Thursday, May 24, 2018

मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये हो रहे हैं नवाचार

मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये हो रहे हैं नवाचार 
उपभोक्ताओं और उद्योगों के हित में भी हुए अनेक कार्य 
अनुपपुर | 24-मई-2018
 
   
    मध्यप्रदेश में अनेक नवाचारों के जरिये बिजली उपभोक्ताओं को विभिन्न सेवाएँ उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उपभोक्ताओं को नये बिजली कनेक्शन के आवेदन ऑनलाइन जमा करने की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री स्थायी कृषि पम्प योजना में भी ऑनलाइन आवेदन लेने के अलावा किसानों को ठेकेदार के चयन की सुविधा मुहैया करवाई गई है।
    मीटर-रीडिंग की व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में नवाचार अपनाया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा फोटो मीटर-रीडिंग की शुरूआत की गई है। इसमें मीटर-रीडिंग का फोटो देयक में दिखता है। इसी कम्पनी ने मोबाइल एप उर्जस को प्रारंभ किया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा ऑनलाइन केन्द्रीकृत कॉल-सेंटर सम्पर्क शुरू किया है। सम्पर्क के द्वारा उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण तुरंत किया जा रहा है।
    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा यूपे (UPAY) मोबाइल एप की सुविधा प्रारंभ की जा चुकी है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा उपभोक्ताओं की सेवाओं के लिये स्मार्ट बिजली मोबाइल एप विकसित किया गया है।
उपभोक्ताओं के हित में हुए अनेक कार्य
    नवाचारों को लागू करवाने के अलावा बिजली उपभोक्ताओं के हित में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। किसानों एवं निम्न आय वर्ग के घरेलू उपभोक्ताओं को कम दर पर विद्युत प्रदाय हो रहा है। किसानों को फ्लेट रेट 1400 रुपये प्रति हार्स-पॉवर प्रति वर्ष की दर पर बिजली दी जा रही है। यह दर टैरिफ दर का मात्र पाँचवा हिस्सा है। एक हेक्टेयर तक भूमि वाले अनुसूचित जाति-जनजाति के किसानों को 5 हार्स-पॉवर क्षमता तक के पम्पों पर नि:शुल्क विद्युत प्रदाय की सुविधा दी गई है। अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के गरीबी की रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले उपभोक्ताओं को 25 यूनिट विद्युत का उपयोग करने पर कोई प्रभार नहीं देना होगा। घरेलू उपभोक्ताओं को 30 यूनिट तक बिजली का उपयोग करने पर प्रति यूनिट एक रुपये 10 पैसे की सब्सिडी मिल रही है।
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये छूट
    कैप्टिव पॉवर उपयोगकर्ता को कैप्टिव उत्पादन कम कर, वितरण कम्पनी से बिजली क्रय करने पर बढ़ी हुई खपत पर 2 रुपये प्रति यूनिट की छूट 5 वर्ष तक के लिये दी गई है। उच्च-दाब उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई यूनिट पर ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट प्राप्त है। नये उच्च-दाब कनेक्शनों को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत अथवा एक रुपये प्रति यूनिट में से जो भी कम हो, की 5 वर्ष के लिये छूट है। उच्च-दाब कनेक्शन लेने वाले नये उद्योगों के लिये 33 के.वी. पर 5 वर्ष, 132 के.वी. पर 7 वर्ष तथा 220 के.वी. पर 10 वर्ष के लिये विद्युत शुल्क से छूट की सुविधा है। विद्युत शुल्क के युक्ति-युक्तकरण के फलस्वरूप खदानों, सीमेंट उद्योग और स्टोन क्रेशर को छोड़कर सभी अन्य उद्योगों पर 15 प्रतिशत के स्थान पर 9 प्रतिशत की दर से विद्युत शुल्क लिया जा रहा है।

No comments:

Post a Comment

Featured Post

युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास

युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास नोडल अधिकारियों की बैठक में निर्वाचन दायित्वों की कलेक्टर ने की समीक्षा    ...

इस सप्ताह सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें