Tuesday, May 29, 2018

प्रदेश के सभी जिलों के लिए वन स्टाप सेंटर स्वीकृत

प्रदेश के सभी जिलों के लिए वन स्टाप सेंटर स्वीकृत 

अनुपपुर | 29-मई-2018
 
   हिंसा से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश के शेष 25 जिलों में भी वन स्टाप सेंटर स्थापित किये जाएंगे। भारत सरकार के इस निर्णय से अब प्रदेश के सभी जिलों में वन स्टाप सेंटर स्थापित हो जाएंगे। वन स्टाप सेंटर में किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को पुलिस की मदद, चिकित्सा, विधिक सहायता, मनो-वैज्ञानिक सांत्वना और समाजिक परामर्श उपलब्ध कराये जाते हैं।
   प्रदेश के लिए 2016-17 में 18 और 2017-18 में 8 जिलों के लिए वन स्टाप सेंटर स्वीकृत किये गये थे। महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस प्रदेश के सभी जिलों में यह सेंटर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत थीं। मई 2018 में केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश के शेष 25 जिलों क्रमशरू आगर-मालवा, अलीराजपुर, अनूपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, बड़वानी, बैतूल, भिण्ड, छतरपुर, दमोह, डिंडौरी, गुना, झाबुआ, मण्डला, मंदसौर, नरसिंहपुर, नीमच, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, सीधी, टीकमगढ़ और उमरिया के लिए वन स्टाप सेंटर स्वीकृत किये गये हैं।
   वर्ष 2016-17 में इंदौर, ग्वालियर, रीवा, सतना, देवास, उज्जैन, खण्डवा, रतलाम, बुरहानपुर, भोपाल, सागर, जबलपुर, कटनी, सिंगरौली, छिंदवाडा, मुरैना, शहडोल और होशंगबाद के लिए तथा वर्ष 2017-18 में धार, हरदा, पन्ना, दतिया, खरगौन, शिवपुरी, सिवनी और विदिशा के लिए वन स्टाप सेंटर स्वीकृत किये गये थे। वर्ष 2017 में प्रदेश के वन स्टाप सेंटर एम.आई.एस प्रोजेक्ट को स्काच सिल्वर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

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