Saturday, March 24, 2018

नाबार्ड स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग की कार्य-योजना तैयार करें -मंत्री श्री भार्गव

नाबार्ड स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग की कार्य-योजना तैयार करें -मंत्री श्री भार्गव 
राज्य स्तरीय सम्मेलन में स्वयं-सहायता समूह हुए पुरस्कृत 
अनुपपुर | 24-मार्च-2018
 
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने गत दिवस कहा है कि स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री की व्यापक मार्केटिंग के लिये नार्बाड कार्ययोजना तैयार करे। इसमें राज्य सरकार भी सहयोग करेगी। उन्होंने यह बात गत दिवस भोपाल में नाबार्ड द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय स्व-सहायता समूह पुरस्कार समारोह में कही। कार्यक्रम में वित्तीय अनुशासन और आजीविका में उत्कृष्ट योगदान के लिए मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के 10 महिला स्व-सहायता समूहों को पुरस्कृत किया गया।
   श्री गोपाल भार्गव ने राज्य में स्व-सहायता समूह आंदोलन के विस्तार के लिए नाबार्ड और मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में 3 लाख स्व-सहायता समूहों से 45 लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है। श्री भार्गव ने बैंकों और सिविल सोसायटी संगठनों से आग्रह किया कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मिलकर काम करें। उन्होंने नाबार्ड द्वारा बैंकों और स्व-सहायता समूहों के योगदान को रेखांकित करने और उन्हें पुरस्कृत करने की पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयासों से अन्य लोग भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।
   मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों को प्रदत्त 10 लाख रुपये तक के ऋणों के लिए स्टाम्प शुल्क माफ कर दिया गया है। साथ ही स्व-सहायता समूहों को स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल ड्रेस तैयार करने और आंगनबाड़ी केन्द्रों को पौष्टिक भोजन की आपूर्ति करने जैसे अहम काम सौंपे गये हैं। आजीविका मिशन के माध्यम से तैयार की गई "सेनेटरी नेपकिन" मशीन गर्ल्स स्कूल में लगाने का निर्णय भी राज्य सरकार द्वारा लिया जा रहा है।
   नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री के.आर. राव ने बताया कि नाबार्ड और मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन ने मिलकर राज्य में 3 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों का निर्माण किया है जिसमें से 1.25 लाख समूहों ने बैंक से ऋण भी प्राप्त किया है। इससे राज्य की ग्रामीण महिलाओं की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
   कार्यक्रम में अनूपपुर, देवास, बैतूल और ग्वालियर जिले के स्व-सहायता समूहों को पुरुस्कृत किया गया। इस मौके पर श्री पी.के. जेना, क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक, श्री अजय व्यास, फील्ड महाप्रबंधक, सेन्ट्रल बैंक और संयोजक, एसएलबीसी, एल एम बेलवाल, सीईओ, एम पी एस आर एल एम बैंकों के राज्य प्रमुख भी उपस्थित थे।

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