Saturday, September 22, 2018

सफलता की कहानी जनकल्याण अनुग्रह सहायता से अनूपपुर के 170 परिवारों को मिला सम्बल

सफलता की कहानी
जनकल्याण अनुग्रह सहायता से अनूपपुर के 170 परिवारों को मिला सम्बल


अनूपपुर 22 सितम्बर 2018/ समय का चक्र सबसे शक्तिशाली है, नियति के सामने किसी की नही चलती। घर के किसी सदस्य को खो देना उसके स्थान की भरपायी करना असम्भव है। वह सदस्य अगर किसी आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार का सदस्य हो और वही परिवार की आजीविका चला रहा हो तो यह समस्या और भी विकट हो जाती है। ऐसी परिस्थिति में परिवार का संभल पाना और जीवन की राह तय करना अत्यंत ही दुष्कर हो जाता है। ऐसे ही परिवारों को इन दुष्कर राहों में चलने का सम्बल प्रदान करने का कार्य सम्बल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता राशि प्रदान कर किया जा रहा है। अनूपपुर ज़िले में अब तक अनुग्रह सहायता (सामान्य मृत्यु) से 159 असंगठित श्रमिक परिवारों को 3.18 करोड़ सहायता राशि एवं दुर्घटना से मृत्यु में अपने परिवार जनो को खोने वाले 11 असंगठित श्रमिकों के परिवारों को 44 लाख की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि इन शोकाकुल परिवारों को इस दुखद घड़ी में आगे बढ़ते रहने का बल प्रदान कर रही है।

सफलता की कहानी जननी एवं शिशु दोनो की सुरक्षा सर्वोपरि प्रसव पूर्व जाँच एवं संस्थागत प्रोत्साहन अंतर्गत अनूपपुर में 1.30 करोड़ के हितलाभ का हुआ अंतरण

सफलता की कहानी
जननी एवं शिशु दोनो की सुरक्षा सर्वोपरि
प्रसव पूर्व जाँच एवं संस्थागत प्रोत्साहन अंतर्गत अनूपपुर में 1.30 करोड़ के हितलाभ का हुआ अंतरण


अनूपपुर 22 सितंबर 2018/ जच्चा एवं बच्चा दोनो की देखभाल के लिए आवश्यक है कि सही समय में जाँच होती रहे ताकि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर त्वरित निदान किया जा सके। सम्पन्न परिवारों के लिए तो यह प्रक्रिया अस्पताल जाना एवं नियमित रूप से चेकअप कराना आसान है परंतु आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए यह सोचनीय विषय रहता है। ऐसे परिवार जिनके लिए एक दिन भी जाया करना घर के चूल्हे में सीधा असर डालता है। इन्हीं परिवारों को ध्यान में रखते हुए माँ और नौनिहालों को उपयुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु प्रसव पूर्व जाँच एवं संस्थागत प्रसव प्रोत्साहन राशि योजना बनायी गयी। इस योजनांतर्गत अनूपपुर ज़िले में अब तक असंगठित श्रमिक लाभार्थियो को 1.30 करोड़ के हितलाभ का अंतरण किया जा चुका है। प्रसव पूर्व जाँच प्रोत्साहन राशि योजनांतर्गत 447 हितग्राहियों को लगभग 12 लाख एवं संस्थागत प्रसव प्रोत्साहन राशि योजनांतर्गत अब तक 1109 असंगठित श्रमिक लाभार्थियो को 1.18 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का अंतरण किया जा चुका है। 

Friday, September 21, 2018

बाल देखरेख संस्थाओं का पंजीयन अनिवार्य

बाल देखरेख संस्थाओं का पंजीयन अनिवार्य 
 
अनुपपुर | 21-सितम्बर-2018
 
 
    जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्रीमती मंजूषा शर्मा ने बताया की किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 41 के प्रावधान बाल देखरेख संस्थाओं में ‘‘देखरेख और संरक्षण के लिये जरूरतमंद बालकों’’ तथा ‘‘विधि का उल्‍लंघन करने वाले बालकों’’ के लिए राज्य सरकार द्वारा अथवा स्वैच्छिक एवं गैर सरकारी संगठनों द्वारा संचालित सभी बाल देखरेख संस्थाओं का अधिनियम प्रारंभ की तारीख से 6 माह की अवधि के भीतर पंजीकरण अनिवार्य है। अधिनियम के प्रावधान के अनुसार बाल देखरेख संस्था का पंजीकरण संस्था का पंजीकरण न होने की स्थिति में एक साल की सजा या एक लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनो सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है। बाल देखरेख संस्थाओं को सूचित किया जाता है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 के प्रावधान के अनुसार बाल देखरेख संस्था का पंजीयन अनिवार्यतः करवाये। पंजीयन नहीं कराये जाने की स्थिति में किशोर न्याय अधिनियम 2015 के प्रावधान के तहत् कार्यवाही की जावेगी।
 

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