सफलता
की कहानी
जन
अभियान ने लिया आंदोलन का स्वरूप
ज़िम्मेदारी
एवं कर्तव्य का आंदोलन
अनूपपुर 10 मई 2018/ किसी प्रयोजन के लिए आम
जनो के संगठन पर आधारित सुनियोजित, स्वतःस्फूर्त सामूहिक
संघर्ष आंदोलन है। इसका उद्देश्य
व्यवस्था में सुधार या परिवर्तन होता है। यह राजनीतिक सुधारों या
परिवर्तन की आकांक्षा के अलावा सामाजिक, धार्मिक, पर्यावरणीय
या सांस्कृतिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए भी चलाया जाता है। किसी भी लक्ष्य की
प्राप्ति के लिए समुदाय की मन से भागीदारी आवश्यक है तभी मानव जीवन के समक्ष आ रही
बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। जन अभियान परिषद के द्वारा जल एवं नदियों
के महत्व के प्रति जागरुकता लाकर नदियों के पुनर्जीवन एवं साफ सफाई के कार्य मे जन
भागीदारी सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। लगातार प्रयासों के फलस्वरूप इस
आह्वान ने आज अनुपपुर ज़िले मे आंदोलन का रूप प्राप्त कर लिया है।
समाज के हर वर्ग
पुरुष , महिला, व्यापारी वर्ग, कृषक , छात्र, जनप्रतिनिधि सभी ने नदियों
के पुनर्जीवन के लिए चलाये गए महाभियान मे बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। जल संसद
के दिन लोगों की उपस्थिति से यह स्पष्ट हो गया था कि माँ नर्मदा, सोन एवं जोहिला जैसी नदियों
के उद्गम का यह क्षेत्र अपनी जीवनदायिनियो को वही कोमलता, सौम्यता एवं स्वछता प्रदान
करने मे कोई कसर नहीं बाकी रखेगा।
अनूपपुर
ज़िले मे हंसिया, बाँकी, देवराज एवं कनई नदियों मे
जन अभियान परिषद के नेतृत्व मे नदियों के पुनर्जीवन का 15 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा
है। हर दिन नए लोगों के जुड़ाव से आम जनो के उत्साह मे वृद्धि हुई है। इसका लाभ
उक्त नदियो को और पर्यावरण को प्राप्त हो रहा है। सूखी हुई हंसिया नदी मे पुनः
जलधारा का प्रस्फुटन इसी कार्य का फल है। लगातार चल रहे इस आंदोलन मे योजनाबद्ध
तरीके से कार्य किया जा रहा है।
इसके अंतर्गत गाँव का पानी गाँव मे संरक्षित करने
हेतु अनूपपुर मे बाँकी नदी मे जनसहयोग से बोल्डर बंधान का कार्य, बाँकी नदी के
कैचमेंट एरिया भाटी सराई
गाँव मे स्थित बकुल मुनि आश्रम के तीनों कुंडो की साफ सफाई, अनुपपुर
के बड़गुमरा के भेडवा नदी स्थल मे साफ सफाई एवं मेड बंधन का कार्य , पुष्पराजगढ़
मे देवराज नदी के उद्गम स्थल मे साफ सफाई का कार्य, जैतहरी मे सरायपानी मे श्रमदान से पानी रोकने हेतु
बोल्डर बँधान का कार्य जन सहयोग से किया जा रहा है।
संगोस्ठी
के माध्यम से किया जा रहा है समुदाय को जागरूक एवं प्रेरित
पर्यावरण
को संरक्षण की आवश्यकता ही न हो यह है लक्ष्य
इतना ही
नहीं जन अभियान परिषद मे मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के
मेंटरों एवं समन्वयकों द्वारा
ग्रामीण संगोष्ठीयों के माध्यम से जन समुदाय को नदी एवं उसमे बहने
वाले जल के महत्व को समझाया जा रहा है। समन्वयक ग्रामीणो को क्षेत्र मे हो रहे
नकारात्मक पर्यावरणीय परिवर्तन एवं उनसे हो रहे नुकसान के बारे मे जानकारी देकर
जागरूकता लाने का प्रयास कर रहे हैं। क्षेत्रीय परिवेश से संबन्धित जानकारी से
ग्रामीणो को यह आसानी से समझ आ रहा है कि जल ही जीवन है। इन प्रयासो का ही फल है
कि इस अभियान मे महिलाए भी कदम से कदम मिलकर साथ चल रही है। जब माँ शक्ति का साथ
मिल जाए तो सफलता दूर नहीं है। असल मे जल के महत्व की जागृति लाना ही इस अभियान का
मुख्य उद्देश्य है, ताकि
स्वप्रेरणा से समुदाय पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करे। पर्यावरण को
संरक्षण की आवश्यकता ही न हो इस राह मे जन अभियान परिषद सदैव कार्यरत है।
अनुपपुर
मे सीएमसीएलडीपी के मेंटर्स श्रीमती शारदा चौरसिया, श्री रोहिणी वर्मन, श्री मोहन पटेल, श्री नागेंद्र सिंह, श्री मोहन पटेल एवं श्री संतराम नापित द्वारा
जनअभियान को आंदोलन का स्वरूप देने मे उत्कृष्ठ कार्य किया जा रहा है। क्षेत्र मे
जन प्रतिनिधियों , पंचायत
प्रतिनिधियों, ग्रामीणजन, छात्र- छात्राओ, महिलाओ सभी का भरपूर सहयोग
प्राप्त हो रहा है। जन अभियान परिषद के ज़िला समन्वयक श्री उमेश पांडे कहते है कि
क्षेत्र मे संचालित इस 15 दिवसीय
अभियान मे जन भागीदारी मे निरंतर वृद्धि हो रही है एवं उपस्थित आमजनों द्वारा योजना
निर्माण मे भी सुझाव दिये जा रहे हैं। आमजनो से प्राप्त सुझाओ का क्रियान्वयन भी
दोगुने उत्साह से किया जा रहा है।


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