सफलता की कहानी
आजीविका के सहयोग से रितेश की बेरोज़गारी हुई दूर
अपने आप पर रखे भरोसा रोज़गार देने वाले बने
अनूपपुर 28 अगस्त 2018/ जब कोई बच्चा बड़ा होता है तो अपने मन में बहुत से स्वप्न रखता है वो सोचता है मैं बड़ा होकर अपने माँ पिता को बेहतर जीवन दूँ। इस हेतु वह कठिन से कठिन प्रयास करने से भी नही घबराता मेहनत करने से पीछे नही हटता। ऐसा ही स्वप्न नगरपालिका अनूपपुर के निवासी रितेश खंडेलवाल ने भी देखा था। परंतु स्वप्न और हक़ीक़त के अंतर से मुलाक़ात होने में शायद कुछ जल्दी हो गयी। रितेश परेशान रहने लगे जब उन्हें समझ में आया मेहनत के साथ पूँजी भी विकास की राह में अति आवश्यक है। अच्छी सोच के साथ संसाधनों का होना भी उतना ही आवश्यक है। रितेश ने मेहनत तो कि परंतु स्थायित्व के अभाव में अक्सर ही नई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। क्षेत्र में सक्रिय दीनदयाल अन्त्योदय शहरी आजीविका मिशन कार्यकर्ताओं ने जब रितेश की ऊर्जा को देखा तो उन्होंने उन्हें मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना के बारे में बताया। रितेश की तो जैसे बिन माँगे ही मुराद पूरी हो गयी। रितेश को मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना के तहत 2 लाख रुपए का ऋण जिसमें 40 हज़ार का अनुदान था प्राप्त हुआ। रितेश ने उन पैसों से जुते चप्पल की दुकान खोली। आज वो पूरी मेहनत से व्यवसाय को सुचारू रूप से चला रहे हैं। रितेश कहते हैं वो बहुत बड़े व्यापारी तो नही हैं परंतु शासन के सहयोग ने उस राह की सम्भावनाओं को पैदा कर दिया है। वे इसी प्रकार मेहनत कर उस मुक़ाम को ज़रूर हासिल करेंगे। आप ज़िले के युवाओं को सलाह देते हैं कि अब किसी को रोज़गार के लिए भटकने की ज़रूरत नही है। अपने आप पे भरोसा रखे और रोज़गार देने वाले बने शासन आपके साथ है।
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