Wednesday, May 30, 2018

सफलता की कहानी अध्यापको मे हर्ष की लहर शिक्षा के महत्व की पहचान एवं शिक्षको का सम्मान है इस सरकार की पहचान अनूपपुर के नवीन शिक्षको ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञपित किया

सफलता की कहानी
अध्यापको मे हर्ष की लहर
शिक्षा के महत्व की पहचान एवं शिक्षको का सम्मान है इस सरकार की पहचान
अनूपपुर के नवीन शिक्षको ने  मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञपित किया

अनूपपुर 30 मई 2018/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि परिषद की बैठक में 224 सामुदायिक और 89 जनजातीय विकासखण्डों में क्रमश: स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग की शैक्षणिक संस्थाओं में कार्यरत अध्यापक संवर्ग की सेवाओं को शिक्षा विभाग में संविलियन करने का निर्णय लिया गया।
अनूपपुर मे मंत्रिपरिषद के इस निर्णय से अध्यापक संवर्ग मे हर्ष की लहर है। सभी अध्यापको ने एक स्वर मे मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद ज्ञपित किया है।

मुख्यमंत्री जी जो कहते हैं वो करते हैं- श्री देवेश बघेल
एपीसी (आरएमएसए) श्री देवेश बघेल का कहना है कि मुख्यमंत्री जी ने जो कहा है वो करके दिखाया है। इस फैसले से पूरे अनूपपुर मे अध्यापक संवर्ग मे प्रसन्नता की लहर है।इससे सभी साथियों मे नए उत्साह का संचार हुआ है। अब सभी भविष्य की चिंताओ से मुक्त होकर पूरे मनोयोग एवं दोगुने उत्साह से शैक्षणिक गतिविधियों की उन्नति एवं प्रगति मे कार्य करेंगे। अनूपपुर मे शैक्षणिक परिणामो को शत प्रतिशत ले जाएंगे।
नए उत्साह का हुआ है संचार - संजय मिश्रा
शा.माडल उ.मा.वि. अनूपपुर के वरिष्ठ अध्यापक श्री संजय मिश्रा जिनका संविलयन के पश्चात व्याख्याता के पद मे नियोजन होगा कहते हैं कि देश के भविष्य निर्माताओ को सशक्त करने का पवित्र कार्य कर रहे अध्यापक समुदाय की पीड़ा को समझा है मुख्यमंत्री जी ने इससे हम सभी मे नए उत्साह का संचार हुआ है।


सामाजिक प्रतिष्ठा मे हुई है वृद्धि
शा.मा.वि. पुष्पराजगढ़ के सहायक अध्यापक श्री रमेश सोनकर का कहनाहै कि इस फैसले के आने से अध्यापक वर्ग के सम्मान मे वृद्धि हुई है। शिक्षा जैसा पवित्र कार्य करने के उपरांत भी विभागीय व्यवस्थाओं के कारण अभी तक यथोचित सम्मान नहीं प्राप्त हो रहा था।

शिक्षा के महत्व को पहचानती है सरकार

शासकीय विद्यालय देवहरा मे पदस्थ अध्यापक श्री अजीत सिंह जिनका घोषणा उपरांत शिक्षक पद पर संविलयन होगा, मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद ज्ञपित करते हुए कहते हैं कि शिक्षा के महत्व को सरकार बखूबी पहचानती है उक्त निर्णय इस बात का प्रमाण है।
शिक्षा का सम्मान है इस सरकार की पहचान - श्रीमती गरिमा भारद्वाज
शासकीय विद्यालय बरगवा की अध्यापक श्रीमती गरिमा भारद्वाज जिनका संविलयन शिक्षक पद मे होगा ने कहा है कि शिक्षा का सम्मान इस सरकार की पहचान है। विद्यार्थियों की शिक्षा मे विकास के लिए शासन  द्वारा बहुत सी योजनाए क्रियान्वित हैं। इसी क्रम मे यह फैसला सरकार के शिक्षा के प्रति सम्मान एवं महत्व को निरूपित करता है।
इस निर्णय के फल स्वरूप 224 सामुदायिक विकासखण्डों में विभागीय शैक्षणिक संस्थाओं में स्थानीय निकायों के नियंत्रणाधीन नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत अध्यापक संवर्ग के सहायक अध्यापक, अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक का शिक्षा विभाग में संविलियन कर इनकी नियुक्ति प्रस्तावित 'म.प्र राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) भर्ती नियम 2018' के तहत नवगठित सेवा के अधीन क्रमश: प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर किया जाएगा। यह सेवा एक जुलाई 2018 से प्रभावशील होगी। म.प्र राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) भर्ती नियम 2018 को अंतिम रूप भी दिया जाएगा। एक जुलाई 2018 से सातवें वेतन आयोग के अनुशंसित वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। वर्तमान में सहायक अध्यापक,अध्यापक,वरिष्ठ अध्यापक के लिए स्वीकृत पद संख्या के अनुरूप संबंधित विभागों के प्रस्तावित विभागीय भर्ती नियमों में क्रमश: प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद भी सृजित किये जायेगें। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत 89 विकासखण्डों के स्कूलों में लगभग 53 हजार और स्कूल शिक्षा विभाग के 224 विकासखण्डों में लगभग 1 लाख 84 हजार अध्यापक विद्यालयों में कार्यरत है। इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 2 लाख 37 हजार अध्यापक लाभांवित होंगें।

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