Wednesday, July 11, 2018

राज्यपाल ने देखी आँगनवाड़ी केन्द्र, स्कूल और अस्पताल की व्यवस्थाएँ

राज्यपाल ने देखी आँगनवाड़ी केन्द्र, स्कूल और अस्पताल की व्यवस्थाएँ 

अनुपपुर | 11-जुलाई-2018
 
   
    राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को विदिशा जिले के ग्राम हासुआ में आँगनवाड़ी केन्द्र और प्रायमरी तथा मिडिल स्कूल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के शैक्षणिक स्तर को परखा तथा उन्हें सफाई के महत्व के बारे में समझाया। राज्यपाल ने आँगनवाड़ी केन्द्र में बच्चों को अन्नप्राशन भी कराया और गर्भधात्री महिलाओं से उनके खाद्यान्न संबंधी जानकारी प्राप्त की।
    राज्यपाल श्रीमती पटेल ने विदिशा के जिला चिकित्सालय के एनआरसी केन्द्र में भर्ती बच्चों की माताओं से स्वास्थ्य सुविधाओं संबंधी जानकारी ली और बच्चों को फलों का वितरण किया। राज्यपाल ने एनआरसी के रसोई-कक्ष में प्रेशर-कूकर खुलवाकर वहाँ बनी खिचड़ी को चखा। यह खिचड़ी कुपोषित बच्चों को दिया जाने वाला विशेष पोषण-आहार है। श्रीमती पटेल ने अस्पताल के क्षय नियंत्रण-कक्ष का भी अवलोकन किया और वहाँ भर्ती रोगियों से स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं और दवाइयों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिये कि मरीजों की हिस्ट्री और ठीक होने के बाद करीब एक माह तक उनके स्वास्थ्य पर ध्यान दें। उन्होंने अस्पताल के अन्य वार्डों का भी निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों से बातचीत की।
हितग्राहियों से मिलीं राज्यपाल श्रीमती पटेल
    राज्यपाल श्रीमती पटेल ने विदिशा में केन्द्रीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से सीधी बातचीत की। उन्होंने हितग्राहियों को केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के फायदों के बारे में बताया।
    राज्यपाल ने विदिशा के कोतवाली थाने में गुलमोहर केन्द्र का भी जायजा लिया। उन्होंने महिलाओं से कहा कि जागरूक रहकर अपने हक को प्राप्त करने के लिये हमेशा सतर्क रहें। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वाबलंबी बनने का प्रयास करें। बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं करें। महिलाओं को पढ़ाई का महत्व बताते हुए राज्यपाल ने उन्हें रोजगार के क्षेत्र में सक्रिय होने की समझाइश दी।
    श्रीमती पटेल ने इस मौके पर नवीन निर्भया वाहन और सखी वन स्टॉप क्राइसेस सेंटर वाहन को हरी-झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने गुलमोहर केन्द्र से लाभान्वित महिलाओं को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित भी किया।

13 जुलाई को इंदौर में होगा माइन्स एण्ड मिनरल्स पर आधारित चौथा नेशनल कॉन्क्लेव

13 जुलाई को इंदौर में होगा माइन्स एण्ड मिनरल्स पर आधारित चौथा नेशनल कॉन्क्लेव 
मुख्यमंत्री श्री चौहान और केन्द्रीय खनन मंत्री श्री तोमर करेंगे उद्घाटन, कॉन्क्लेव में शामिल होगा 22 राज्यों का प्रतिनिधि मण्डल 
अनुपपुर | 11-जुलाई-2018
 
   
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय खनन मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर 13 जुलाई को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में चौथे नेशनल कॉन्क्लेव ऑन माइन्स एण्ड मिनरल्स का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव का शुभारंभ पूर्वान्ह 9.50 बजे होगा। नेशनल कॉन्क्लेव में देश के प्रमुख खनिज सम्पदा वाले 22 राज्यों के प्रतिनिधि मण्डल भी भाग लेंगे।
    कॉन्क्लेव में मिनरल ब्लॉक्स की आक्शन संबंधी उपयोगी जानकारी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित की जायेगी। कॉन्क्लेव के आयोजन का मूल उद्देश्य देश में खनन के क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए बाधाओं का निराकरण करवाना है। इस अवसर पर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
    प्रमुख सचिव, खनिज श्री नीरज मण्डलोई ने यह जानकारी देते हुए बताया कि खनन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पहला कॉन्क्लेव रायपुर में 4-5 जुलाई, 2016 को, दूसरा कॉन्क्लेव नई दिल्ली में 15 फरवरी, 2017 को और तीसरा कॉन्क्लेव नई दिल्ली में 20 मार्च, 2018 को आयोजित किया गया था।

पर्यावरण बचाने के लिये सोलर एनर्जी है प्रभावी विकल्प - मुख्यमंत्री श्री चौहान

पर्यावरण बचाने के लिये सोलर एनर्जी है प्रभावी विकल्प - मुख्यमंत्री श्री चौहान
प्रदेश के पहले शासकीय रूफटॉप सोलर ऊर्जा संयत्र का शुभारंभ 
अनुपपुर | 11-जुलाई-2018
 
   
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सौर ऊर्जा भविष्य की नहीं, अब वर्तमान की ऊर्जा बन गई है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में पूरे देश में पहचान बनाई है। श्री चौहान आज यहां मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के भवन पर स्थापित प्रदेश के पहले 200 किलोवाट क्षमता के शासकीय रूफटॉप सोलर ऊर्जा संयत्र का शुभारंभ कर रहे थे। एक करोड़ बीस लाख रुपये लागत से स्थापित इस संयंत्र में बिजली बनना शुरू हो गया है।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिये सोलर एनर्जी एकमात्र प्रभावी विकल्प है। शासकीय भवनों में सोलर पैनल से सौर ऊर्जा उत्पादन करने का काम शुरु हो गया है। सोलर ऊर्जा संयत्र की लागत तीन चार साल में ही वसूल हो जाती है। उन्होंने कहा कि रीवा में दुनिया का पहला ऐसा सोलर एनर्जी प्लांट लगाया गया है, जिसमें ऊर्जा उत्पादन की लागत दो रूपये 97 पैसे प्रति यूनिट है।
    श्री चौहान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिये हर नागरिक एक पौधा जरूर लगाये और उसकी रक्षा करे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचाने और जीवन बचाने की यह शुरूआत है। प्रदेश में 15 जुलाई से पौधा रोपण अभियान शुरु हो रहा है। उन्होंने स्कूलों में फर्नीचर देने और अधोसंरचना बढ़ाने के काम करने के लिये माध्यमिक शिक्षा मंडल की सराहना की। उन्होने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल तीन स्कूल और संचालित करेगा। उन्होंने पांच सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले स्कूलों को पुरस्कृत करने की पहल करने के लिये मंडल की प्रशंसा की। श्री चौहान ने इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंडल के उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया।
    माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री आर.एस. मोहंती ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से आज मध्यप्रदेश सोलर ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में देश में पहले स्थान पर आ गया है। उन्होने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बच्चों को विभिन्न ऑनलाइन सुविधाएं उपलबध करवाई हैं और अब शासन की नीति का लाभ उठाते हुए सौर ऊर्जा उत्पादन में भी पहल की है।
    इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, नवकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, माध्यमिक शिक्षा मंडल के उपाध्यक्ष श्री भागीरथ कुमरावत, सदस्य श्री भावसार, ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष श्री विजेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रमुख सचिव नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड मुखर्जी और आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत उपस्थित थे।

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