Sunday, September 10, 2017

बच्चों एवं युवाओं का बढ़ा उत्साह, मुख्यमंत्री श्री चौहान ‘‘दिल से’’ उनके साथ

बच्चों एवं युवाओं का बढ़ा उत्साह, मुख्यमंत्री श्री चौहान ‘‘दिल से’’ उनके साथ 
अनुपपुर | 10-सितम्बर-2017
 
   
    मुख्यमंत्री ‘‘दिल से’’ संवाद की दूसरी कड़ी में आज मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के बच्चों एवं युवाओं से रेडियो एवं दूरदर्शन के माध्यम से संवाद किया। इस संवाद को अनूपपुर जिले के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं ने सुना। श्री चौहान ने कहा कि प्रतिभा सब में है, हमारी सोच एवं कर्म ही हमारा व्यक्तित्व बनाते हैं। जो अपनी मदद आप करते हैं, भगवान भी उनकी मदद करते हैं। शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करते हुए आपने कहा कि माता-पिता संसार में लाते हैं, शिक्षक उसमें रहने योग्य बनाते हैं। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न महापुरुषों महात्मा गांधी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बारे में बताते हुए कहा कि कमियां, परेशानियां एवं अभाव व्यक्तित्व निखार में बाधक नहीं बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये महापुरुष विलक्षण शक्तियों के धनी नहीं थे, बल्कि अपने दृढ़ संकल्प, मेहनत, लगन एवं कठिन परिश्रम से महान बने हैं। आपने प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के बारे में कहा कि 1962 एवं 1965 की चीन एवं पाकिस्तान से लड़ाईयों के समय में वे जवानों की ट्रेनों में अपने पिताजी के साथ चाय देने का कार्य करते थे, यहां पर उन्होंने कहा कि केवल सफल जीवन पूर्ण नहीं है, जीवन का सार्थक होना आवश्यक है। बच्चों को उत्साहित करते हुए आपने कहा कि केवल रट्टू तोता नहीं बने, बल्कि चीजों को समझे एवं नये प्रयोग करें। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से आग्रह किया कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाकर उनकी प्रतिभा का स्वाभाविक तरीके से विकास होने दें।
बच्चों को दिया सफलता का मंत्र
    श्री चौहान ने बच्चों को सफलता के पांच मंत्रों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, लक्ष्य निर्धारण, लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प, लक्ष्य प्राप्ति की राह और उस राह पर चलने का कठिन परिश्रम ये पांच मंत्र आपको जीवन में सफलता दिलाएंगे।
    श्री चौहान ने प्रदेश में बच्चों के विकास एवं सफल जीवन के राह में आने वाले अभावों को दूर कर सफलता की ओर ले जाने के लिए चल रही योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि बच्चों में कोई भेद नहीं होगा, चाहे वह किसी भी जाति का हो, सभी को छात्रवृत्ति की सुविधा उपलब्ध है। पुस्तक वितरण, साईकल वितरण, गांव की बेटी योजना, उत्कृष्ट विद्यालय, एकलव्य विद्यालय एवं प्रायोजित सर्वोदय विद्यालयों के माध्यम से बच्चों के सतत् एवं सम्पूर्ण विकास की ओर शासन दृढ़ संकल्पित है।
    इस संवाद में श्री चौहान ने प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों का उल्लेख करते हुए बताया कि अब कोई भी प्रतिभावान छात्र आर्थिक समस्याओं की वजह से अग्रिम पढ़ाई से वंचित नहीं होगा। इस क्रम में सर्वप्रथम जिले के सुयश नामदेव का जिक्र उन्होंने किया। इस कड़ी में श्री सुयश नामदेव के अतिरिक्त खरगोन जिले के श्री पवन मण्डलोई, कु. सुमन बागरी, बैतूल जिले की कु. किरन, एकलव्य विद्यालय मंडला की छात्रा गीता बैगा के साथ अन्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का उल्लेख किया। उन्होंने रीवा जिले की कलेक्टर श्रीमती प्रीति मैथिल नायक का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश को अपनी बेटी पर गर्व है। 

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