| महिलाएं परिवार के साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें - राज्यपाल श्रीमती पटेल |
| अनुपपुर | 13-मार्च-2018 |
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि महिलाएं परिवार के साथ-साथ अपने स्वास्थ पर भी ध्यान दें। श्रीमती पटेल ने कहा कि महिलाएं अपनी शारीरिक समस्याओ को कभी भी न छिपाएं, तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें। राज्यपाल ने कहा कि 40 वर्ष की उम्र के बाद सभी महिलाएं समय-समय पर अपना स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराएं। उन्होने केन्द्र सरकार की मातृ वंदना योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह योजना गर्भवती महिलाओं की बेहतरी के लिए बनाई गई है। इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रूपए की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी। राज्यपाल ने कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों से कहा कि वे महिलाओं के खान-पान का विशेष ख्याल रखें। गर्भवती महिला आंगनबाडी केन्द्र के माध्यम से मिलने वाले पोषण आहार को अवश्य ग्रहण करें।
राज्यपाल ने ग्रामीणों से कहा कि सभी माता-पिता समय निकालकर बच्चों के स्कूल में जाकर शिक्षकों से मिलें एवं अपने बच्चों के शैक्षणिक स्तर तथा अन्य गतिविधियों एवं प्रतिभा के बारे में जानकारी लें। उन्होने कहा कि पढ़ाई केवल नौकरी पाने के लिए नहीं की जाती, अपितु पढ़ाई से जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। श्रीमती पटेल ने कहा कि सभी माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करें। यदि हमारे बच्चे अच्छे से पढ़-लिखकर आगे बढेगें, तो एक दिन पूरे विश्व में भारत का नाम रौशन करेंगे और एक समय ऐसा आएगा कि विश्व में भारत ही भारत दिखाई देगा। उन्होने बच्चों से कहा कि अपनी पढ़ाई के लिए कहीं बाहर भी जाना पडे तो वे बाहर जाने में संकोच न करे। राज्यपाल ने कहा कि पढ़ाई केवल नौकरी के लिए नहीं होती है, पढ़ाई से हम अपने विचारों तथा जीवन को बेहतर बना सकते हैं। उन्होने कहा कि शासन की योजना का लाभ सभी को बराबर मिलना चाहिए। यह जिम्मेदारी केवल अधिकारियों की नहीं है, बल्कि समाज के पढ़े-लिखे लोगों की भी जिम्मेदारी है। राज्यपाल ने ग्रामीणों से कहा कि गर्भपात कराना गलत है। उन्होंने समाझाया कि आज के युग में बेटा और बेटी बराबर हैं। बेटा और बेटी में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। दोनों को बराबर समझना चाहिए। श्रीमती पटेल ने कहा कि बेटियां लक्ष्मी के समान है। इसलिए गर्भ परीक्षण कर बेटी होने की संभावना होने पर गर्भपात कराना गलत है, पाप के समान है। उन्होने म.प्र.शासन की लाडली लक्ष्मी योजना की जानकारी देते हुए बताया कि माता-पिता बेटियों को भार न समझें। इसलिए लाडली लक्ष्मी योजना प्रारंभ की गई है। उन्होने इस योजना का लाभ उठाने की अपील की। बेटियों की पढ़ाई न छुडाएं - श्रीमती पटेल ने सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के वासियों को समझाईश दी की यदि बेटियों का स्कूल दूर है, तो भी बेटियों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजें। दूरी की वजह से बेटियों की पढ़ाई न छुडाएं। उन्होने अपना उदहारण देते हुए बताया कि उनका स्कूल उनके घर से 8 कि.मी. दूर था। स्कूल दूर होने के बावजूद उन्होने पढ़ाई जारी रखी। वे प्रतिदिन पढ़ाई के लिए 16 कि.मी. की दूरी तय करती थीं। श्रीमती पटेल ने ग्राम पगारा के बारे में महिलाओं एवं ग्रामीणों से जानकारी ली। ग्रामीणों ने उन्हें गांव की समस्याओं से अवगत कराया। गांव की एक महिला ने बताया कि गांव में पानी की टंकी की जरूरत है। राज्यपाल ने पानी की टंकी का निर्माण शीघ्र कराने के निर्देश दिए। ग्राम पगारा में आयोजित कार्यक्रम में शासकीय हाईस्कूल सिंगानामा की छात्राओं ने लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। |
Tuesday, March 13, 2018
महिलाएं परिवार के साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें - राज्यपाल श्रीमती पटेल
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