Sunday, September 10, 2017

अनूपपुर जिले के श्री सुयश नामदेव का नाम पहुंचा मुख्यमंत्री संवाद तक -

अनूपपुर जिले के श्री सुयश नामदेव का नाम पहुंचा मुख्यमंत्री संवाद तक 
अनुपपुर | 10-सितम्बर-2017
 
   
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ‘‘दिल से’’ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का उल्लेख किया। इस क्रम में अनूपपुर जिले के होनहार बेटे श्री सुयश नामदेव जिनका चयन आईआईटी खड़गपुर में हुआ है, का उल्लेख सर्वप्रथम किया। इनका नाम आते ही अनूपपुर के रहवासियों के चेहरे में गर्व देखते ही बनता था। इससे पहले श्री सुयश नामदेव को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कलेक्टर श्री अजय शर्मा द्वारा भी सम्मानित किया गया था। इस कड़ी में श्री सुयश नामदेव के अतिरिक्त खरगोन जिले के श्री पवन मण्डलोई, कु. सुमन बागरी, बैतूल जिले की कु. किरन, एकलव्य विद्यालय मंडला की छात्रा गीता बैगा के साथ अन्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का उल्लेख किया। इसका उद्देश्य इन छात्रों के माध्यम से प्रदेश के समस्त छात्रों में उत्साह एवं आत्मविश्वास जागृत करना था। ये सभी मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के लाभार्थी हैं। श्री चौहान ने यह भी बताया कि इनकी शिक्षा का खर्च सरकार वहन करेगी। अब प्रदेश का कोई भी मेधावी विद्यार्थी आर्थिक अभावों के चलते शिक्षा से वंचित नहीं होगा। 

बच्चों एवं युवाओं का बढ़ा उत्साह, मुख्यमंत्री श्री चौहान ‘‘दिल से’’ उनके साथ

बच्चों एवं युवाओं का बढ़ा उत्साह, मुख्यमंत्री श्री चौहान ‘‘दिल से’’ उनके साथ 
अनुपपुर | 10-सितम्बर-2017
 
   
    मुख्यमंत्री ‘‘दिल से’’ संवाद की दूसरी कड़ी में आज मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के बच्चों एवं युवाओं से रेडियो एवं दूरदर्शन के माध्यम से संवाद किया। इस संवाद को अनूपपुर जिले के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं ने सुना। श्री चौहान ने कहा कि प्रतिभा सब में है, हमारी सोच एवं कर्म ही हमारा व्यक्तित्व बनाते हैं। जो अपनी मदद आप करते हैं, भगवान भी उनकी मदद करते हैं। शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करते हुए आपने कहा कि माता-पिता संसार में लाते हैं, शिक्षक उसमें रहने योग्य बनाते हैं। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न महापुरुषों महात्मा गांधी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बारे में बताते हुए कहा कि कमियां, परेशानियां एवं अभाव व्यक्तित्व निखार में बाधक नहीं बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये महापुरुष विलक्षण शक्तियों के धनी नहीं थे, बल्कि अपने दृढ़ संकल्प, मेहनत, लगन एवं कठिन परिश्रम से महान बने हैं। आपने प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के बारे में कहा कि 1962 एवं 1965 की चीन एवं पाकिस्तान से लड़ाईयों के समय में वे जवानों की ट्रेनों में अपने पिताजी के साथ चाय देने का कार्य करते थे, यहां पर उन्होंने कहा कि केवल सफल जीवन पूर्ण नहीं है, जीवन का सार्थक होना आवश्यक है। बच्चों को उत्साहित करते हुए आपने कहा कि केवल रट्टू तोता नहीं बने, बल्कि चीजों को समझे एवं नये प्रयोग करें। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से आग्रह किया कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाकर उनकी प्रतिभा का स्वाभाविक तरीके से विकास होने दें।
बच्चों को दिया सफलता का मंत्र
    श्री चौहान ने बच्चों को सफलता के पांच मंत्रों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, लक्ष्य निर्धारण, लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प, लक्ष्य प्राप्ति की राह और उस राह पर चलने का कठिन परिश्रम ये पांच मंत्र आपको जीवन में सफलता दिलाएंगे।
    श्री चौहान ने प्रदेश में बच्चों के विकास एवं सफल जीवन के राह में आने वाले अभावों को दूर कर सफलता की ओर ले जाने के लिए चल रही योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि बच्चों में कोई भेद नहीं होगा, चाहे वह किसी भी जाति का हो, सभी को छात्रवृत्ति की सुविधा उपलब्ध है। पुस्तक वितरण, साईकल वितरण, गांव की बेटी योजना, उत्कृष्ट विद्यालय, एकलव्य विद्यालय एवं प्रायोजित सर्वोदय विद्यालयों के माध्यम से बच्चों के सतत् एवं सम्पूर्ण विकास की ओर शासन दृढ़ संकल्पित है।
    इस संवाद में श्री चौहान ने प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों का उल्लेख करते हुए बताया कि अब कोई भी प्रतिभावान छात्र आर्थिक समस्याओं की वजह से अग्रिम पढ़ाई से वंचित नहीं होगा। इस क्रम में सर्वप्रथम जिले के सुयश नामदेव का जिक्र उन्होंने किया। इस कड़ी में श्री सुयश नामदेव के अतिरिक्त खरगोन जिले के श्री पवन मण्डलोई, कु. सुमन बागरी, बैतूल जिले की कु. किरन, एकलव्य विद्यालय मंडला की छात्रा गीता बैगा के साथ अन्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का उल्लेख किया। उन्होंने रीवा जिले की कलेक्टर श्रीमती प्रीति मैथिल नायक का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश को अपनी बेटी पर गर्व है। 

