Saturday, June 2, 2018

स्वच्छ अनूपपुर स्वस्थ अनूपपुर लोगों को प्रेरित करने हेतु मैदानी अमलों को किया गया प्रशिक्षित

स्वच्छ अनूपपुर स्वस्थ अनूपपुर
लोगों को प्रेरित करने हेतु मैदानी अमलों को किया गया प्रशिक्षित



अनूपपुर 2 जून 2018/ अनूपपुर को खुले मे शौच मुक्त करने हेतु कलेक्टर श्रीमती अनुग्रह पी द्वारा विस्तृत कार्ययोजना बनाई गयी है। इस योजना मे समस्त विभाग के जिलाधिकारियों समेत, विकासखंड अधिकारियों, एवं मैदानी कार्यकर्ताओं को लोगों को प्रेरित करने उनके व्यवहार मे परिवर्तन लाने के लिए समुदाय व्यवहार परिवर्तन संचार का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। इसी क्रम मे जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ को ओडीएफ़ करने हेतु उपयंत्रियों, पटवारियो, जन शिक्षक, शिक्षक , आंगनवाड़ी , आशा कार्यकर्ताओ, सुपरवाइजरों का मास्टर ट्रेनर्स द्वारा उन्मुखीकरण किया गया।
उल्लेखनीय है कि समस्त विभागों को उनके विभाग प्रमुख समेत मैदानी अमलो का शपथ पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है जिसमे यह उल्लेख है कि उनके आवास मे शौचालय है और वे और उनका परिवार नियमित रूप से उसका उपयोग कर रहे हैं। 

स्वच्छ अनूपपुर स्वस्थ अनूपपुर ग्रामीणो ने खुले मे शौच के खिलाफ बजाया बिगुल खुले मे शौच एक सामाजिक बुराई- इसका उन्मूलन समस्त समाज की ज़िम्मेदारी

सफलता की कहानी
स्वच्छ अनूपपुर स्वस्थ अनूपपुर
ग्रामीणो ने खुले मे शौच के खिलाफ बजाया बिगुल
खुले मे शौच एक सामाजिक बुराई- इसका उन्मूलन समस्त समाज की ज़िम्मेदारी





अनूपपुर 2 जून 2018/ खुले मे शौच करना एक सामाजिक बुराई है। इस बुराई को दूर करने की ज़िम्मेदारी समस्त समाज की है। इस ज़िम्मेदारी का अहसास हो चुका है ग्राम रकसा के समझदार निवासियों को। ग्राम रकसा के निवासियों ने प्रेरक दल का गठन किया है। यह दल प्रातः उठकर ग्राम के सभी निवासियों को शौचालय उपयोग हेतु प्रेरित करता है। खुले मे जा रहे लोगो को अनुरोध कर समझाइश देकर शौचालय जाने के लिए भेज रहा है। ये सदस्य ग्रामीणो को यह भी समझा रहे है कि प्राकृतिक वातावरण पर सभी का समान अधिकार है। एक की गलती से भी वातावरण को क्षति पहुँचती है तो उसकी भरपाई समस्त सदस्यो को करनी पड़ती है। किसी भी व्यक्ति को समाज को क्षति पहुचाने का अधिकार प्राप्त नहीं है। इस बात को उल्लेखित करते हुए प्रेरक समिति के सदस्य मूलचंद चर्मकार ने डिब्बा तोड़ो अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। ग्रामीणो ने इस बुराई के खिलाफ बिगुल बजा दिया है। अब स्वच्छ अनूपपुर  के लक्ष्य की वास्तविकता मे प्राप्ति दूर नहीं। अंदर से स्व्प्रेरणा से लगाया गया बल ही इस अभियान को सफल बना सकता है।


