Friday, May 4, 2018

कोषालय में आहरण संवितरण के लिये "रिसीप्ट एंड डिसबर्समेंट" मॉड्यूल लागू



 कोषालय में आहरण संवितरण के लिये "रिसीप्ट एंड डिसबर्समेंट" मॉड्यूल लागू




अनूपपुर 4 मई 2018/ जिला कोषालय अधिकारी श्री एन के नर्रे ने बताया कि 01 मई से जिला कोषालय में अब  आहरण एवं संवितरण के लिये रिसीव एण्ड डिसबर्समेट मॉड्यूल लागू हो चुका है। अब सीएसएफएमएस से स्लिम के पासवर्ड से कोई भी देयक रिसीव नहीं होंगें। सभी प्रकार के देयक, वेतन देयक की भांति आईएफएमआईएस से जनरेट किये जायेंगें। आपने  बताया  कि प्रत्येक कार्यालय मे जिस प्रकार वेतन निर्धारण, पे-रोल एवं ईएसएस की अन्य प्रक्रियाओ के लिए हायरार्की (वरीयता अनुक्रम) बनाई गयी है, उसी प्रकार "डिपॉज़िट" एवं  "रिसीप्ट एंड डिसबर्समेंट" मोड्यूलेस के लिए हायरार्की संबन्धित कार्यालय के एडमिन द्वारा सुनिश्चित की जावेगी । जिसमें एक क्रिएटर, दूसरा वेरीफायर तथा तीसरा एप्रूवर होगा। साथ ही आपने नाम प्रस्तावित कर रोल मैप कराने का आग्रह किया है। जिससे देयकों के भुगतान में होने वाली असुविधा से बचा जा सके।

खसरा, खतोनी एवं नक्शा प्राप्ति हेतु कर सकते है घर बैठे ऑनलाइन आवेदन ई-केवाईसी व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त होगी यह सुविधा


खसरा, खतोनी एवं नक्शा प्राप्ति हेतु कर सकते है घर बैठे ऑनलाइन आवेदन 
ई-केवाईसी व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त होगी यह सुविधा



अनूपपुर 4 मई 2018/ ज़िला लोक सेवा प्रबन्धक  श्रीमती सोनू सिंह राजपूत ने बताया कि लोक सेवा प्रबंधन विभाग द्वारा आम जनो की सुविधा हेतु ई-केवाईसी व्यवस्था प्रारम्भ की गयी है। इस सेवा के माध्यम से आवेदक अपने आधार नंबर का उपयोग कर घर बैठे राजस्व विभाग की सेवाओं खसरा , खतोनी एवं नक्शे की प्रतिलिपि की प्राप्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आपने ज़िले के अंतर्गत संचालित समस्त  लोक सेवा प्रबन्धको को सूचित किया है कि लोक सेवा केंद्र की आईडी मे एक नया ऑप्शन राजस्व ई-केवाईसी जोड़ा गया है। यहाँ पर खसरा , खतोनी एवं नक्शे की प्रतिलिपि की प्राप्ति हेतु  ऑनलाइन आवेदनो को देखा जा सकेगा। लोक सेवा केंद्र के द्वारा इन आवेदनो का प्रिंट निकालकर तहसील ऑफिस भेजा जाएगा तथा निर्धारित खसरा, खतोनी एवं  नक्शे के प्रमाण पत्र डिस्पोसल को आवेदक को वर्तमान व्यवस्था अनुसार प्रदान कर दिया जावेगा। इस सुविधा को प्राप्त करने हेतु शुल्क मात्र 25 रुपये ही रहेगा। 

नागरिकों को घर बैठे MPeDistrict पोर्टल से सेवाएं प्राप्त करने हेतु आवश्यक निर्देश
श्रीमती राजपूत ने खसरा , खतोनी एवं नक्शे की प्रतिलिपि की प्राप्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे मे बताया है कि आवेदक को पोर्टल से सेवा प्राप्त करने के लिए  अपने आधार न. से लॉगिन करना होगा। आधार न. डालते ही आवेदक के  आधार कार्ड पर रजिस्टर्ड मोबाइल न. पर एक OTP आयेगा। OTP वेरीफाई होने के पश्चात आवेदक पोर्टल पर लॉगिन हो जायँगे और सेवाओं का लाभ घर बैठे ले सकेंगे। यदि आवेदक के पास आधार न. नहीं है या  आधार न. से  मोबाइल रजिस्टर्ड नहीं है तो वे इन सेवाओं का लाभ घर बैठे नहीं ले पाएंगे। पोर्टल से सेवा प्राप्त करने के लिए पेमेंट गेटवे के माध्यम से इन्टरनेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड अथवा उपलब्ध ई-वॉलेट का उपयोग कर ऑनलाइन पेमेंट किया जा सकता है । आपने यह भी बताया कि आवेदक सेवा से असंतुष्ट होने की स्थिति में पदाभिहित अधिकारी के निर्णय से 30 दिवस के भीतर  प्रथम अपील प्रस्तुत कर सकता है। प्रकरण समय सीमा मे निराकृत न होने की स्थिति में भी आवेदक प्रथम अपील प्रस्तुत कर सकता है। प्रथम अपील अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट होने की स्थिति में निर्णय से 60 दिवस के भीतर आवेदक द्वितीय अपील प्रस्तुत कर सकता है।किसी भी प्रकार की असुविधा होने की स्थिति मे आवेदक  loksevamp@gmail.com पर ई-मेल कर जानकारी प्राप्त कर सकते है।


जानवरो के लिए जल उपलब्ध कराकर दिया मानवीय संवेदनाओ का परिचय ज़िला प्रशासन की विशेष पहल से जानवरो को उपलब्ध हो रहा है पानी


सफलता की कहानी
जानवरो के लिए जल उपलब्ध कराकर दिया मानवीय संवेदनाओ का परिचय
ज़िला प्रशासन की विशेष पहल से जानवरो को उपलब्ध हो रहा है पानी



अनुपपुर 4 मई 2018/ जल या पानी एक आम रासायनिक पदार्थ है जिसका अणु दो हाइड्रोजन परमाणु और एक ऑक्सीजन परमाणु से बना है - H2O, यह सारे प्राणियों के जीवन का आधार है। साफ और ताजा पेयजल मानवीय और अन्य जीवन के लिए आवश्यक है, जीवन के इस आधार जल  का  दुनिया के कई भागों में खासकर विकासशील देशों में भयंकर संकट है और विशेसज्ञों का ऐसा अनुमान है कि 2025 तक विश्व की आधी जनसंख्या इस जलसंकट से दो-चार होगी। पर्यावरणीय परिवर्तन, जल स्त्रोतों के विकृत उपयोग एवं प्रदूषण के कारण स्वच्छ जल की उपलब्धता निरंतर कम होती जा रही है। 
निरंतर कम हो रही जल की उपलब्धता मे सभी की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जल का उचित प्रबंधन एवं संवर्धन समय की मांग है। अनुपपुर मे कलेक्टर श्री अजय शर्मा के मार्गदर्शन में वर्तमान ग्रीष्म ऋतु का ध्यान रखते हुए ज़िले के हर कोने में पेय जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु व्यवस्थाओं की नियमित रूप से समीक्षा एवं वस्तुस्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है। ज़िला प्रशासन द्वारा पेय जल की उपलब्धता के सम्बंध में किसी भी अव्यवस्था की सूचना मिलने पर तुरंत वस्तुस्थिति का मूल्याँकन कर यथोचित कार्यवाही की जा रही है।


इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा विशेष संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जल स्त्रोतों के पास पिटो के निर्माण के निर्देश दिए गए थे।इस निर्देश में निहित मानवीय संवेदनाओं को क्रियान्वयन करने वाले अधिकारियों ने भी समझा और पिटो के निर्माण का कार्य युधस्तर पर प्रारम्भ करा दिया गया। परम्परागत जल स्त्रोत कुओं से लेकर हैंडपम्प एवं ट्यूबवेल के समीप पिटो का निर्माण किया गया। जिसके फलस्वरूप जल अब फैलकर ख़राब नही होता बल्कि इन्हि पिटो में एकत्रित हो जाता है जिसका उपयोग जानवरो द्वारा अपनी प्यास बुझाने के  लिए किया जा रहा है। साथ ही जल  फैलने  से कीचड़ आदि की समस्या भी नही होती है। बिना किसी बड़ी लागत के इस विशेष प्रयास से जो पुनीत कार्य किया जा रहा है। उसके माध्यम से ज़िला प्रशासन की व्यवहारिक बुद्धिमत्ता स्पष्ट रूप  से मुख़रित होती है। ग्रामीणों द्वारा ज़िला प्रशासन की इस पहल की भारी सराहना की जा रही है। 



साथ ही आप सभी के द्वारा  पुण्य के इस कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है ताकि लक्षित उद्देश्य की प्राप्ति सुनिश्चित हो जाए।ग्रामवासियों का कहना है कि ज़िला प्रशासन द्वारा पिट के पानी को स्वच्छ रखने के लिए की गयी अपील में पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। जल की समस्या से बिना बुद्धिमत्ता एवं ज़िम्मेदारी के नही निपटा जा सकता। ज़िला प्रशासन की यह पहल निश्चित रूप से जल समस्या का उत्तर प्राप्त करने में पथप्रदर्शित कर रही है।

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