निर्वाचन व्यय निगरानी सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर दिलाने के लिए महत्वपूर्ण - डॉ आर पी तिवारी
अनूपपुर 18 सितम्बर 2018/ निर्वाचन प्रक्रिया में धन के उपयोग से निर्वाचन प्रक्रिया को दूषित करने से रोकने हेतु भारत निर्वाचन आयोग प्रतिबद्ध है। इसी हेतु निर्वाचन व्यय निगरानी समिति के गठन का प्रावधान है। उक्त बातें अपर कलेक्टर एवं उप ज़िला निर्वाचन अधिकारी अनूपपुर डॉ आर पी तिवारी ने आरसीवीपी नरोनहा प्रशासनिक अकादमी में निर्वाचन व्यय निगरानी की कार्यशाला में कहीं। आपने प्रदेश के समस्त जिलों से आए हुए नोडल अधिकारियों को निर्वाचन व्यय के सम्बंध में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951, निर्वाचनो के संचालन नियम 1961, आईपीसी की निर्वाचन सम्बंधी धाराओं, निर्वाचन व्यय की निगरानी हेतु गठित की जाने वाली समितियों एवं उनके कार्य, डीईओ, RO के दायित्व एवं भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय समय पर दिए गए निर्देशों, विभिन्न प्रारूपों में दी जाने वाली जानकारी, निर्वाचन व्यय सीमाओं आदि के बारे में विस्तार से बताया। उल्लेखनीय है कि डॉ तिवारी निर्वाचन प्रक्रियाओं के राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर हैं। कार्यशाला में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री वीएल कांताराव,आईजीपी मो. शाहिद अबसार, संचालक ECI श्री विक्रम बत्रा, संयुक्त सीईओ श्री राजेश क़ौल समेत प्रदेश के समस्त जिलो से आए हुए निर्वाचन व्यय निगरानी से सम्बंधित नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
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