| देशी चिकित्सा पद्धतियों को बचाना जरूरी - मुख्यमंत्री श्री चौहान |
| गैर ऐलोपैथिक पद्धतियों के लिये दो वर्षीय डिप्लोमा, एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स की घोषणा, जन-स्वास्थ्य संवर्धन बोर्ड बनेगा; स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में गठित होगी समिति |
| अनुपपुर | 05-सितम्बर-2018 |
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास में गैर ऐलोपैथिक चिकित्सकों की मध्यप्रदेश निजि चिकित्सक महापंचायत 2018 को संबोधित करते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग के माध्यम से उनके लिये दो वर्षीय डिप्लोमा और एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की घोषणा की। साथ ही जन-स्वास्थ्य संवर्धन बोर्ड बनाने एवं स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में समिति गठित करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जन स्वास्थ्य संवर्धन बोर्ड गैर ऐलोपैथिक चिकित्सकों की समस्याओं का समाधान करेगा। गैर ऐलोपैथिक चिकित्सक पैरा मेडिकल काउंसिल में पंजीयन करायेंगे। उन्होने कहा कि उन्हें ऐलोपैथी पर्चा लिखने के लिये अधिकृत करने पर भी विचार किया जायेगा। लोक स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जायेगी। यह समिति इन चिकित्सकों के पेशे को और सम्मानजनक बनाने संबंधी सुझाव देगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके हित में नियमानुसार जो कुछ भी किया जा सकता है, वह किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि गैर ऐलोपैथी चिकित्सा पद्धतियों के लिये वैधानिक फ्रेम तैयार किया जाना चाहिये। चिकित्सकों की कमी को देखते हुए लोकहित में गैर ऐलोपैथिक चिकित्सकों का उपयोग पर विचार किया जाना चाहिये। श्री चौहान ने कहा कि देशी चिकित्सा पद्धतियों का अपना महत्व है, इन्हें बचाये रखना चाहिये। देशी चिकत्सा पद्धति सम्पूर्णता के साथ उपचार करती है। उन्होंने कहा कि कालांतर में एलौपैथी का प्रचलन बढता चला गया। इस पैथी में अनुसंधान होने के कारण इसकी प्रगति होते रही। देशी चिकित्सा पद्धतियां इसके मुकाबले पिछड़ती गई। इसमें भी शोध को बढ़ावा देकर और ज्यादा प्रभावी तथा उपयोगी बनाने के प्रयास होना चाहिये। श्री चौहान ने कहा कि आम लोगों का चिकित्सकों पर अटूट विश्वास रहता है। नया मध्यप्रदेश बनाने में गैर एलोपैथिक चिकित्सकों का योगदान महत्वपूर्ण है। प्रदेश की चिकित्सा सेवाओं को और ज्यादा सुदृढ बनाने में भी गैर एलोपैथिक चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री रूस्तम सिंह, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा सेवा श्री आर एस जुलानिया, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य श्रीमती गौरी सिंह और बडी संख्या में गैर ऐलोपैथिक चिकित्सक उपस्थित थे। |
Wednesday, September 5, 2018
देशी चिकित्सा पद्धतियों को बचाना जरूरी - मुख्यमंत्री श्री चौहान
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