अनूपपुर मे अब तक 154729 असंगठित श्रमिकों का हो चुका है पंजीयन
295953 आवेदन हुए हैं प्राप्त
अनूपपुर 9 मई 2018/ राज्य शासन के द्वारा प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का अभियान चलाकर पंजीयन किया जा रहा है। पंजीयन करने का उद्देश्य ऐसे श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है, जो योजनाओं के लाभ से वंचित रहे हैं। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीयन का कार्य ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत तथा शहरी क्षेत्र में वार्ड कार्यालय में चल रहा है। अनूपपुर ज़िले मे असंगठित श्रमिक के पंजीयन हेतु अब तक 295953 आवेदन प्राप्त जिनमे से 154729 आवेदनो का सत्यापन कर पंजीयन किया जा चुका है।
असंगठित श्रमिकों में कृषि मजदूर, लघु एवं सीमांत कृषक, घरेलू श्रमिक, फेरी लगाने वाले, दुग्ध श्रमिक, मछली पालन श्रमिक, पत्थर तोड़ने वाले, पर्क्की इंट बनाने वाले, गोदामों में काम करने वाले, मोटर परिवहन, हाथकरघा, पावरलूम, रंगाई-छपाई, सिलाई, अगरबत्ती बनाने वाले, चमड़े की वस्तुयें और जूते बनाने वाले चर्मकार, ऑटो- रिक्शा चालक, आटा, तेल, दाल तथा चावल मिलों में काम करने वाले, लकड़ी का काम करने वाले, बर्तन बनाने वाले, कारीगर, लुहार, बढ़ई फर्नीचर तथा माचिस एवं आतिशबाजी उद्योग में लगे श्रमिक, प्लास्टिक उद्योग, निजी सुरक्षा एजेंसी में काम करने वाले, कचरा बीनने वाले, सफाई कर्मी, हम्माल-तुलावटी, गृह उद्योग में नियोजित श्रमिक समेत अन्य श्रमिक भी शामिल हैं।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पंजीयन के उपरांत 200 रूपये मासिक फ्लैट रेट पर बिजली मिलेगी। गर्भवती श्रमिक महिलाओं को पोषण आहार के लिए 4 हजार रूपये। प्रसव होने पर महिला के खाते में 12 हजार 500 रूपये जमा किये जायेंगे। घर के मुखिया श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर परिवार को दो लाख रूपये तथा दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रूपये की सहायता मिलेगी। हर भूमिहीन श्रमिक को भूखंड या मकान मिलेगा। स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराये जायेंगे। साईकिल- रिक्शा चलाने वालों को ई- रिक्शा और हाथठेला चलाने वालों को ई- लोडर का मालिक बनाने की पहल की जायेगी। बैंक ऋण की सुविधा 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ 30 हजार रूपये की सब्सिडी दी जायेगी। श्रमिकों को मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिए पंचायत नगरीय निकाय से 5 हजार रूपये की नकद सहायता मिलेगी। श्रमिकों के कल्याण की और भी अनेक योजनायें क्रियान्वित की जा रही हैं।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पंजीयन के उपरांत 200 रूपये मासिक फ्लैट रेट पर बिजली मिलेगी। गर्भवती श्रमिक महिलाओं को पोषण आहार के लिए 4 हजार रूपये। प्रसव होने पर महिला के खाते में 12 हजार 500 रूपये जमा किये जायेंगे। घर के मुखिया श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर परिवार को दो लाख रूपये तथा दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रूपये की सहायता मिलेगी। हर भूमिहीन श्रमिक को भूखंड या मकान मिलेगा। स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराये जायेंगे। साईकिल- रिक्शा चलाने वालों को ई- रिक्शा और हाथठेला चलाने वालों को ई- लोडर का मालिक बनाने की पहल की जायेगी। बैंक ऋण की सुविधा 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ 30 हजार रूपये की सब्सिडी दी जायेगी। श्रमिकों को मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिए पंचायत नगरीय निकाय से 5 हजार रूपये की नकद सहायता मिलेगी। श्रमिकों के कल्याण की और भी अनेक योजनायें क्रियान्वित की जा रही हैं।

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