Sunday, April 22, 2018

दुराचारियों को फाँसी देने का केन्द्र का अध्यादेश ऐतिहासिक : मुख्यमंत्री श्री चौहान

दुराचारियों को फाँसी देने का केन्द्र का अध्यादेश ऐतिहासिक : मुख्यमंत्री श्री चौहान



अनूपपुर 22 अप्रैल 2018/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज केन्द्रीय केबिनेट द्वारा 12 वर्ष से कम उम्र की बेटियों के साथ दुराचार होने पर फाँसी की सजा देने के लिये लाये गये अध्यादेश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ऐतिहासिक फैसला बताया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस कड़े फैसले के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय मंत्रीमंडल को धन्यवाद दिया। श्री चौहान ने कहा कि इस संवेदनशील विषय पर मध्यप्रदेश ने भी पहल की थी। पिछले विधानसभा सत्र में एक विधेयक पारित किया गया था जिसमें 12 साल से कम उम्र की बेटी के साथ दुराचार के प्रकरण में फाँसी की सजा का प्रावधान किया था। श्री चौहान ने कहा कि मानव अधिकार केवल मानव के लिये होते हैं। राक्षसों के मानव अधिकार नहीं होते। ऐसे राक्षस जो दूसरे की जिंदगी से खेलते हैं, गरिमा को तार-तार करते हैं और जीवन को नरक बना देते हैं उनको जीने का कोई हक नहीं है। उन्होंने कहा कि दुराचारियों को मृत्यु दण्ड देने का जो फैसला केन्द्र ने लिया है उससे अपराधियों में खौफ पैदा होगा। बेटियों के साथ दुराचार करने का विचार आने से पहले वे सौ बार सोचेंगे। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिये ऐसे ही कड़े कदमों की जरूरत थी। इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा।


इंदौर की घटना पर शोक

इंदौर की त्रासदपूर्ण घटना पर शोक व्यक्त करते हुए श्री चौहान ने कहा कि केन्द्र द्वारा लाये गये अध्यादेश के परिप्रेक्ष्य में अब अपराधी को फाँसी देने का फैसला लेना आसान हो जायेगा। इस प्रकरण को संवेदनशील मानते हुए फास्ट ट्रेक कोर्ट में इसकी सुनवाई होगी। यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि अपराधी को जल्‍द से जल्द फाँसी की सजा मिले। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल पर मध्यप्रदेश ने दण्ड विधि (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक -2017 पारित कर राष्ट्रपति की अनुमति के लिये भेजा गया है। इस विधेयक में भी कड़े दण्डात्मक प्रावधान किये गये हैं। इन प्रावधानों के अनुसार जो कोई 12 वर्ष तक की आयु की बेटी के साथ ज्यादती करेगा उसे मृत्युदंड मिलेगा या कम से कम 14 साल तक की कठोर सजा होगी। एक या अधिक व्यक्तियों द्वारा ज्यादती करने पर मृत्युदंड या 20 वर्ष का कठोर कारावास मिलेगा। शादी का झाँसा देकर ज्यादती करने वाले को तीन साल की सजा मिलेगी और जुर्माना होगा। पीछा करने पर पहली बार में तीन वर्ष की सजा और जुर्माना होगा। दूसरी बार में 7 साल तक की सजा हो सकती है। एक लाख रुपये का जुर्माना होगा। निर्वस्त्र करने पर पहली बार 3 साल से सात साल तक का कारावास। गैर- जमानती अपराध होगा। दूसरी बार में ये सजा 10 साल की कैद और एक लाख जुर्माना का प्रावधान म.प्र. के विधेयक में किया गया है।

24 अप्रैल को पंचायत राज दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मंडला जिले के ग्राम रामपुर से पूरे देश को संबोधित करेंगे


24 अप्रैल को पंचायत राज दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मंडला जिले के ग्राम रामपुर से
पूरे देश को संबोधित करेंगे



