पिछले वर्ष 492 करोड़ यूनिट अधिक हुई बिजली की सप्लाई
रबी सीजन में 260 करोड़ यूनिट ज्यादा प्रदाय हुई बिजली
अनूपपुर 18 अप्रैल 2018/ मध्यप्रदेश में पिछले वर्ष 2017-18 में वित्तीय वर्ष 2016-17 की तुलना में 492 करोड़ यूनिट अधिक बिजली की सप्लाई की गई। यह पिछले वर्ष से आठ प्रतिशत अधिक है। बीते रबी सीजन पिछले रबी सीजन की तुलना में 260 करोड़ यूनिट अधिक बिजली सप्लाई की गई। यह भी सात प्रतिशत अधिक है। देश में मध्यप्रदेश उन चुनिंदा राज्यों में से एक है, जहाँ गैर कृषि कार्य के लिए 24 घंटे और कृषि कार्य के लिए 10 घंटे सतत् बिजली सप्लाई की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रदेश में 6917 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई की गई, वहीं वित्तीय वर्ष 2016-17 में 6425 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई हुई थी। रबी सीजन में (अक्टूबर 2017 से मार्च2018 तक) 3852 करोड़ यूनिट बिजली सप्लाई हुई। पिछले रबी सीजन में इस दौरान 3592 करोड़ यूनिट बिजली सप्लाई की गई थी। वित्तीय वर्ष 2017-18 में बिजली की अधिकतम मांग दिसंबर में 12 हजार 240 मेगावट दर्ज हुई। वित्तीय वर्ष 2016-17 में बिजली की अधिकतम मांग 11 हजार 421 मेगावाट दर्ज हुई थी। इस प्रकार बिजली की अधिकतम मांग में 819 मेगावाट की बढ़ोत्तरी हुई, जो कि सात प्रतिशत अधिक हैं। पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में प्रति वर्ष बिजली की मांग के साथ सप्लाई में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रदेश में बढ़ रही बिजली की मांग की शत-प्रतिशत सप्लाई सफलतापूर्वक की गई। कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए आवश्यकतानुसार बिजली की आपूर्ति को सुनिश्चित किया गया है। परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश को लगातार पांचवी बार राष्ट्रीय स्तर का कृषि कर्मण पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्तमान में सौभाग्य योजना में प्रत्येक घर को बिजली का कनेक्शन प्रदान किया जा रहा है। घरेलू बिजली की खपत में वृद्धि होना इस बात का संकेत है कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी बिजली के कारण विकास हो रहा है।

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