Saturday, May 5, 2018

सफलता की कहानी जन अभियान परिषद के प्रयास से नदियों को मिला पुनर्जीवन प्रस्फुटित हुई जलधारा

सफलता की कहानी
जन अभियान परिषद के प्रयास से नदियों को मिला पुनर्जीवन
प्रस्फुटित हुई जलधारा


अनूपपुर 5 मई 2018/ नदियां अपने साथ सिर्फ जल नही जीवन का प्रवाह करती है। नदियों पर एक बड़े क्षेत्र के  पशु पक्षियों एवं वनस्पतियों का जीवन आधारित होता है। जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन मे नदियों का विशेष स्थान है। परिस्थितिक तंत्र का स्थायित्व एवं विकास बिना नदियों के संभव नही है। सदियों से नदियों के द्वारा समस्त जीवित प्राणियों की आवश्यकता की पूर्ति की जाती रही है। पर्यावरणीय परिवर्तन, पेढ़ पौधों के कटाव, नदियों के बेसिन का अनुचित तरीके से उपयोग आदि कारणो से आज बहुत सी नदियां अपने प्रवाह को बनाए रखने मे सफल नहीं हो पा रही है। इन्ही समस्याओ को दूर करने और अपने पुरातीत स्वरूप को खो चुकी नदियों को पुनर्जीवन प्रदान करने का पुनीत कार्य शासन द्वारा जन अभियान परिषद के माध्यम से किया जा रहा है।
अनुपपुर ज़िले मे जन अभियान परिषद द्वारा विगत दिनो आयोजित जल संसद मे कोतमा की कनई नदी, जैतहरी की हंसिया नदी, अनूपपुर की बाँकी नदी, पुष्पराजगढ़ की देवराज नदी की साफ़सफ़ाई एवं पुनर्जीवन प्रदान करने हेतु कार्ययोजना बनाई गयी थी।

इसी क्रम मे आज जन अभियान परिषद द्वारा उक्त चारो नदियों मे चयनित स्थलो मे  एक साथ श्रमदान कार्य जनसहयोग से किया गया। जैतहरी विकासखंड में चयनित नदी हँसिया के उद्गम स्थल पर यह पाया गया कि नदी पूरी तरह सूखी हुई है। स्थानीय ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति की अगुवाई में आम जनो एवं समिति के सदस्यो द्वारा श्रमदान कर उद्गम स्थल में जमी गाद, पत्थर ,झिरो में जमा पत्तो को हटाने का कार्य किया गया। जिसके परिणामस्वरूप सूखी नदी में जल की धारा बह चली। इसी प्रकार पुष्पराजगढ़ विकासखंड में देवराज नदी पर भी प्रातः श्रमदान कर गहरीकरण एवम गाद हटाने का कार्य ग्राम मझगवां में नदी उद्गम स्थल पर किया गया।।अनूपपुर विकासखंड में चयनित नदी बांकी पर ग्राम बड़ीखार में सामुहिक श्रमदान से नदी की स्वक्षता का एवम गहरीकरण किया गया। इसी प्रकार कोतमा में कनई नदी के गहरीकरण एवम स्वच्छता का कार्य  जन अभियान परिषद की अगुवाई में चलाया गया। 
यह श्रमदान प्रत्येक विकासखंड में लगातार 15 दिनों तक चयनित नदियो में चलेगा।।ज्ञात हो कि माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा जल संसद कार्यक्रम के अयोजन में जनभागीदारी से नदियों को बचाने का आह्वान किया गया था।। पूरे प्रदेश में परिषद द्वारा 313 नदियो के पुनर्जीवन हेतु स्वेक्षिक श्रमदान किया जा रहा है। जन अभियान परिषद के ज़िला समन्वयक श्री उमेश पांडे ने आम जानो से अपील की है कि इस पवित्र कार्य मे भागीदार बन पारिस्थितिक तंत्र को सुदृढ़ कर जीवनदायिनी नदियो को उनका वास्तविक स्वच्छ एवं निर्मल स्वरूप प्राप्त करने मे सहयोग प्रदान करें।

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