Thursday, March 15, 2018

अधिकारों के संरक्षण के साथ साथ उपभोक्ता की समृद्धि है शासन का लक्ष्य- अपर कलेक्टर

अधिकारों के संरक्षण के साथ साथ उपभोक्ता की समृद्धि है शासन का लक्ष्य- अपर कलेक्टर 
विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर अनूपपुर कलेक्ट्रेट मे आयोजित की गयी कार्यशाला 
अनुपपुर | 15-मार्च-2018
 
 
   विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर कलेक्ट्रेट सभागार मे कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे अपर कलेक्टर डॉ. आर.पी. तिवारी ने कहा उपभोक्ता के अधिकारों के संरक्षण के साथ साथ उपभोक्ता की समृद्धि एवं खुशहाली शासन का लक्ष्य है। उपभोक्ता का हित सदैव सर्वोपरि है और रहेगा, इसी ध्येय को पुनः याद करने एवं उपभोक्ताओं को उनके हितो और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए यह दिवस हर साल मनाया जाता है एवं इस कार्यशाला को आयोजित करने का यही लक्ष्य है। कार्यशाला का शुभारंभ अपर कलेक्टर डॉ. आर. पी. तिवारी, उपभोक्ता फोरम के सदस्य श्रीमती दुर्गा पवार, श्री अरुण प्रताप सिंह, जिला खाद्य अधिकारी श्री विपिन पटेल द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
   उपभोक्ता फोरम के सदस्य श्री अरुण प्रताप सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए बताया कि अपने अधिकारो को सुनिश्चित करने के लिए अपने अधिकारों की पूरी जानकारी होना भी आवश्यक है। आपने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के बारे मे बताते हुए कहा कि वह व्यक्ति जो अपने उपयोग के लिए समान अथवा सेवा का क्रय करता है वह उपभोक्ता है, उसे सुरक्षा, जानकारी, चुनाव,सुनवाई, क्षतिपूर्ति एवं उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार है। आपने समान खरीदते समय की जाने वाली सावधानियों के बारे मे बताते हुए कहा तौल के कांटे  एलेक्ट्रोनिक कांटे को सावधानी से देखे, नापतौल विभाग की प्रमाण की सील का निरीक्षण करें, खरीदी वस्तुओं की सील ध्यान से देखे, समान की एक्सपायरी डेट का बारीकी से निरीक्षण करें, वस्तुएँ खरीदते समय उनके स्टैंडर्ड के अनुरूप आईएसआई, एफएसएसएआई आदि का निरीक्षण करना न भूले। सेवाओं, सामानो के संबंध मे असंतुष्टि होने पर शिकायत करने की प्रक्रिया मे जानकारी देते हुए आपने कहा खरीदे गए समान मे खराबी होने, सेवाओं के स्तर मे कमी होने, मूल्य संबंधी अनियमितताओं, अनुचित, प्रतिबंधात्मक तकनीकी से हुई हानि आदि के संबंध मे उपभोक्ता द्वारा शिकायत की जा सकती है। शिकायत करने के लिए उपभोक्ता सादे कागज में शिकायत का विवरण, समय, स्थान, आरोप के संबंध मे दस्तावेज के साथ नाममात्र के न्यायालय शुल्क देने पर अगर मांग 20 लाख से कम है, तो जिला फोरम मे 20 लाख से 1 करोड़ तक के दावों मे राज्य आयोग एवं 1 करोड़ से अधिक के दावों मे राष्ट्रीय आयोग के समक्ष कर सकता है। आपने यह भी बताया कि शिकायत दर्ज करने के लिए वकील की भी आवश्यकता नहीं है।
   राहत के बारे में जानकारी देते हुए उपभोक्ता फोरम की सदस्य श्रीमती दुर्गा पवार ने बताया कि सामान मे खराबी को हटाने से लेकर, समान का बदलाव, राशि की वापसी, हानि अथवा चोट कि क्षतिपूर्ति, न्यायालय वाद व्यय भी इस माध्यम से प्रदाय किया जाता है।
   जिला आपूर्ति अधिकारी श्री विपिन पटेल ने मानक उत्पादो की पहचान, पैकेज मे राखी वस्तुओं पर अनिवार्यतः उपलब्ध जानकारियों एवं अधिकतम खुदरा मूल्य के संबंध मे जानकारी दी। आपने बताया अधिकतम खुदरा मूल्य सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य नहीं है उपभोक्ता इस पर मोलभाव कर सकते है।
 
   कार्यशाला मे अपर कलेक्टर डॉ. आर.पी. तिवारी, उपभोक्ता फोरम के सदस्य श्रीमती दुर्गा पवार, श्री अरुण प्रताप सिंह, जिला खाद्य अधिकारी श्री विपिन पटेल, सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री योगेंद्र तिवारी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री प्रदीप द्विवेदी, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबन्धक विख्यात हिंडोलिया, अधिवक्ता श्री हनुमानशरण तिवारी, श्री उमेश राय सहित सहकारी समिति प्रबन्धक, विभागीय अधिकारी, व्यापारी वर्ग एवं जिले के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। कार्यशाला के आयोजन मे खाद्य विभाग के श्री अशोक अग्रवाल ने विशेष भूमिका निभाई।

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