गांव-गांव में घूमकर आयुक्त श्री शर्मा ने खोजे नामांतरण एवं सीमांकन के प्रकरण -

गांव-गांव में घूमकर आयुक्त श्री शर्मा ने खोजे नामांतरण एवं सीमांकन के प्रकरण 
अनुपपुर | 10-सितम्बर-2017


    आयुक्त शहडोल संभाग श्री बी.एम. शर्मा ने गत दिवस अनूपपुर जिले की कोतमा एवं अनूपपुर तहसील में विभिन्न ग्रामों का सघन भ्रमण किया। उन्होंने ग्रामीणों की चौपाल लगाकर ग्रामीणों से नामांतरण, सीमांकन, फौती नामांतरण के निराकरण की जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री अजय शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री के.व्ही.एस. चौधरी, एसडीएम कोतमा श्री बी.डी. सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
    भ्रमण के दौरान आयुक्त श्री शर्मा का पहला पड़ाव ग्राम बसखली में था। यहां ग्रामीणों ने बताया कि खसरा, बी-1 पढ़कर सुनाया गया है, यहां 40 फौती नामांतरण हुए हैं, अब कोई प्रकरण शेष नहीं हैं। ग्राम पंचायत पथरौड़ी में ग्रामीणों ने बताया कि खसरा, बी-1 का वाचन किया गया है, फौती नामांतरण, सीमांकन आदि के प्रकरण शेष नहीं है। लगातार किसानों से सम्पर्क कर प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है। इसी तरह ग्राम पंचायत बेलियाछोट में भी राजस्व गतिविधियों, खसरा, बी-1 की प्रति वितरण, नामांतरण एवं सीमांकन की जानकारी प्राप्त की। कोई भी प्रकरण लंबित होना शेष नहीं था। आयुक्त श्री शर्मा ने अनूपपुर तहसील की ग्राम पंचायत डोला में राजस्व गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों एवं पटवारी ने बताया कि भूस्वामी बाहर होने के कारण कई किसानों को खसरा, बी-1 नहीं बांटे जा सके। आपने कालरी कर्मियों को निर्देशित किया कि डोला में कालरी के कारण जो पुनर स्थापन प्रस्तावित है, यह पुनर स्थापन व्यवस्थित रूप से सर्वसुविधायुक्त किया जाय। आपने पुराने डोला ग्राम में पेयजल की व्यवस्था तब तक जारी रखने के निर्देश दिए, जब तक कि पुनः नल-जल की व्यवस्था न हो जाय। आपने ग्राम डोला की भूमि अधिग्रहण सहित अन्य समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन, कालरी प्रबंधन तथा ग्रामवासियों के साथ संयुक्त बैठक कर करने की बात कही। 

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