सफलता की कहानी
शासकीय योजनाओ तथा सकारात्मक एवं विकासपरक सोच का उन्नत
सम्मिश्रण हो तो परिणाम निकल जाते हैं सोच से आगे
अनूपपुर 05 अप्रैल 2018/ शासन द्वारा क्रियान्वित जनहितकारी
योजनाओ से आजीविका संवर्धन मे हितग्राही की सकारात्मक एवं विकासपरक सोच एक अत्यंत
महत्वपूर्ण घटक है। अगर दोनों का उन्नत सम्मिश्रण हो जाए तो परिणाम सोच से भी आगे
निकल जाते हैं। इसी का उदाहरण हैं विकासखंड जैतहरी के ग्राम खूंटाटोला के निवासी
श्री गोपद सिंह। खूंटाटोला ग्राम मे पानी का संकट बना रहता था। पानी की अनुपलब्धता
के कारण विकास मे अदृश्य बेड़ियाँ प्रतीत हो रही थी। इन बेड़ियों को तोड़ कर विकास की
राह मे जाने की इच्छा थी गोपद को, और इसी विकासपरक सोच के साथ उसने अपने ग्राम के
सचिव एवं सरपंच से चर्चा की। उनके द्वारा गोपद को पंचायत एवं ग्रामीण विकास द्वारा
क्रियान्वित कपिल धारा कूप योजना के बारे मे बताया गया। गोपद द्वारा निर्धारित
प्रपत्र मे आवेदन दिया गया इसके पश्चात गोपद को कूप निर्माण के लिए महात्मागांधी
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजनान्तर्गत सिंचाई के स्थायी स्त्रोत हेतु
कपिलधारा कूप सह खेत तालाब उपयोजना के माध्यम से 2 लाख रुपये प्राप्त हुए।
गोपद
ने स्वयं की मेहनत एवं योजना द्वारा प्रदत्त पूंजी का उपयोग कर एक अतिसुन्दर कूप
का निर्माण किया जिसमे भरपूर पानी की भी प्राप्ति हुई। जिसके फलस्वरूप वे न केवल
अपनी बल्कि आस पास के पड़ोसियों की रोज़मर्रा की पानी की ज़रूरतें पूरा कर रहे हैं, साथ ही सब्जी की खेती कर अच्छी आय भी ले रहे हैं। गोपद
बताते हैं कि सब्जी उत्पादन से वे महीने मे औसतन 4 से 5 हजार की कमाई कर लेते हैं।
गोपद के कुए का नाम फैला एवं उनकी बगिया को देखने आयुक्त शहडोल संभाग श्री रजनीश
श्रीवास्तव आए। श्री श्रीवास्तव गोपद से मिले और बाग एवं कुए को देखा आपने गोपद की
लगन एवं सोच की सराहना की। साथ ही सदैव विकास की सोच रखने वाले गोपद को तकनीकी एवं
अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को दिये
ताकि उत्पादन मे वृद्धि होकर आय मे और वृद्धि हो। जो कि गोपद को क्षेत्र मे विकास
का जीवंत पर्याय बनाए। गोपद बोलते हैं शासन के सहयोग के कारण ही आज वो एक अच्छा
जीवन व्यतीत कर रहे हैं आपने यह भी कहा कि ऐसे ही लगातार मेहनत करके वे अपने
व्यवसाय को ऊचाइयों तक ले जाएगे। गोपद ने शासन की योजना एवं विभागीय अधिकारियों को
धन्यवाद दिया।

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