सफलता की कहानी
लक्ष्मी को दिलाया कल्याणी आर्थिक सहायता का लाभ
कल्याणी सहायता हेतु बीपीएल की बाध्यता नहीं
अनुपपुर 10 जून 2018/ समाज मे विधवा महिलाओं का जीवन कठिन होता है। भविष्य की जिम्मेदारियों का निर्वहन करना एक चुनौती होता है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा विधवा महिलाओं को उक्त समस्याओं से आगे निकालने एवं विधवा महिलाओं को सम्मानजनक संबोधन तथा आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिये मुख्यमंत्री कल्याणी सहायता योजना आरंभ की गयी है। अब ऐसी महिलाएँ, जिनके पति की मृत्यु हो गई है, उनके लिये शासकीय कार्यों और अभिलेखों में विधवा के स्थान पर कल्याणी शब्द का उपयोग किया जायेगा। साथ ही, 18 से 79 वर्ष तक की विधवा महिला को प्रति माह 300 रुपये और 80 वर्ष से अधिक आयु होने पर प्रति माह 500 रुपये की पेंशन दी जायेगी। इसके लिये बीपीएल की बाध्यता नहीं है। राज्य सरकार कल्याणी विवाह प्रोत्साहन के लिये 2 लाख रुपये प्रोत्साहन स्वरूप भी प्रदान करेगी।
ग्राम पंचायत पटना की निवासी लक्ष्मी को जो कि अपने पति को खो चुकी है। लेकिन गरीबी रेखा से थोड़े ऊपर हैं को अब तक आर्थिक सहायता का लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा था। योजना मे किए गए सराहनीय परिवर्तन के फलस्वरूप अब उन्हे भी आर्थिक आधार प्राप्त हो गया है। कलेक्टर श्रीमती अनुग्रह पी द्वारा लक्ष्मी को प्रदान किए जाने वाले लाभ की स्वीकृति की कार्यवाही कराई गयी। साथ ही कलेक्टर ने योजना मे हुए इस आशय के परिवर्तन का व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिये हैं ताकि समस्त कल्याणीयों को आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा सके। आपने यह भी कहा कि ऐसे मामलों के आवेदन की शुरुआत ग्राम पंचायत स्तर से की जा सकती है, इसके लिए कहीं भी भटकने की आवश्यकता नहीं है। आपने सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायकों को निर्देश दिये कि स्वप्रेरणा से ऐसे मामलो मे आवेदन की कार्यवाही पूर्ण कर सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्यवाही पूर्ण करे। लक्ष्मी ने स्वीकृति मिलने के पश्चात शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन ने हमारी पीड़ा को समझा है। अब हम निराधार नहीं हैं, शासन हमारे साथ है। विपरीत परिस्थितियों मे जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए सहारा प्राप्त हुआ है।

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