| मध्यप्रदेश ने आदर्श उपार्जन का बनाया रिकॉर्ड |
| मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उपार्जन से जुड़े अधिकारियों की टीम को दी बधाई, उपार्जन व्यवस्था का मार्गदर्शी दस्तावेज तैयार होगा |
| अनुपपुर | 22-जून-2018 |
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में फसलों का उपार्जन अभूतपूर्व सफलता के साथ पूरा करने क़े लिए आज मंत्रालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों को बधाई दी। श्री चौहान ने कहा कि गेहूँ, धान, चना, मूंग, सरसों की खरीदी करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। इसी बीच कई बड़े निर्णय लेना पड़े और कई कठिनाईयां भी आई। विषम परिस्थितियों के बावजूद सफल और शांतिपूर्ण उपार्जन मध्यप्रदेश के लिये बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए उपार्जन से जुड़ी पूरी टीम की जितनी तारीफ की जाए कम है। सभी संबंधित विभागों ने रात-दिन मेहनत कर उपार्जन के काम को आदर्श स्थिति में लाने का सराहनीय काम किया है। यह सभी विभागों, एजेंसियों, किसानों के समन्वित प्रयासों से संभव हुआ।
श्री चौहान ने प्रदेश में स्थापित आदर्श उपार्जन की व्यवस्था का व्यवस्थित अध्ययन करने और एक मार्गदर्शी दस्तावेज़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्य भी मध्य प्रदेश की आदर्श उपार्जन व्यवस्था से प्रभावित है और जानना चाहते है कि सफल उपार्जन की रणनीति जैसे बनती है। श्री चौहान ने कहा कि उपार्जन से जुड़ी संस्थाओं और किसानों का सहयोग और आपसी समन्वय हर स्तर पर सराहनीय रहा है। श्री चौहान ने मंडी, एन.आई.सी., एफ.सी.आई, नाफेड, सहकारी एवं सरकारी बैंको, आर.बी.आई., रेलवे, वित्त विभाग, सहकारिता, वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन, नागरिक आपूर्ति निगम, खाद्य विभाग, मार्कफेड के अधिकारियों और मैदानी अमले को बधाई दी। उन्होंने प्रशंसा प्रमाणपत्र देने के लिए भी कहा।
जिलों की मार्केटिंग योजना बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में कृषि उपज की मार्केटिंग के लिये कार्य योजना बनाने पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उपार्जन की व्यवस्था को और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिये सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के संबंध में विशेषज्ञों की कार्यशाला भी बुलाई जाना चाहिये। इसके अलावा किसानों की आय को दोगुनी करने के लिये बेहतर उपायों पर निरंतर विचार विमर्श चलते रहना चाहिये। श्री चौहान ने बिहार और केरल में उपार्जन व्यवस्था का भी अध्ययन करने के निर्देश दिये।
किसानों को मिले 19 हजार 500 करोड़
उल्लेखनीय है कि रबी वर्ष 2018-19 में 96 लाख किसानों से 73.13 लाख मीट्रिक टन गेहूँ और 7.33 लाख किसानों से 19.2 लाख मीट्रिक टन चना, मसूर और सरसों का रिकॉर्ड उपार्जन किया गया है। किसानों को 19 हजार 500 करोड़ रूपये की राशि वितरित की गई है।इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव खाद्य श्रीमती नीलम शमी राव, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव श्री विवेक अग्रवाल, मंडी आयुक्त श्री फैज अहमद किदवई, भारतीय खाद्य निगम के श्री अभिषेक यादव, नाफेड के श्री अभिषेक सिंह, एनआईसी के अब्राहिम वर्गिस एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। |
Friday, June 22, 2018
मध्यप्रदेश ने आदर्श उपार्जन का बनाया रिकॉर्ड
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