सफलता की कहानी
बेला बाई कहती है ग़रीबों की मेहनत की क़ीमत समझती है सरकार
अनूपपुर 27 सितंबर 2018/ कड़ी धूप में नंगे पाँव पत्ते संग्रहित करना एवं उन्हें जाकर बेचना। रास्तों में काटे आएँ कंकड़ आए सब सहते हुए मेहनत करते रहना। अपनी मेहनत से परिवार का भरण पोषण करना। अपने उत्तरदायित्वों के प्रति सजग रहना। अनूपपुर ज़िले के ग्राम सकरा की तेन्दुपत्ता संग्राहक बेला कहती हैं अपना सिर उठाकर जीने के लिए हम तेन्दुपत्ता संग्राहक परिश्रम से कभी पीछे नही हटते। आप कहती हैं शासन की चरण पादुका योजना, पानी की कुप्पी का प्रदाय एवं साड़ी देना शासन की तेन्दुपत्ता संग्राहको के प्रति संवेदनशीलता का परिणाम है। आप बताती है कि उन्हें 11.95 गड्डी तेन्दुपत्ता के संग्रहण पर शासन द्वारा 3131.73 रुपए प्रति गड्डी की दर से कुल 37424 रुपए बोनस राशि प्राप्त हुई है। आप कहती है तेन्दुपत्ता संग्राहको की मेहनत के मोल को शासन पहचानती है। इस राशि की प्राप्ति से मेहनतकश तेन्दुपत्ता संग्राहको में आत्मविश्वास का संचार हुआ है। अब हम सब और मेहनत कर शासन की अन्य योजनाओं की मदद से आगे बढ़ने के लिए और प्रयास करेंगे।
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