Tuesday, July 3, 2018

नर्मदा सेवा मिशन अन्तर्गत 15 जुलाई को वृक्षारोपण महाभियान

नर्मदा सेवा मिशन अन्तर्गत 15 जुलाई को वृक्षारोपण महाभियान 
 
अनुपपुर | 03-जुलाई-2018
 
   
    नर्मदा सेवा मिशन अन्तर्गत 15 जुलाई 2018 को वृक्षारोपण महाभियान चलाया जाएगा। वृक्षारोपण महाभियान में सहयोगी समस्त विभाग प्रमुखों को उन्हें आवंटित कार्यों के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु क्षेत्रीय अमले को निर्देशित करने हेतु आदेशित किया गया है। 15 जुलाई 2018 को नर्मदा कछार क्षेत्र में वृक्षारोपण महाभियान अन्तर्गत शासन द्वारा विभिन्न विभागों को पौधारोपण हेतु लक्ष्य आवंटित किये गये हैं। उक्त वृक्षारोपण महाभियान के अन्तर्गत म.प्र. जनअभियान परिषद सहयोगी की भूमिका में रहेगा, परिषद को पौधारोपण हेतु पृथक से अक्ष्य आवंटित नहीं किया गया है। समन्वयक परिषद के साथ संबद्ध स्वैच्छिक संगठनों/सामाजिक कार्यकर्ताओं/नर्मदा सेवा समितियों/ सीएमसीएलडीपी छात्रों/मेन्टर्स के माध्यम से विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर वृक्षारोपण का कार्य किया जायेगा। वृक्षारोपण महाभियान के पूर्व 25 जून 2018 से जन जागरूकता हेतु नर्मदा तटीय क्षेत्रों/ग्रामों में उक्त विभागों के साथ पेड़ लगाओं यात्रा का आयोजन, गांव-गांव में विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों एवं चौपाल आदि के माध्यम से जन जागरण तथा प्रचार प्रसार, इस अभियान में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता हेतु इच्छुक लोगों का ऑनलाइन पंजीयन वेबसाईट/लिंक www.namamidevinarmade.mp.gov.in./plantation.aspx के माध्यम से करवाने के निर्देरू दिए गए हैं। 

जिले में नवीन मध्य प्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति 2018 लागू

जिले में नवीन मध्य प्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति 2018 लागू 
 
अनुपपुर | 03-जुलाई-2018
 
   
    जिला अभियोजन अधिकारी राकेरू पाण्डेय ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन ने जिले में नवीन मध्य प्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति 2018 लागू किया है। जिसके तहत जिले में स्थित समस्त दण्ड न्यायालयों में (आपराधिक मुकदमों में) अभियोजन के संचालन का प्राथमिक दायित्व उपसंचालक अभियोजन का होगा और जिले में पदस्थ समस्त लोक अभियोजक, अतिरिक्त लोक अभियोजक, विशेष लोक अभियोजक तथा रेग्यूलर कैडर के जिला अभियोजन अधिकारी, अति. जिला अभियोजन अधिकारी, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, उप संचालक अभियोजन के अधीनस्थ होकर उनके सामान्य/विशेष पर्यवेक्षण, निरीक्षण, नियंत्रण, निर्देशन, मार्गदर्शन में काम करेंगे।
    उपसंचालक अभियोजन जिले के समस्त अभियोजकों के मध्य कार्य विभाजन एवं कार्यों की समीक्षा करेंगे।उप संचालक अभियोजन जिले में पदस्थ समस्त लोक अभियोजकों में से किसी की अनुपस्थिति एवं अवकाश की दशा में आपराधिक प्रकरणों के संचालन हेतु वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे। जिले में पदस्थ समस्त लोक अभियोजक अवकाश पर जाने के स्थिति में अवकाश स्वीकृत की सूचना उप संचालक अभियोजन को देंगे।
    मध्य प्रदेश शासन द्वारा रेग्यूलर कैडर के अभियोजन अधिकारियों को महत्वपूर्ण आपराधिक प्रकरणों जैसे, गंभीर एवं सनसनीखेज अपराध, पॉस्को, लोकायुक्त में पैरवी का अनन्य अधिकार दिया था जिसके परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश राज्य में दोषसिद्धि का प्रतिशत औसत रूप से ज्यादा बढ़ा है, जिसके महत्व को राज्य शासन ने मानते हुए जिले के आपराधिक मुकदमों की सम्पूर्ण कमान रैग्यूलर कैडर के उपसंचालक अभियोजन को सौंपा है।
    जिले में पदस्थ प्रभारी उप संचालक श्री रामनरेश गिरी, ने बताया है, कि नवीन मुकदमा नीति के अनुशरण में जिले में आपराधिक मामलों में संचालन एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति का गठन किया जा रहा है, जिसके अध्यक्ष जिला मजिस्ट्रेट (कलेक्टर जिला अनूपपुर) होंगे एवं सदस्य पुलिस अधीक्षक, उप संचालक अभियोजन एवं कलेक्टर द्वारा नामित डिप्टी कलेक्टर स्तर को कोई एक अधिकारी होगा। इस समिति के द्वारा उपसंचालक अभियोजन/डीपीओ जिले में आपराधिक प्रकरणों के नियंत्रण, समन्वयन, प्रबंधन तथा संचालन में जिला मजिस्ट्रेट की सहायता करेंगे। समिति प्रकरणों के समस्त श्रेणियों की प्रगति का पर्यवेक्षण तथा पुर्नविलोकन करेगी और अभियोजन संचालन में कदाचार एवं उपेक्षा करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करेगी। जिले में समस्त आपराधिक प्रकरणों के प्रभावी संचालन का उत्तरदायित्व इस कार्यालय को शासन द्वारा सौंपा गया है, अतः जिले के समस्त विभाग के सभी किस्म के आपराधिक प्रकरण इस कार्यालय के माध्यम से या जानकारी देते हुए माननीय न्यायालय में पेश करें। नवीन मुकदमा नीति के विरूद्ध कार्य पाए जाने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध उचित विधिक कार्यवाही हेतु संचालक, लोक अभियोजन, भोपाल (जो कि अंतिम रूप से सम्पूर्ण राज्य में आपराधि प्रकरणों मे सुचारू रूप अभियोजन संचालन के उत्तरदायी हैं) के माध्यम से संबंधित विभाग को लिखा जाएगा। 

ग्रेडिंग में सुधार के लिए विद्यार्थियों के हेप्पीनेस पर ध्यान दें - राज्यपाल

ग्रेडिंग में सुधार के लिए विद्यार्थियों के हेप्पीनेस पर ध्यान दें - राज्यपाल 
 
अनुपपुर | 03-जुलाई-2018
 
   
    राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालयों को अपनी नेक ग्रेडिंग में सुधार के लिए अधोसंरचना उन्नयन के साथ-साथ विद्यार्थियों के हेप्पीनेस पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को यूजीसी की ग्रांट सहित केन्द्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की उन योजनाओं को लागू करने का प्रयास करना चाहिए, जिससे विभागों से भी ग्रांट प्राप्त हो सके। राज्यपाल ने यह बात गत दिवस प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से नेक ग्रेडिंग और रूसा परियोजना पर चर्चा के दौरान कही। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री बी.आर. नायडू, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री अजीत कुमार, यूजीसी की अतिरिक्त सचिव डॉ.श्रीमती रेणू वत्रा, राज्यपाल के सचिव श्री भरत पी महेश्वरी तथा कुलपति उपस्थित थे। 

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