Tuesday, July 3, 2018

जिले में नवीन मध्य प्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति 2018 लागू

जिले में नवीन मध्य प्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति 2018 लागू 
 
अनुपपुर | 03-जुलाई-2018
 
   
    जिला अभियोजन अधिकारी राकेरू पाण्डेय ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन ने जिले में नवीन मध्य प्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति 2018 लागू किया है। जिसके तहत जिले में स्थित समस्त दण्ड न्यायालयों में (आपराधिक मुकदमों में) अभियोजन के संचालन का प्राथमिक दायित्व उपसंचालक अभियोजन का होगा और जिले में पदस्थ समस्त लोक अभियोजक, अतिरिक्त लोक अभियोजक, विशेष लोक अभियोजक तथा रेग्यूलर कैडर के जिला अभियोजन अधिकारी, अति. जिला अभियोजन अधिकारी, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, उप संचालक अभियोजन के अधीनस्थ होकर उनके सामान्य/विशेष पर्यवेक्षण, निरीक्षण, नियंत्रण, निर्देशन, मार्गदर्शन में काम करेंगे।
    उपसंचालक अभियोजन जिले के समस्त अभियोजकों के मध्य कार्य विभाजन एवं कार्यों की समीक्षा करेंगे।उप संचालक अभियोजन जिले में पदस्थ समस्त लोक अभियोजकों में से किसी की अनुपस्थिति एवं अवकाश की दशा में आपराधिक प्रकरणों के संचालन हेतु वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे। जिले में पदस्थ समस्त लोक अभियोजक अवकाश पर जाने के स्थिति में अवकाश स्वीकृत की सूचना उप संचालक अभियोजन को देंगे।
    मध्य प्रदेश शासन द्वारा रेग्यूलर कैडर के अभियोजन अधिकारियों को महत्वपूर्ण आपराधिक प्रकरणों जैसे, गंभीर एवं सनसनीखेज अपराध, पॉस्को, लोकायुक्त में पैरवी का अनन्य अधिकार दिया था जिसके परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश राज्य में दोषसिद्धि का प्रतिशत औसत रूप से ज्यादा बढ़ा है, जिसके महत्व को राज्य शासन ने मानते हुए जिले के आपराधिक मुकदमों की सम्पूर्ण कमान रैग्यूलर कैडर के उपसंचालक अभियोजन को सौंपा है।
    जिले में पदस्थ प्रभारी उप संचालक श्री रामनरेश गिरी, ने बताया है, कि नवीन मुकदमा नीति के अनुशरण में जिले में आपराधिक मामलों में संचालन एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति का गठन किया जा रहा है, जिसके अध्यक्ष जिला मजिस्ट्रेट (कलेक्टर जिला अनूपपुर) होंगे एवं सदस्य पुलिस अधीक्षक, उप संचालक अभियोजन एवं कलेक्टर द्वारा नामित डिप्टी कलेक्टर स्तर को कोई एक अधिकारी होगा। इस समिति के द्वारा उपसंचालक अभियोजन/डीपीओ जिले में आपराधिक प्रकरणों के नियंत्रण, समन्वयन, प्रबंधन तथा संचालन में जिला मजिस्ट्रेट की सहायता करेंगे। समिति प्रकरणों के समस्त श्रेणियों की प्रगति का पर्यवेक्षण तथा पुर्नविलोकन करेगी और अभियोजन संचालन में कदाचार एवं उपेक्षा करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करेगी। जिले में समस्त आपराधिक प्रकरणों के प्रभावी संचालन का उत्तरदायित्व इस कार्यालय को शासन द्वारा सौंपा गया है, अतः जिले के समस्त विभाग के सभी किस्म के आपराधिक प्रकरण इस कार्यालय के माध्यम से या जानकारी देते हुए माननीय न्यायालय में पेश करें। नवीन मुकदमा नीति के विरूद्ध कार्य पाए जाने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध उचित विधिक कार्यवाही हेतु संचालक, लोक अभियोजन, भोपाल (जो कि अंतिम रूप से सम्पूर्ण राज्य में आपराधि प्रकरणों मे सुचारू रूप अभियोजन संचालन के उत्तरदायी हैं) के माध्यम से संबंधित विभाग को लिखा जाएगा। 

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