Friday, March 16, 2018

(सफलता की कहानी) आजीविका समूह का साथ मिला तो मजदूरी करना छूट गया

(सफलता की कहानी) आजीविका समूह का साथ मिला तो मजदूरी करना छूट गया 
सफलतापूर्वक चल रही रामबाई की किराना दुकान एवं जनरल स्टोर्स, सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन का माध्यम बना आजीविका समूह 
अनुपपुर | 16-मार्च-2018
 
   
    ग्राम खोड़री, वेंकटनगर, विकासखंड जैतहरी के आदिवासी परिवार की रामबाई गोड़ एक आम गरीब परिवार की महिला की तरह घर में छोटी सी किराना दुकान और पति के साथ मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रही थी। स्व सहायता समूह में गरीब परिवार के सदस्य को जोड़कर उसके सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्धता म.प्र.दीनदयाल अन्त्योदय योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का प्रमुख उद्देश्य है। रामबाई भी स्व सहायता समूह से सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन के अभियान का एक हिस्सा बनी और ग्राम खोड़री में मुस्कान आजीविका स्व सहायता समूह के सदस्य के रूप में उसके जीवन की एक नई शुरूआत हुयी।
    स्वयं सहायता  के सदस्यों ने तय किया कि वे प्रति सप्ताह दस रू. जमा करेंगे एवं छोटी छोटी जरूरतो के लिए बचत की राशि से आंतरिक लेनदेन करगें। समूह गठन के तीन माह बाद समूह को पंद्रह हजार रू. चक्रीय कोष प्राप्त हुआ, जिससे वह पांच हजार रूपये लेकर अपनी किराना दुकान को बढाया  एवं निर्धारित किश्त अनुसार इसकी वापसी भी कर दी। छः माह बाद पुनः रामबाई ने समूह से पच्चीस हजार रूपये लेकर  किराना दुकान के साथ साथ  जनरल स्टोर्स एवं गल्ला खरीदी का काम भी शुरू कर दी, काम के विस्तार के साथ रामबाई के पति को भी काम मिला और दोनों मिलकर अपने व्यवसाय को संभालने लगे। तीनों आजीविका गतिविधियों से होने वाली आय से रामबाई ने समस्त ऋण राशि ब्याज सहित समूह को वापस कर दी। आज परिवार को प्रतिमाह बारह हजार रूपये की मासिक आमदनी हो रही है इनके दोनों बच्चे प्राइवेट स्कूल मे अच्छी शिक्षा ले रहे हैं।
    आदिवासी परिवार की गरीब परिवार की महिला जो कभी अपने परिवार की आजीविका के लिए मेहनत मजदूरी पर निर्भर भी आज अपने लगन एवं परिश्रम से अपना व्यवसाय सफलता पूर्वक चला रही है। अब राम बाई ने मजदूरी करना छोड़ दिया है और उसके पति भी, जो मजदूरी करते थे एवं खाली समय में यंहा वंहा बैठकर अपना समय बिताते थे  अब दोनों मिलकर अपनी दुकान चलाते हैं। स्वसहायता समूह मे जुड़कर राम बाई के जीवन में आये परिवर्तन से ग्राम के अन्य परिवार की महिलाओं को भी प्रेरणा मिली और वो भी स्व सहायता समूह से जुड़कर सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव के अभियान का हिस्सा बन गयी हैं, और सभी आजीविका मिशन को धन्यवाद दे रही हैं।

No comments:

Post a Comment

Featured Post

युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास

युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास नोडल अधिकारियों की बैठक में निर्वाचन दायित्वों की कलेक्टर ने की समीक्षा    ...

इस सप्ताह सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें