| संस्कारवान और समयानुकूल शिक्षा-शिक्षण के लिये शोध कार्य आवश्यक |
| मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा विद्या भारती शोध संस्थान का भूमि-पूजन |
| अनुपपुर | 19-अप्रैल-2018 |
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संस्कारवान और समयानुकूल शिक्षा-शिक्षण के लिये शोध कार्य आवश्यक है। शिक्षा के उद्देश्यों, ज्ञान, कौशल और नागरिक संस्कार देने के लिये निरंतर अनुसंधान किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक शिक्षा के साथ व्यवहारिक शिक्षा भी जरूरी है। आजीविका को भी शिक्षा से जोड़ने के प्रयास समय की जरूरत है। श्री चौहान आज विद्या भारती मध्यक्षेत्र के प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान और आजीविका का माध्यम नहीं है। संस्कारवान नागरिक तैयार करना भी शिक्षा की जिम्मेदारी है। अपने लिये नहीं, देश के लिये जीने वाले संस्कारयुक्त नागरिकों को तैयार करने में विद्या भारती के प्रयासों का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में भी विद्या भारती के संस्थान अच्छी शिक्षा देते हैं। संस्थान के विद्यालयों, शिक्षा की गुणवत्ता की सराहना करते हुये श्री चौहान ने कहा कि विद्या भारती, समाज धारित और पोषित संस्थान है। सहयोग में मात्रा नहीं, श्रद्धा और सहयोग भाव महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने रामचरित्र मानस के प्रसंग के उल्लेख में बताया कि सेतु बांध के निर्माण में महावीर वानरों के साथ ही रेत के कुछ कण लाने वाली गिलहरी के सहयोग को भी भगवान श्रीराम ने बहुत महत्वपूर्ण बताया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष, विद्या भारती शिक्षा संस्थान श्री गोविंद शर्मा ने कहा कि विद्या भारती हर क्षेत्र के पहुँच और साधन विहीन क्षेत्रों में उच्चतर माध्यमिक स्तर तक शिक्षा देने का कार्य कर रही है। अगले शिक्षा सत्र से महाविद्यालयीन शिक्षा का कार्य भी संस्थान द्वारा प्रारंभ किया जायेगा। राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में विद्या भारती संस्थान के खिलाड़ी विद्यार्थियों ने 50 स्वर्ण पदक सहित 150 पदक जीते हैं। विद्या भारती को सर्वाधिक अनुशासित टीम का पदक भी प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में बताया गया कि शोध केन्द्र के निर्माण पर 3.5 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। कुल 24 हजार वर्ग फिट में बनने वाले इस बहुमंजिला भवन में 12 आवासीय-कक्ष, 2 सभा-कक्ष, भोजन-कक्ष, पुस्तकालय सहित शिक्षण-प्रशिक्षण केन्द्र की सभी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर विद्या भारती शिक्षा संस्थान के सह संगठन मंत्री श्री रामअरावकर, मध्यप्रांत के अध्यक्ष श्री सुरेश गुप्ता सहित शिक्षा संस्थान के पूर्व, वर्तमान पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। |
Thursday, April 19, 2018
संस्कारवान और समयानुकूल शिक्षा-शिक्षण के लिये शोध कार्य आवश्यक
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Featured Post
युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास
युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास नोडल अधिकारियों की बैठक में निर्वाचन दायित्वों की कलेक्टर ने की समीक्षा ...
इस सप्ताह सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें
-
सफलता की कहानी लाख की खेती से हो रहा है आजीविका संवर्धन परंपरागत स्त्रोत से मिला आय का साधन अनूपपुर 21 मार्च 2018/ प्राचीन मह...
-
मुख्यमंत्री जी के ‘‘दिल से’’ संवाद कार्यक्रम आज शाम 6 बजे से - अनुपपुर | 09-सितम्बर-2017 मुख्यमंत्री श्री शिवराज स...
-
वर्तमान शिक्षण सत्र से लागू मुख्यमंत्री जन-कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों को ...
-
निर्वाचन के दौरान निर्देशिका, नियमावली, आदर्श आचार संहिता का अक्षरश: पालन होगा भारत निर्वाचन आयोग ने दो दिवसीय समीक्षा बैठक में दिये निर...
-
प्रत्येक मंगलवार होगा विद्युत जनसुनवाई का आयोजन अनूपपुर 5 जनवरी 2019/ कार्यपालन अभियंता एमपीपीकेवीवीसीएल श्री प्रमोद गेडाम ने बताया कि सप्ता...

No comments:
Post a Comment