| एक अप्रैल से मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति एवं प्रोत्साहन योजना होगी लागू |
| उद्यमों को स्थापित करने के लिए मिलेंगी अनेक सहूलियतें :- राज्य मंत्री श्री पाठक |
| अनुपपुर | 31-मार्च-2018 |
प्रदेश के समग्र औद्योगिक विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पिछले वर्ष हुए एमएसएमई सम्मेलन में म.प्र.एमएसएमई विकास नीति 2017 जारी की गई थी। यह विकास नीति प्रदेश में एक अप्रैल, 2018 से लागू की जा रही है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार) श्री संजय-सत्येन्द्र पाठक ने नए वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए विभाग का 852 करोड़ 42 लाख 65 हजार रुपये का बजट मंजूर हुआ है।
राज्य मंत्री श्री पाठक ने बताया कि विकास नीति 2017 के साथ-साथ मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 भी इसी तारीख से लागू होगी। प्रोत्साहन योजना में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों की नीति के अंतर्गत सहायता/सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। विकास नीति 2017 में मिलेंगी सहूलियतें : विभिन्न अनुदान का एकीकरण कर एमएसएमई को निवेश का 40 प्रतिशत उद्योग विकास अनुदान के रूप में 5 वार्षिक किश्तों में दिया जायेगा। यदि निवेशक मध्यम श्रेणी के विनिर्माण उद्यम की स्थापना के उद्देश्य से निजी भूमि खरीदता है अथवा अविकसित शासकीय भूमि शासन से प्राप्त करता है, तो ऐसी इकाईयों को इकाई परिसर तक पानी, सड़क और बिजली व्यवस्था के लिये अधोसरंचना विकास में किये गये व्यय की 50 फीसदी वित्तीय सहायता, अधिकतम 25 लाख रूपये मिलेंगे। औद्योगिक इकाइयों को अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों, जिनमें ईटीपी,एसटीपी आदि शामिल हैं, की स्थापना में निवेश के लिए 50 प्रतिशत पूँजी अनुदान अधिकतम 25 लाख रूपये मिलेंगे। निजी औद्योगिक क्षेत्रों तथा बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना/ विकास के लिए व्यय की गई राशि का 20 प्रतिशत अधिकतम 2 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की जाएगी। विकसित औद्योगिक क्षेत्र का क्षेत्रफल न्यूनतम 5 एकड़ या बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का कारपेट क्षेत्र कम से कम 10 हजार वर्ग फीट होना जरूरी है। इनमें 5 औद्योगिक इकाईयाँ कार्यरत होना जरूरी होगा। नई औद्योगिक इकाईयाँ, जिनमें 10 से अधिक नियमित कर्मचारियों के सीपीएफ में प्रति कर्मचारी अधिकतम 1 हजार रूपये नियोक्ता के अंश के रूप में जमा किए जा रहे हों, ऐसे कर्मचारियों को नियोक्ता के अंश की शत-प्रतिशत राशि की प्रतिपूर्ति 5 वर्ष की अवधि के लिए या अधिकतम 5 लाख रूपये(इनमें से जो भी कम हो) प्रदान की जाएगी। गुणवत्ता प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए व्यय का 50 प्रतिशत अधिकतम 3 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा की जाएगी। राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय नियम/कानून के अंतर्गत शोध एवं अनुसंधान के आधार पर विकसित किए गये उत्पादों/ उत्पादन प्रक्रियाओं का पेटेंट/ आईपीआर कराने पर हुए व्यय का शत-प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा की जाएगी। भारत सरकार की आईएनएसआईटीयू अपग्रेडेशन योजना के तहत पॉवरलूम का उन्नयन करने के लिए किये गये व्यय में से, भारत सरकार से प्राप्त वित्तीय सहायता के समायोजन के बाद, शेष राशि का शत-प्रतिशत या उन्नयन लागत का 25 प्रतिशत जो भी कम हो अधिकतम 8 पॉवरलूम प्रति इकाई सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य मंत्री श्री पाठक ने बताया कि सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए स्वतंत्र रूप से गठित एमएसएमई विभाग की स्थापना के दो वर्ष 5 अप्रैल 2018 को पूर्ण कर रहा है। इन 2 वर्षों की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए श्री पाठक ने बताया कि विभाग ने एमएसएमई को विकसित करने के साथ- साथ सक्षम बनाने के लिए नीतियाँ बनाईं हैं। नीतियों के क्रियान्वयन हेतु नियम बनाए गए हैं। |
Saturday, March 31, 2018
एक अप्रैल से मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति एवं प्रोत्साहन योजना होगी लागू
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Featured Post
युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास
युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास नोडल अधिकारियों की बैठक में निर्वाचन दायित्वों की कलेक्टर ने की समीक्षा ...
इस सप्ताह सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें
-
बच्चे देश की धरोहर हैं, उनका समुचित पालन पोषण आवश्यक - विधानसभा दल सभापति ऊषा ठाकुर - अनुपपुर | 10-सितम्बर-2017 बच्...
-
जिले में अभी तक कुल 91.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज अनुपपुर | 26-जून-2018 अधीक्षक भू-अभिलेख अनूपपुर द्वारा दी गई जानका...
-
प्रदेश के 54 लाख विद्यार्थियो की मूलभूत दक्षताओं का आकलन दूरदर्शन से प्रसारित हो रहा विशेष कार्यक्रम अनुपपुर | 25-जून-2018 ...
-
निजी स्कूलों की पहली कक्षा में निःशुल्क प्रवेश के लिए 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित 5 जुलाई को ऑनलाइन लाटरी से मिलेगा निजी स्कूलों में...
-
गांव-गांव में घूमकर आयुक्त श्री शर्मा ने खोजे नामांतरण एवं सीमांकन के प्रकरण - अनुपपुर | 10-सितम्बर-2017 आयुक्त...

No comments:
Post a Comment