Friday, April 20, 2018

मेसर्स कृषि विकास केंद्र बिजुरी पर उर्वरक विक्रय पर लगाया गया विक्रय प्रतिबंध हटा

मेसर्स कृषि विकास केंद्र बिजुरी पर उर्वरक विक्रय पर लगाया गया विक्रय प्रतिबंध हटा 
 
अनुपपुर | 20-अप्रैल-2018
 
   
    पंजीयन प्राधिकारी एवं उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री एन डी  गुप्ता ने बताया कि उर्वरक गुण नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत किसानो को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक प्रदान करने की दृष्टि से मेसर्स कृषि विकास केंद्र बिजुरी से संबन्धित  मेसर्स इंडियन पोटाश लिमिटेड सीताकथी बिजीनेस सेंटर चेन्नई के उर्वरक का उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशाला भोपाल मे विश्लेषण उपरांत अमानक पाये जाने पर जिले मे क्रय, विक्रय, भंडारण एवं परिवहन को प्रतिबंधित कर एफआईआर दर्ज करने संबंधी आदेश जारी किए गए थे। तत्पश्चात गार्ड सैंपल को संचालनालय किसान कल्याण एवं कृषि विकास के आदेश अनुसार पुनः विश्लेषण हेतु आरएफसीएल, कृषि विभाग, भारत सरकार चेन्नई की प्रयोगशाला मे भेजा गया। पुनः प्रपट विश्लेषण रिपोर्ट मे उर्वरक का मानक होना पाया गया है। उक्त रिपोर्ट एवं संयुक्त संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास के मार्गदर्शन अनुसार मेसर्स कृषि विकास केंद्र बिजुरी एवं निर्माता कंपनी मेसर्स इंडियन पोटाश लिमिटेड सीताकथी बिजीनेस सेंटर चेन्नई पर लगाया गया विक्रय प्रतिबंध को हटाकर उर्वरक विक्रय अधिकार पत्र को बहाल किया जाता है।

आयुष्मान भारत योजनान्तर्गत पात्र परिवारों का सर्वे 30 अप्रैल तक - डॉ. आर.पी. श्रीवास्तव

आयुष्मान भारत योजनान्तर्गत पात्र परिवारों का सर्वे 30 अप्रैल तक - डॉ. आर.पी. श्रीवास्तव 
प्रतिवर्ष 5.00 लाख रूपये तक निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा का मिलेगा लाभ 
अनुपपुर | 20-अप्रैल-2018
 
   
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी. श्रीवास्तव ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 5.00 लाख रूपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाना है। इस हेतु पात्र परिवारों की सूची को अद्यतन करने हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सर्वे किया जाना है। पात्र परिवारों का आधार निम्नलिखित होगा- चिन्हित स्वास्थ्य व्यवसाय आधारित शहरी परिवार, ऐसे परिवार जो एक कमरे के कच्चे मकान में निवास करते है, परिवार जिसमें 15 सें 59 वर्ष के सदस्य नही है, परिवार की मुखिया महिला जिसमें 16 से 59 वर्ष के पुरूष सदस्य नही है, दिव्यांग सदस्य जिसमें समर्थ पुरूष नहीं है, अनूसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति परिवार, भूमिहीन परिवार जिनका आय का स्त्रोत मजदूरी से प्राप्त होता है, भीख पर आश्रित निर्धन, सिर पर मैला ढोने वाले परिवार, विशेष जनजाति समूह में एवं छुडाये गये बंधुआ मजदूर आदि। सर्वे दिनांक 30 अप्रैल 2018 से 07 मई 2018 तक किया जाना है। एवं सर्वे से संबधित  डाटा फीडिंग का कार्य 10 मई 2018 तक किया जाना है। इस हेतु प्रशिक्षण का आयोजन दिनांक 22 अप्रैल 2018 से 26 अप्रैल 2018 के मध्य किया जाना है। 30 अप्रैल 2018 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन पंचायत स्तर पर किया जाना है। उक्त ग्राम सभा में पंचायत सचिव के द्वारा पात्रता सूची का वचन किया जायेगा एवं योजना से संबधित प्रचार-प्रसार किया जावेगा।

मध्‍य प्रदेश को ‘सर्वाधिक फिल्‍म अनुकूल राज्‍य’ पुरस्‍कार 3 मई को माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा प्रदान किया जाएगा





