| वाटर कन्वरजेंश करें तो जल की समस्या का निदान किया जा सकता है - श्री नितिन गडकरी जल संसाधन मंत्री |
| 15 जुलाई को म.प्र. में 7 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे और 313 नदियों के पुर्नजीवन पर कार्य किया जाएगा - मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, पंचम नदी महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री चौहान एवं केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने किया |
| अनुपपुर | 17-मार्च-2018 |
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नदी संरक्षण के लिए नर्मदा सेवा यात्रा निकाली गई थी। यह यात्रा 5 माह 5 दिन चली और इस यात्रा से लोगो में नदी संरक्षण के प्रति एक चेतना का भाव जागृत हुआ। जुलाई माह में 6 करोड 63 लाख पौधे लगाए गए जिसमें से 80 प्रतिशत पौधे जीवित है। श्री चौहान ने कहा कि आगामी 15 जुलाई को पुनरू 7 करोड पौधे लगाए जाएंगे और हमने संकल्प लिया है कि प्रदेश की 313 नदियों पर कार्य कर श्रमदान कर उसे पुर्नजीवित किया जाएगा। हमारे लिये तालाब भी महत्वपूर्ण है तो तालाब के पुर्नजीवन पर भी कार्य किया जाएगा। नर्मदा किनारे के 20 जिलो मे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। कुछ जिलो में इसका कार्य भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा में जल की धारा बढेगी। इसकी कार्य योजना बनाई जाएगी। नर्मदा के किनारे के गांव में मुक्तिधाम, पूजन कुंड एवं उस क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है। वो हर संभव प्रयास किये जा रहे है जिससे जल की धारा बढ सके व प्रवाहित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी समस्या दूसरी किस्म की है हमारे प्रदेश में गेहुं, चना, उडद, प्याज, लहसुन का बंपर उत्पादन हुआ है। इन उत्पादनों को खपाने एवं रखने की समस्या है। इसके लिए हमने उद्यानिकी विभाग के साथ मिलकर कार्य योजना बनाई है अब किसानों के बच्चे आलू से चिप्स, टमाटर से प्यूरी बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक खेती का अभियान नर्मदा के तट क्षेत्र पर शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नदी महोत्सव में जो भी चिंतन एवं विमर्श प्रतिभागियों द्वारा किया जाएगा उसे आगे बढाने का प्रयास किया जाएगा। इसके पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री अनिल माधव दवे द्वारा लिखित पुस्तक नर्मदा परिक्रमा मार्ग का विमोचन किया। सतगुरू श्री जग्गी वासुदेव द्वारा नदी महोत्सव के आयोजन पर दिए गए संदेश का प्रसारण किया गया। जिसमें उन्होने नदी महोत्सव के लिए सभी को शुभकामनाएं भेजी थीं। कार्यक्रम से पूर्व मुख्य अतिथिगणों को उत्तरीय एवं श्री अनिल माधव दवे द्वारा लिखित पुस्तक भेट की गई। सरकार्यवाहक श्री सुरेश सोनी ने कहा कि दुनिया भर में नर्मदा नदी एवं सहायक नदियों को लेकर एक चिंतन चल रहा है। हमारी समस्या यह है कि हमने जल, जंगल, जमीन एवं जानवर को महत्व देना कम कर दिया है। हमारी चिंतन की धारा भारतीय ना होकर पश्चिमी हो गई है। प्रारंभ से ही मनुष्य को कहा गया कि विश्व में जो कुछ भी है वो सब तेरा है। मनुष्य के पास पहले चिंतन था, दर्शन था किंतु ताकत नहीं थीं। आज मनुष्य के हाथ में ताकत है। उन्होने का कि हवा पानी, प्राणी एवं वनस्पति की एक दुनिया है। हमने प्राणी एवं वनस्पति की दुनिया को घर की ड्राइंग रूम में लगे पेंटिंक तक में सीमित कर दिया है। जीवन का अस्तित्व रहे कैसे इस पर हमें चिंतन करना होगा। उन्होने राजस्थान के जैसलमेर का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 700 वर्ष पूर्व ही तालाब के पानी के संरक्षण के लिए कार्य शुरू कर दिया गया था। हम तकनीकी का उपयोग कर नदियों को पुर्नजीवन दे सकते है। नदी जब एक स्त्रोत तक बहने लगे तब नदी का जीवन है। स्वामी परमात्मानंद जी ने कहा कि जल का संरक्षण हो। हमारी मूल समस्या यह है कि हम सृष्टि को अपने सुख का साधन समझते है। यदि हम जल एवं सृष्टि को भोग का नहीं अपितु पूज्य मानेगे तभी जल का संरक्षण हो सकेगा और तभी हम पर्यावरण की रक्षा कर सकेगे। उन्होने कहा कि म.प्र. सरकार सामाजिक चेतना को उजागर करने का कार्य कर रही है। ऐसा कार्य किसी अन्य प्रदेश में नहीं हुआ है। विधायक बैरसिया एवं समग्र नर्मदा के न्यासी श्री विष्णु खत्री ने कहा कि विश्व में जितनी भी सभ्यताओं का विकास हुआ है वो सब सभ्यताएं नदी के किनारे विकसित हुई है। हम नदियों की स्तुति मां के रूप में करते है। उन्होने बताया कि प्रथम नदी महोत्सव बांद्राभान में 2008 में हुआ था। द्वितीय 2010 में, तृतीय 2013 में, चतुर्थ नदी महोत्सव 2015 में हुआ था। इन सभी नदी महोत्सव में नदी संरक्षण अभियान से जुडे हर वर्ग के लोगों ने अपनी सहभागिता निभाई थी। पंचम नदी महोत्सव के कार्यक्रम में सांसद श्री राव उदय प्रताप सिंह, भाजपा के उपाध्यक्ष श्री बृजेश लुनावत, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री राघवेन्द्र गौतम, श्री प्रदीप पाण्डे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री कुशल पटेल, विधायक सिवनीमालवा श्री सरताज सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री हरिशंकर जायसवाल एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे। |
Saturday, March 17, 2018
वाटर कन्वरजेंश करें तो जल की समस्या का निदान किया जा सकता है - श्री नितिन गडकरी जल संसाधन मंत्री
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