लोक अदालत में 43 लाख 56 हज़ार की राशि का हुआ अवार्ड
अनूपपुर 14 जुलाई 2018/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार 14 जुलाई को जिला मुख्यालय अनूपपुर एवं तहसील न्यायालय कोतमा व राजेन्द्रग्राम में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय में प्रातः 10:30 बजे जिला न्यायाधीश /अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुर श्री रवि कुमार नायक के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। उदघाटन अवसर पर जिला न्यायाधीश ने अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण आपसी सामंजस्य से सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में करने की बात कही।
लोक अदालत में 10 खंडपीठों का किया गया था गठन
उल्लेखनीय है कि लोक अदालत के लिये जिला न्यायालय अनूपपुर एवं तहसील न्यायालय कोतमा व राजेन्द्रग्राम में कुल 10 खण्डपीठों का गठन किया गया है। आयोजित लोक अदालत में दाण्डिक, शमनीय प्रकरण, चेक अनादरण प्रकरण, बैंक वसूली प्रकरण, मोटर दुर्घटना प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, सिविल प्रकरण एवं बिजली व पानी के बिल से संबंधित प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिला मुख्यालय अनूपपुर, तहसील कोतमा एवं राजेन्द्रग्राम में लंबित प्रकरणों में से 912 प्रकरणों को लोक अदालत मे रेफर किया गया, जिनमे से कुल 125 प्रकरणों का निराकरण हुआ। प्रीलिटिगेशन के 1289 प्रकरण लोक अदालत में प्रस्तुत हुए जिनमें से 27 प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से हुआ। आयोजित लोक अदालत में कुल 43 लाख 56 हज़ार की राशि अवार्ड हुई। आयोजित लोक अदालत मे सभी पक्षकारो ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा आपसी सुलह एवं सामंजस्य के आधार पर स्वस्थ वातावरण में आपसी राजीनामा की कार्यवाही करके पारस्परिक भाईचारा एवं सौहार्द का परिचय दिया तथा अपने-अपने प्रकरणों का राजीनामे के आधार पर निराकरण कराया। लोक अदालत मे न्यायालय के कर्मचारीगण, अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी, अधिवक्तागणों तथा पक्षकारगणों ने सहयोग प्रदान किया।
लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर अतिरिक्त जिला न्यायाधीश श्री महेश कुमार सैनी, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश श्री वारीन्द्र कुमार तिवारी, मुख्य न्यायिक मजिस्टेट श्री राजेश सिंह, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 श्रीमती ज्योति राजपूत, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीतेन्द्र मोहन धुर्वे, न्यायालय अधीक्षक श्री काम सिंह राणा, उपअधीक्षक जीतेन्द्र कुमार मिश्रा, सहित बड़ी संख्या में पक्षकारगण, अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे।
No comments:
Post a Comment