| फीस बढ़ाने से पहले अशासकीय स्कूलों को कलेक्टर को देनी होगी सूचना |
| बाजार से किताबें खरीदने के लिये स्वतंत्र होंगे अभिभावक, अब बार-बार नहीं बदलेगा स्कूलों का ड्रेस कोड |
| अनुपपुर | 11-अप्रैल-2018 |
कमिश्नर शहडोल संभाग श्री रजनीश श्रीवास्तव की उपस्थिति में गत दिवस शहडोल संभाग के तीनों जिलों के अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक कमिश्नर कार्यालय के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास श्री जे.के.जैन, संयुक्त संचालक शिक्षा श्री सुखनंदन मरावी, संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में कमिश्नर ने निर्देश दिये कि शहडोल संभाग के सभी प्राईवेट शिक्षण संस्थाओं में बार-बार फीस नहीं बढ़ाई जाये, फीस बढ़ाना आवश्यक होने पर फीस बढ़ाने की सूचना संबंधित जिलों के जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को देना सुनिश्चित किया जाये। कमिश्नर ने यह भी निर्देश दिये हैं कि अशासकीय शैक्षणिक संस्थाएं विद्यार्थियों के अभिभावकों को किसी पर्टीकुलर दुकान से किताबें अथवा ड्रेस क्रय करने के लिये बाध्य नहीं करेंगें। छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को खुले बाजार से किताब, कापियां एवं ड्रेस क्रय करने के लिये स्वतंत्र रखेंगी। कमिश्नर ने यह भी निर्देश दिये हैं कि स्कूल बार-बार ड्रेस कोड नहीं बदलेंगे ताकि छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक क्षति उठानी पड़ें। कमिश्नर ने निर्देश दिये हैं कि सभी अशासकीय शिक्षण संस्थाएं अपने स्कूल के पोर्टल में स्कूल द्वारा की जा रही गतिविधियों एवं अन्य जानकारियों प्रदर्शित करेंगी। कमिश्नर यह भी निर्देश दिये हैं कि सभी अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं में शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप बच्चों के लिये पेयजल की व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था, बैठक व्यवस्था होना अनिवार्य है। कमिश्नर ने निर्देश दिये कि सभी प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि उनकी शालाओं में छात्र-छात्राओं के लिये आरओ एवं फिल्टर लगे होना चाहिए। कमिश्नर ने संयुक्त संचालक शिक्षा को निर्देश दिये हैं कि वे अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं में छात्र-छात्राओं को दी जा रही सुविधाओं की मॉनीटरिंग के लिये दल गठित करें यह दल निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा। बैठक में कमिश्नर ने निर्देश दिये कि अशासकीय स्कूलों द्वारा संचालित बसों में ड्रायवर, हेल्पर एवं कंडेक्टर के रिकार्ड पुलिस विभाग से सत्यापन के बाद ही रखना सुनिश्चित करें। कमिश्नर ने निर्देश दिये हैं कि खराब रिकार्ड वाले बसों के ड्रायवरों, हेल्परों, कंडेक्टरों को बसों के संचालन का दायित्व बिल्कुल नहीं सौपेंगें। कमिश्नर ने निर्देश दिये हैं कि स्कूल बसों में स्कूल का एक व्यक्ति अनिवार्यतः रहना चाहिए, बसों में व्यवस्थित बैठक व्यवस्था होना चाहिए तथा बसें अच्छी हालत में होना चाहिए। कमिश्नर ने सभी प्राचार्यों को निर्देश दिये हैं कि वे ऑटो में स्कूल आने वाले बच्चों की स्थिति को भी उनके अभिभावकों के संज्ञान में लायें तथा अभिभावकों को सलाह दें कि बच्चों को ऑटो में स्कूल भेजते समय यह सुनिश्चित करें कि ऑटो में बच्चों के लिये समुचित जगह उपलब्ध रहे। कमिश्नर का कहना था कि स्कूली बच्चे सहजता से स्कूल आये, इसकी जिम्मेदारी स्कूल के प्राचार्य की है। अगर ऑटो चालक बच्चों को मनमाने तौर से ऑटो में भरकर लाता है तो उसके विरूद्ध भी प्राचार्य कार्यवाही सुनिश्चित कराये। कमिश्नर ने निर्देशित करते हुये कहा कि प्राचार्य इसे अतिगंभीरता से देखें। कमिश्नर ने निर्देश दिये कि स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक योग्य शिक्षक हो तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराते हों, यह स्थिति सुनिश्चित करायें। कमिश्नर ने सभी अशासकीय स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देश दिये कि उनके स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों की सूची उनकी योग्यता के अनुसार अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारियों को तत्काल मुहैया करायें। बैठक में कमिश्नर ने निर्देश दिये कि शासन के द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप सभी अशासकीय शिक्षण संस्थाओं के पास खेल मैदान एवं लायब्रेरी आदि की सुविधा होना अति आवश्यक है। बैठक में कमिश्नर ने निर्देश दिये कि सभी अशासकीय शैक्षणिक संस्थाएं शिक्षा के अधिकार अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। बैठक में पुलिस उप महानिरीक्षक श्री आर.के.अरूशिया ने कहा कि हमारे लिये बच्चो की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होने कहा कि सभी प्राचार्य बसों की फिटनेस देखें तथा स्कूलों में संलग्न सभी बसों का इंश्योरेंश आवश्यक रूप से करायें। उन्होने प्राचार्यों को निर्देश दिये कि प्राचार्य समय-समय पर बसों की चेकिंग करें, उन्होने कहा कि ड्रायवर, कंडेक्टर चरित्रवान होना चाहिए तथा उनकी समुचित सूचना संबंधित क्षेत्र के थानेदारों को भी होना चाहिए। उन्होने कहा कि स्कूलों में बच्चों के साथ में अच्छा व्यवहार होना चाहिए, शिक्षक तथा अन्य स्टॉफ बच्चो साथ अच्छा व्यवहार करे। उन्होने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। बच्चें सुरक्षित रहें तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण करें यह हम सबकी जबाबदेही है।
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Wednesday, April 11, 2018
फीस बढ़ाने से पहले अशासकीय स्कूलों को कलेक्टर को देनी होगी सूचना
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