अनूपपुर 22 अप्रैल 2018/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कल वीडियो कांफ्रेंसिंग मे बताया कि 24 अप्रैल को पंचायत राज दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मंडला जिले के ग्राम रामपुर से पूरे देश को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन के सजीव प्रसारण की व्यवस्था की गयी है। सभी जिला, जनपद, ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं में सजीव प्रसारण देखने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। श्री चौहान ने बताया कि 30 अप्रैल को आयुष्मान भारत कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाये जायेंगे और स्वास्थ्य साक्षरता संबंधी गतिविधियाँ संचालित की जायेंगी। दो मई को किसान कल्याण दिवस पर किसानों की आय दोगुनी करने के संबंध में ग्राम सभाओं की विशेष बैठक में चर्चा होगी। पांच मई को आजीविका और कौशल विकास दिवस मनाया जायेगा। श्री चौहान ने केन्द्र सरकार के ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत की जाने वाली
गतिविधियों और कार्यक्रमों के संबंध में भी आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिये हैं।

श्री चौहान ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री असंगठित क्षेत्र मजदूर कल्याण योजना की चर्चा करते हुए कलेक्टरों से कहा कि यह सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। सभी कलेक्टर अपने-अपने जिले में श्रमिक कल्याण सम्मेलनों की तैयारी करें। पंजीकृत श्रमिकों की सूची दो मई को होने वाली ग्राम सभाओं में पढ़कर सुनाई जायेगी। शहरों में वार्ड सभाओं में यह सूची पढ़कर सुनाई जायेगी। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि भूमिहीन, आवासहीन गरीब मजदूरों को जमीन का पट्टा देने की सभी औपचारिकताएँ पूरी कर लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के पंजीयन में सभी दस्तावेज स्व-प्रमाणित मान्य किये जायेंगे ताकि उन्हें परेशान न होना पड़े। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल जिलों में पात्र परिवारों को वनाधिकार पट्टे हर हालत में मिल जाना चाहिये।
पेयजल संकट से निपटने की रणनीति तैयार रखें

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ कम वर्षा से पैदा पेयजल संकट से निपटने की तैयारी रखें। जहाँ संकट ज्यादा हो, वहाँ परिवहन के माध्यम से भी पेयजल उपलब्ध कराने की रणनीति बनायें। 

वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह श्री के.के. सिंह और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल एवं संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव उपस्थित थे।

उपार्जन में व्यवधान डालने वाले तत्वों पर होगी कार्रवाई - मुख्यमंत्री श्री चौहान

उपार्जन में व्यवधान डालने वाले तत्वों पर होगी कार्रवाई - मुख्यमंत्री श्री चौहान

पेयजल संकट से निपटने की रणनीति तैयार रखें
वीडियो कांफ्रेंसिंग में संभागायुक्तों, कलेक्टरों से की चर्चा



अनूपपुर 22 अप्रैल 2018/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संभागायुक्तों और कलेक्टरों के साथ सम-सामयिक विषयों पर चर्चा करते हुए उन्हें आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने भावांतर भुगतान योजना और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की चर्चा करते हुए कहा कि एक हफ्ते के भीतर उन सभी किसानों के खातों में राशि पहुँच जाना चाहिये जिनमें तकनीकी कारणों के विलम्ब हुआ। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर भुगतान में विलम्ब की स्थिति ठीक नहीं है।

व्यवधान रहित गेहूँ उपार्जन के लिये कलेक्टरों को बधाई

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गेहूँ उपार्जन के लिये की गई तैयारियों और बिना किसी व्यवधान के चल रहे गेहूँ उपार्जन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टरों और संबंधित विभागीय अमले को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थितियों में किसानों की सहूलियत के लिये खरीदी केन्द्रों को उनके गाँवों के पास भी स्थापित किया जा सकता है । किसानों की संख्या कम होने पर उनकी उपज लाने के लिये परिवहन की व्यवस्था भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि खरीदी केन्द्रों पर तुलाई में अनावश्यक विलम्ब नहीं होना चाहिये। किसानों को ज्यादा से ज्यादा मदद देना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों कहा कि सोशल मीडिया पर किसानों को गुमराह करने वाले और खरीदी व्यवस्था में व्यवधान डालने के इरादे से प्रसारित संदेशों के संबंध में अत्यधिक सावधान रहें। खरीदी व्यवस्था सहित किसानों के हित में उठाये गये कदमों और उनके कल्याण के लिये बनाई व्यवस्थाओं में बाधा डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह श्री के.के. सिंह और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल एवं संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव उपस्थित थे।

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