आयुष्मान
भारत योजना का शुभारम्भ प्रधानमंत्री 15 अगस्त 2018
को करेंगे
इलाज
के लिए 5 लाख रुपये तक का साल में मिलेगा बीमा कवर
अनूपपुर 24 अप्रैल 2018/आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत 2
योजनाएं ‘स्वास्थ्य एवं आरोग्य केन्द्र‘ तथा ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना‘ 15
अगस्त से लागू की जायेगी। आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत पहली योजना स्वास्थ्य
एवं आरोग्य केन्द्र में लोगों के घरों के नजदीक स्वास्थ्य एवं आरोग्य केन्द्र खोले
जायेंगे, जहां संक्रामक रोगों, मातृ स्वास्थ्य एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं के
साथ-साथ व्यापक स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाएं दी जायेंगी। इन केन्द्रों पर आवश्यक
दवाएं व जांच की सुविधाएं मुफ्त में मिलेंगी। दूसरी योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य
सुरक्षा योजना है। इसमें निर्धन और असुरक्षित परिवार आयेंगे। इस योजना के तहत
प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये तक का अस्पताल का खर्चा दिया जायेगा। नेशनल हैल्थ
इंश्योरेंस योजना के तहत लोगों को 5 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जायेगा।
भारत सरकार द्वारा नये सरकारी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल बनाये जायेंगे।
आयुष्मान
योजना के लिए पात्रता
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी
श्रीवास्तवने बताया कि योजना के अंतर्गत केवल वही लोग लाभ ले सकते है जिनका नाम secc-2011 के अंतर्गत रजिस्टर हो, इसके
अतिरिक्त वांछित श्रेणी व असंगठित श्रमिक परिवार लाभ ले सकते हैं । समग्र आई डी
होना आवश्यक है । अगर कोई व्यक्ति इस योजना का लाभ लेना चाहता है तो उसके लिए यह
आवश्यक है की व्यक्ति का स्वयं का पहचान पत्र उसका परिवार समग्र आई डी उसके पास
होद्यइसके अतिरिक्त व्यक्ति का आधार कार्ड उसके परिवार आईडी से भी लिंक होना
चाहिये, अगर ऐसा नहीं होता है तो वह व्यक्ति इस सुविधा से वंचित रह जायेगा।
योजना का खर्च केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगे। इस योजना को लागू करवाने का जिम्मा
राज्यों का होगा। यह योजना इंश्योरेंस
मॉडल पर काम करेगी और पूरी तरह कैशलेस होगी। इसका मतलब यह है कि जो भी आयुष्मान
योजना के तहत बीमित व्यक्ति है उसे अपने इलाज का खर्च नहीं देना होगा। पांच लाख
रुपए तक का खर्च उसे सरकार की तरफ से आसानी से मिल जायेगा। इसमें 1370
बीमारियां चिन्हित की गई जिनके पैकेज निर्धारित है।
अस्पताल
जाकर क्या करना होगा
मरीज को अस्पताल में भर्ती होने के बाद अपने
बीमा दस्तावेज देने होंगे जिसके आधार पर अस्पताल इलाज के खर्च के बारे में बीमा
कंपनी को सूचित कर देगा और बीमित व्यक्ति के दस्तावेजों की पुष्टि होते ही इलाज
बिना पैसे दिये हो सकेगा। (नोटः चिकित्सा बीमा की सुविधा इसी प्रक्रिया से निजी
अस्पतालों में मिलती है।
इलाज
कहां कराना होगा
इस योजना के तहत बीमित व्यक्ति सिर्फ सरकारी ही
नहीं बल्कि अधिमान्य निजी अस्पतालों में भी इलाज करा सकेगा। निजी अस्पतालों को इस
योजना के साथ जोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस वृहद योजना से निजी
अस्पतालों को भी लाभ मिलने की संभावना है क्योंकि पैसे की कमी के चलते काफी लोग
सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही जाते थे जोकि अब निजी अस्पतालों में भी जा सकेंगे।
साथ ही यह योजना सरकारी अस्पतालों पर बढ़ती भीड़ का दबाव भी शायद कम कर पायेगी।
30
अप्रैल को योजना का ग्राम सभा में वाचन किया जायेगा
जिले में ग्राम स्तर से SECC डाटा में सम्मिलित परिवारों की सूचि 1 मई
से 10 मई तक अद्यतन की जायेगी। इसमें परिवार में शामिल नए सदस्यों का नाम
जोड़ा जाएगा। साथ ही उनका मोबाइल नंबर और परिवार समग्र आईडी दर्ज की जायेगी। यह
कार्य स्वास्थ्य और पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के मैदानी अमले द्वारा पूर्ण किया
जायेगा। अतः ऐसे सूची में शामिल ऐसे परिवार जिनके घर नए सदस्य जैसे जन्म/पूत्रवधु आयी हो अपने परिवार का अद्यतन अवश्य
करवाये।

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