| बाल देखरेख संस्थाओं का पंजीयन अनिवार्य |
| अनुपपुर | 21-सितम्बर-2018
|
जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्रीमती मंजूषा शर्मा ने बताया की किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 41 के प्रावधान बाल देखरेख संस्थाओं में ‘‘देखरेख और संरक्षण के लिये जरूरतमंद बालकों’’ तथा ‘‘विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों’’ के लिए राज्य सरकार द्वारा अथवा स्वैच्छिक एवं गैर सरकारी संगठनों द्वारा संचालित सभी बाल देखरेख संस्थाओं का अधिनियम प्रारंभ की तारीख से 6 माह की अवधि के भीतर पंजीकरण अनिवार्य है। अधिनियम के प्रावधान के अनुसार बाल देखरेख संस्था का पंजीकरण संस्था का पंजीकरण न होने की स्थिति में एक साल की सजा या एक लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनो सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है। बाल देखरेख संस्थाओं को सूचित किया जाता है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 के प्रावधान के अनुसार बाल देखरेख संस्था का पंजीयन अनिवार्यतः करवाये। पंजीयन नहीं कराये जाने की स्थिति में किशोर न्याय अधिनियम 2015 के प्रावधान के तहत् कार्यवाही की जावेगी।
|
Friday, September 21, 2018
बाल देखरेख संस्थाओं का पंजीयन अनिवार्य
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Featured Post
युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास
युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास नोडल अधिकारियों की बैठक में निर्वाचन दायित्वों की कलेक्टर ने की समीक्षा ...
इस सप्ताह सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें
-
ईव्हीएम की एफएलसी आज मास्टर टेªनर्स को उपस्थिति के निर्देश अनूपपुर 26 नवम्बर 2014/ ईव्हीएम की एफएलसी के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रि...
-
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना उपार्जन 200 क्विंटल तक हो सकेगा कलेक्टर्स को जारी किये गये निर्देश अनुपपुर | 06-जून-2018 ...
-
आदर्श आचरण संहिता के समय मीडिया से अपेक्षित आचरण के सम्बंध में प्रेस वार्ता आज 4 अक्टूबर को अनूपपुर 3 अक्टूबर 2018/ आगामी विधानसभा निर्वाचन-...
-
निजी स्कूलों की पहली कक्षा में निःशुल्क प्रवेश के लिए 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित 5 जुलाई को ऑनलाइन लाटरी से मिलेगा निजी स्कूलों में...
-
खुलें में शौच से मुक्त गांव की परिकल्पना को सकार करने अभियान से जुडे छात्र-छात्राएं अनुपपुर | 18-जुलाई-2018 स...

No comments:
Post a Comment