनी द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
इन प्रयासो के फलस्वरूप लोगों मे नशे की लत से दूरी एवं विकास की गतिविधियों मे जुड़ाव बढ़ रहा है। गावों मे जाकर आरती सिंह, प्रीतीरानी सिंह, रीना, झोगरबती, अमर द्विवेदी, देव सिंह पाव परामर्श दाता मोहम्मद नजीर खान, आशुतोष पांडे आशा कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र को नशा मुक्त करने के लिए अनवरत प्रयास किए जा रहे हैं।
अनूपपुर ज़िले मे युवाओं एवं वयस्कों को नशे की आदत से दूर करने के लिए इन छात्रों के द्वारा आम जनो को जागृत किया जा रहा है। कई बार बुरी आदतों के दूरगामी परिणामो को समझ पाना गावों मे सीधे-साधे परिवेश मे निवास करने वाले व्यक्तियों के लिए आसान नहीं होता। नशा एक ऐसी कुरीति है जो न केवल संबन्धित को नुकसान पहुंचाती है वरन इससे पूरे परिवार मे अशांति एवं समस्या आती है। छोटे बच्चो को अभिभावकों से स्नेह एवं दुलार न मिल पाने से उनके मानसिक एवं बौद्धिक विकास मे बाधाएँ आती है। व्यक्ति विशेष को स्वास्थ्य समस्या तो होती ही है इस बढ़े हुए खर्चे से गरीब घरों की आर्थिक स्थिति मे भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।
लगातार नशे की लत होने से संबन्धित की बीमारी परिवार के लिए और अधिक कष्ट का विषय तब बन जाती है जब घर के लिए रोटी की व्यवस्था करने की ज़िम्मेदारी सिर्फ उसी के कंधे पर रही हो। ऐसी स्थित मे परिवार के अन्य सदस्यों मे कम उम्र मे ही घर की ज़िम्मेदारी लेने का दबाव बन जाता है और उनकी योग्यता का कुशलता का समुचित विकास नहीं हो पाता। इसके साथ ही घर के बड़ो मे ये लत होने से बच्चों मे भी इस आदत के अनुकरण करने की संभावना बढ़ जाती है और परिवार गरीबी, बुरी लतों एवं विपन्नता के ऐसे दुष्चक्र मे फंस जाता है जहां से निकल पाना कठिन होता जाता है। उक्त बातों की समझाइश छात्रों एवं परामर्शदाताओं के द्वारा गावों मे गोष्टी लगाकर एवं दीवारों मे प्रेरणादायक नारों के द्वारा दी जा रही है। अनूपपुर ज़िले के विभिन्न क्षेत्रों मे सीएमसीएलडीपी एवं जन अभियान परिषद की नशा मुक्ति वाहिनी द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
इन प्रयासो के फलस्वरूप लोगों मे नशे की लत से दूरी एवं विकास की गतिविधियों मे जुड़ाव बढ़ रहा है। गावों मे जाकर आरती सिंह, प्रीतीरानी सिंह, रीना, झोगरबती, अमर द्विवेदी, देव सिंह पाव परामर्श दाता मोहम्मद नजीर खान, आशुतोष पांडे आशा कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र को नशा मुक्त करने के लिए अनवरत प्रयास किए जा रहे हैं।
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