सफलता की कहानी
स्वच्छ अनूपपुर स्वस्थ अनूपपुर
ग्रामीणो ने खुले मे शौच के खिलाफ बजाया बिगुल
खुले मे शौच एक सामाजिक बुराई- इसका उन्मूलन समस्त समाज की ज़िम्मेदारी
अनूपपुर 2 जून 2018/ खुले मे शौच करना एक सामाजिक बुराई है। इस बुराई को दूर करने की ज़िम्मेदारी समस्त समाज की है। इस ज़िम्मेदारी का अहसास हो चुका है ग्राम रकसा के समझदार निवासियों को। ग्राम रकसा के निवासियों ने प्रेरक दल का गठन किया है। यह दल प्रातः उठकर ग्राम के सभी निवासियों को शौचालय उपयोग हेतु प्रेरित करता है। खुले मे जा रहे लोगो को अनुरोध कर समझाइश देकर शौचालय जाने के लिए भेज रहा है। ये सदस्य ग्रामीणो को यह भी समझा रहे है कि प्राकृतिक वातावरण पर सभी का समान अधिकार है। एक की गलती से भी वातावरण को क्षति पहुँचती है तो उसकी भरपाई समस्त सदस्यो को करनी पड़ती है। किसी भी व्यक्ति को समाज को क्षति पहुचाने का अधिकार प्राप्त नहीं है। इस बात को उल्लेखित करते हुए प्रेरक समिति के सदस्य मूलचंद चर्मकार ने डिब्बा तोड़ो अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। ग्रामीणो ने इस बुराई के खिलाफ बिगुल बजा दिया है। अब स्वच्छ अनूपपुर के लक्ष्य की वास्तविकता मे प्राप्ति दूर नहीं। अंदर से स्व्प्रेरणा से लगाया गया बल ही इस अभियान को सफल बना सकता है।

उक्त संदेश को गाँव के घर घर तक पहुचाने के लिए ग्राम के सरपंच अमोल सिंह मार्को समेत नरोत्तम राठोर, रामलाल देवांगन, शंकर राठोर, सीएमसीएलडीपी के छात्र राजकुमार, प्रेम सिंह, अर्जुन पटेल, राहुल, देवधर मिश्रा एवं भल्लू सिंह आगे आकर अपने गाँव की सोच को परिष्कृत करने का जिम्मा उठाने हेतु गाँव की प्रेरक समिति के सदस्य बने। ज़िले भर मे इस अवधारणा के संचार के लिए समस्त जिलाधिकारियों को ज़िम्मेदारी दी गयी है। समस्त प्रबुद्ध नागरिकों से अपील है कि लोगों की मानसिक बीमारी को दूर करने मे आगे आकर सहयोग प्रदान करें। कलेक्टर श्रीमती अनुग्रह पी ने ग्राम पंचायत रकसा की प्रेरक समिति के सदस्यो को शुभकामनाए देते हुए कहा कि यह भाव जिस दिन सभी नागरिकों मे संचारित हो जाएगा उसी दिन सही मायने मे हम सभी को जिम्मेदार नागरिक कहलाने का दर्जा प्राप्त होगा।
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