अनुपपुर 20 अप्रैल 2018/ सर्वाधिक फिल्‍म अनुकूल राज्‍य पुरस्‍कार की घोषणा आज ज्‍यूरी के अध्‍यक्ष श्री रमेश सिप्‍पी द्वारा की गई। सर्वाधिक फिल्‍म अनुकूल राज्‍य पुरस्‍कार भारत के माननीय राष्‍ट्रपति द्वारा 3 मई, 2018 को राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कारों के वितरण के दौरान प्रदान किए जाएंगे।
मध्‍य प्रदेश द्वारा अपने यहां फिल्‍मांकन में सहूलियत सुनिश्चित करने के प्रयासों को देखते हुए इस राज्‍य को ‘सर्वाधिक फिल्‍म अनुकूल राज्‍य पुरस्‍कार’ प्रदान किया गया। मध्‍य प्रदेश सुव्‍यवस्थित वेबसाइट बनाने और फिल्‍म अनुकूल बुनियादी ढांचा स्‍थापित करने के साथ-साथ विभिन्‍न तरह के प्रोत्‍साहनों की पेशकश कर रहा है, संबंधित डेटाबेस का रख-रखाव बढि़या ढंग से कर रहा है और इसके साथ ही विपणन एवं संवर्धन संबंधी पहल भी कर रहा है। ज्‍यूरी ने इसमें भाग लेने वाले 16 राज्‍यों में से मध्‍य प्रदेश का चयन सर्वसम्‍मति से किया है। मध्‍य प्रदेश को उन जाने-माने फिल्‍म निर्माताओं की ओर से भी सकारात्‍मक प्रतिक्रिया या फीडबैक मिला है, जो यहां पहले फिल्‍मांकन कर चुके हैं। पुरस्‍कारों के लिए राज्‍य द्वारा अपनी दावेदारी पेश करने के लिए किए गए प्रयासों की भी सराहना की गई। उत्‍तराखंड राज्‍य को अपने यहां फिल्‍म अनुकूल परिदृश्‍य सुनिश्चित करने की दिशा में किए गए उल्‍लेखनीय प्रयासों को ध्‍यान में रखते हुए ‘विशेष उल्‍लेख प्रमाणपत्र’ प्रदान किया गया है।
इस अवसर पर ज्‍यूरी के अध्‍यक्ष श्री रमेश सिप्‍पी ने कहा, ‘ज्‍यूरी के सदस्‍य अपने-अपने राज्‍यों में फिल्‍म अनुकूल परितंत्र सृजित करने की दिशा में निरंतर कदम उठाने के लिए उत्‍तर प्रदेश और गुजरात के प्रयासों की सराहना करते हैं और इसके साथ ही यह उम्‍मीद करते हैं कि ये राज्‍य अपने अच्‍छे कार्यों को आगे भी जारी रखेंगे। इस वर्ष मध्‍य प्रदेश ने अपने यहां फिल्‍मांकन करना आसान करके यह पुरस्‍कार प्राप्‍त किया है, जहां बड़ी संख्‍या में फिल्‍म निर्माताओं ने विगत वर्षों के दौरान फिल्‍मांकन किया है। मध्‍य प्रदेश उत्‍कृष्‍ट बुनियादी सहायता एवं फिल्‍मांकन संबंधी बुनियादी ढांचा मुहैया कराने के साथ-साथ फिल्‍म बनाने के लिए एक सूचनाप्रद वेबसाइट और अनेक प्रोत्‍साहनों की भी पेशकश कर रहा है। उनकी प्रविष्टि को अत्‍यंत  व्यापक तरीके से दिए गए सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया था। इसके अलावा, ज्‍यूरी ने उत्‍तराखंड के एक दुर्गम क्षेत्र होने के साथ-साथ एक अपेक्षाकृत नया राज्य होने के बावजूद इस राज्‍य द्वारा अपने यहां फिल्‍मांकन की दिशा में किए गए उल्‍लेखनीय प्रयासों को भी रेखांकित किया है। इसे ध्‍यान में रखते हुए उत्‍तराखंड को विशेष उल्‍लेख प्रमाणपत्र दिया गया है।’
सर्वाधिक फिल्‍म अनुकूल राज्‍य पुरस्‍कार 2017 के चयन के लिए संबंधित ज्‍यूरी की अध्‍यक्षता जाने-माने फिल्‍म निर्माता श्री रमेश सिप्‍पी ने की। ज्‍यूरी में प्रख्‍यात फिल्‍म निर्माता श्री नागराज मंजुले, श्री राजा कृष्‍ण मेनन, श्री विवेक अग्निहोत्री और मोशन पिक्‍चर डिस्‍ट्रीब्‍यूटर्स एसोसिएशन के एमडी श्री उदय सिंह भी शामिल थे।

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