Monday, March 19, 2018

भावांतर योजना के तहत 24 मार्च तक होंगे पंजीयन

भावांतर योजना के तहत 24 मार्च तक होंगे पंजीयन 

अनुपपुर | 18-मार्च-2018


  
    रबी 2017-18 में भावांतर भुगतान योजनान्तर्गत पंजीयन के संबंध में राज्य शासन द्वारा 12 फरवरी 2018 से 12 मार्च 2018 के मध्य चना, मसूर, सरसों एवं प्याज के निःशुल्क पंजीयन गेहूं, धान का ई-उपार्जन करने वाली समस्त प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों एवं मण्डियों में पंजीयन किए जाने का निर्णय लिया गया था। उक्त पंजीयन अवधि 12 मार्च की जगह 24 मार्च 2018 तक बढ़ाये जाने का निर्णय म.प्र. शासन द्वारा किसानों के हित में लिया गया है। किसान भाईयों से आग्रह किया गया है कि भावांतर योजना में अधिक से अधिक पंजीयन करवाकर योजना का लाभ लें।

अनूपपुर तहसील की बकही तथा बदरा रेत खदान संबंधित पंचायतों को सौंपी गयी

अनूपपुर तहसील की बकही तथा बदरा रेत खदान संबंधित पंचायतों को सौंपी गयी 

अनुपपुर | 18-मार्च-2018
 
   
    म.प्र. रेत खनन नीति 2017 के तहत कलेक्टर श्री अजय शर्मा ने अनूपपुर तहसील की बकही रेत खदान तथा बदरा रेत खदान को ग्राम पंचायत के अधिपत्य में हस्तांतरित करने संबंधी आदेश जारी किये हैं। बकही रेत खदान ग्राम पंचायत बकही के आ.ख.नं. 791, 787 रकबा 5.664 हे. क्षेत्र में स्थित है तथा बदरा रेत खदान ग्राम पंचायत बदरा के आ.ख.नं. 222, 23/1 रकबा 5.165 हे. क्षेत्र में स्थित है। इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी ने जन सामान्य को सूचित किया है कि वे अपनी आवश्यकता अनुसार रू. 125 प्रति घ.मी. की दर से ऑनलाइन रायल्टी जमा करके खदान में रसीद प्रस्तुत कर रेत प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति म.प्र. शासन खनिज साधन विभाग के विभागीय पोर्टल ’’e-Khanij’’ में जाकर Quick Links में Sand portal,M.P. में प्रवेश कर अपनी आवश्यकता अनुसार विकल्पों का चयन कर रेत बुकिंग कर रसीद प्राप्त कर सकते है। विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय कलेक्टर (खनि शाखा) जिला-अनूपपुर म.प्र. से संपर्क किया जा सकता है।

Sunday, March 18, 2018

पूजा वस्त्रकार ने दिलाई शहडोल को विस्वस्तरीय पहचान नवरात्रि शुभारंभ के शुभ अवसर पर नारी शक्ति हुई परिलक्षित


सफलता की कहानी

पूजा वस्त्रकार ने दिलाई शहडोल को विस्वस्तरीय पहचान
नवरात्रि शुभारंभ के शुभ अवसर पर  नारी शक्ति हुई परिलक्षित




अनूपपुर 18 मार्च 2018/ किसी भी स्थान विशेष के लिए वह दिन गौरव का दिन होता है जब निवासियों को पहचान देने वाले को वहाँ पले-बढ़े किसी इंसान के द्वारा पहचान मिलती है। नर्मदा नदी के इर्द गिर्द, प्रकृति की गोद मे बसे इस शान्तिप्रिय क्षेत्र को आज शहडोल की बेटी पूजा वस्त्रकार के द्वारा विस्वस्तरीय पहचान मिल गयी है। आज के शुभ दिन पूजा की प्रतिभा, लगन एवं संघर्ष को बयान करने वाला लेख क्रिकेट की बहुचर्चित वेबसाइट espncricinfo के होम पेज पर आया। आज नवरात्रि शुभारंभ के पवित्र अवसर पर ही नारी शक्ति का परिलक्षित होना एक सुखद संयोग है। यह निःसंदेह न केवल शहडोल क्षेत्र अपितु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। इससे समस्त महिला समुदाय मे आत्मविश्वास का संचार होगा साथ ही मध्यप्रदेश की विकास यात्रा मे महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने मे भी सहयोगी होगा।

पूजा वस्त्रकार जिन्होने महज दूसरे महिला एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच मे नौवे नंबर पर बल्लेबाज़ी कर अर्धशतक लगाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर क्रिकेट जगत मे सनसनी फैला दी थी। कभी गुमनाम रहने वाली पूजा को आज किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। पाँच बहनो एवं दो भाइयों के बीच सबसे छोटी पूजा के पिता बीएसएनएल के सेवानिवृत्त कर्मचारी है। महज 10 वर्ष की उम्र मे माँ का साथ छुटना इसके बाद लगातार चोटों से खेल के बाधित होने की अडचने  भी पूजा की  मेहनत, लगन एवं दृढ़ निशय के सामने हार गयी। भारतीय महिला टीम की फ़िल्डिंग कोच बीजू जॉर्ज के अनुसार पूजा संघर्ष की पर्याय है।
ऐसे हुई शुरुआत

पूजा कहती है भारतीय पुरुष टीम के विस्फोटक बल्लेबाज़ वीरेंद्र सेहवाग की वजह से वह क्रिकेट के प्रति आकृष्ट हुई और क्रिकेट को भविष्य बनाने का विचार उनके मन मे आया। उसके बाद शहडोल की गलियों मे बच्चो के साथ खेलने की शुरुआत हुई। शुरुआत मे सिर्फ फ़िल्डिंग मिलती थी, धीरे-धीरे गेंदबाजी और कभी कभी बल्लेबाज़ी का मौका भी मिलने लगा। पूजा बताती हैं उस एक दो ओवर मे भी वो कमाल कर देती थीं। पूजा की लगन का पता इस बात से पता चलता है कि जब लड़के फ़िटनेस ट्रेनिंग करते थे तो खाली नेट मे वो बल्लेबाज़ी का अभ्यास करती थीं। इसी लगन को कोच आशुतोष श्रीवास्तव द्वारा देखा गया एवं पूजा का नयी ऊंचाइयों को छूने का सफर प्रारम्भ हुआ।
सिर्फ 6 महिला एकदिवसीय मैच के बाद ही मिला बीसीसीआई का सेंट्रल कांट्रैक्ट


क्रिकेट की सभी विधाओं के गुणो से सम्पन्न पूजा को उनकी विलक्षण प्रतिभा, कड़ी मेहनत एवं लगन के परिणाम स्वरूप महज 6 महिला एकदिवसीय मैच के उपरांत ही बीसीसीआई का सेंट्रल कांट्रैक्ट मिल गया है।पूजा जो बतौर गेंदबाजी आलराउंडर भारतीय महिला टीम मे है, वो चाहती हैं कि उन्हे ऐसे आलराउंडर के रूप मे जाना जाए जो बल्लेबाज़ी, गेंदबाजी एवं क्षेत्ररक्षण सभी मे अच्छी हैं। यूं कहें “ पूजा को सब कुछ आता है और अच्छी तरह से आता है “
समस्त क्षेत्र पूजा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं देता है। नवरात्रि शुभकामनाओं के साथ एक बार फिर से “नारी शक्ति की जय” 

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