उक्त संदेश को गाँव के घर घर तक पहुचाने के लिए ग्राम के सरपंच अमोल सिंह मार्को समेत नरोत्तम राठोर, रामलाल देवांगन, शंकर राठोर, सीएमसीएलडीपी के छात्र राजकुमार, प्रेम सिंह, अर्जुन पटेल, राहुल, देवधर मिश्रा एवं भल्लू सिंह आगे आकर अपने गाँव की सोच को परिष्कृत करने का जिम्मा उठाने हेतु गाँव की प्रेरक समिति के सदस्य बने। ज़िले भर मे इस अवधारणा के संचार के लिए समस्त जिलाधिकारियों को ज़िम्मेदारी दी गयी है। समस्त प्रबुद्ध नागरिकों से अपील है कि लोगों की मानसिक बीमारी को दूर करने मे आगे आकर सहयोग प्रदान करें। कलेक्टर श्रीमती अनुग्रह पी ने ग्राम पंचायत रकसा की प्रेरक समिति के सदस्यो को शुभकामनाए देते हुए कहा कि यह  भाव जिस दिन सभी नागरिकों मे संचारित हो जाएगा उसी दिन सही मायने मे हम सभी को जिम्मेदार नागरिक कहलाने का दर्जा प्राप्त होगा। 

शौचालय नहीं सोच को बदलना है

स्वच्छ अनूपपुर स्वस्थ अनूपपुर
शौचालय नहीं सोच को बदलना है
ग्राम पंचायत रकसा मे लगाई गयी रात्रि चौपाल



अनूपपुर 2 जून 2018/ खुले मे शौच मुक्त अवधारणा की जमीनी प्राप्ति मे भौतिक संरचनाओ की उपलब्ध्ता से कहीं अधिक ज़रूरी है सोच को परिवर्तित करना। इन्ही समस्याओ को दूर करने के लिए कल ग्राम पंचायत रकसा मे अनूपपुर ज़िले के समस्त जिलाधिकारियों एवं यूनिसेफ के सदस्यो द्वारा चौपाल लगाकर ग्रामीणो को इस दिमागी बीमारी से अवगत कराया गया। चौपाल के दौरान ग्रामीणो द्वारा शौचालय का उपयोग न कर पाने के संबंध मे जो कारण बताए गए। उनकी अस्तित्वहीनता के संबंध मे अवगत कराया गया। जिलाधिकारियों ने बताया शासन के सहयोग के बिना भी जब हम अपनी रोज़मर्रा की सामाजिक गतिविधियां जैसे की बच्चों की शादी, तीज त्योहार मनाना, अच्छे वस्त्र पहनना, नियमित नहाना धोना इत्यादि कर लेते हैं। फिर क्यू शासन द्वारा शौचालय निर्माण मे सहयोग प्रदान करने के बाद भी उसका उपयोग नहीं कर पाते। जल की समस्या, शौचालय का स्वच्छ न होना इन सब के लिए हम शासन का इंतज़ार क्यू कर रहे हैं, इसकी वजह है की हम खुले मे शौच से होने वाली समस्याओं, बीमारियों के प्रति संवेदनशील नहीं है। महिलाओं के सम्मान की बात हम व्यर्थ ही कहते रहते हैं। अगर ऐसा वास्तविकता मे होता तो हम आज शौचालय मे ही जा रहे होते पर ऐसा नहीं हो रहा है। उपस्थित ग्रामवासियों ने इस बात को समझा और प्रण लिया कि अब न तो वे खुद ऐसा करेंगे न किसी को ऐसा करने देंगे।
उक्त संदेश को गाँव के घर घर तक पहुचाने के लिए ग्राम के सरपंच अमोल सिंह मार्को समेत नरोत्तम राठोर, रामलाल देवांगन, शंकर राठोर, राजकुमार, प्रेम सिंह, अर्जुन पटेल, राहुल, देवधर मिश्रा एवं भल्लू सिंह आगे आकर अपने गाँव की सोच को परिष्कृत करने का जिम्मा उठाने हेतु गाँव की प्रेरक समिति के सदस्य बने।

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