Wednesday, August 1, 2018

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जूडा की मांगे मानी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जूडा की मांगे मानी 
जूडा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री की सहृदयता और संवेदनशीलता का माना आभार, भविष्य में हडताल नहीं करने का दिया आश्वासन 
अनुपपुर | 01-अगस्त-2018
 
   
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज यहां निवास पर प्रदेश के मेडिकल कालेज के जूडा प्रतिनिधि चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को पूरी संवेदनशीलता के साथ जूडा की मांगे स्वीकार करने पर धन्यवाद दिया और भविष्य में हडताल नहीं करने का आश्वासन दिया।
    श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बॉण्ड पर कार्य करने वाले चिकित्सक को वही वेतन दिया जायेगा जो नियमित चिकित्सक को सेवा के प्रथम वर्ष में दिया जाता है। इसी तरह पी.जी. प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के चिकित्सकों को स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल ऑफिसर को प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में मिलने वाली राशि के बराबरराशि ही मिलेगी। जब भी मेडिकल ऑफिसर की राशि बढेगी,चिकित्सकों की राशि में भी  उसी के अनुरूप बढोतरी होगी।
    इसी तरह सीनियर रेसीडेंट का की राशि 49 हजार रूपये से बढ़ाकर 65 हजार, जूनियर रेसीडेंट की राशि 36 हजार से बढ़ाकर 45 हजार और इंटर्न की राशि 8 हजार से बढ़ाकर 10 हजार कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की परिस्थिति को देखते हुए एक मुश्त तीस हजार रूपये की राशि पुस्तकें खरीदने के लिये देने पर भी सहमति दी।
जिन शेष मांगों को श्री चौहान ने स्वीकार किया उनके अनुसार -
1. मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के लिये हॉस्टल सुविधा का उन्ययन किया जायेगा। हॉस्टल फीस से प्राप्त होने वाली राशि हॉस्टल के उन्नयन में रहवासियों की सहमति से व्यय की जायेगी।
2. स्नात्कोत्तर विद्यार्थियों एवं सीनियर रेजीडेंट के लिये इंदौर, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर, रीवा एवं सागर प्रत्येक में 100 आवासों का हॉस्टल बनाया जायेगा। इस पर कुल व्यय लगभग रूपये 60 करोड़ अनुमानित है। अगले दो साल में यह बनकर तैयार हो जायेगा।
3. चिकित्सा विद्यार्थी की बीमारी की दशा में समस्त चिकित्सा व्यय शासन द्वारा वहन किया जायेगा। विदयार्थियों का स्वास्थ्य बीमा कराया जायेगा।
4. ग्रामीण क्षेत्र में सेवा का बॉण्ड भरने वाले विद्यार्थी द्वारा मध्यप्रदेश में उच्चतर शिक्षा पूर्ण होने पर ही ग्रामीण क्षेत्र में सेवा ली जायेगी।
5. विद्यार्थियों एवं सीनियर रेजीडेंट को मेडिकल कॉलेज के कार्यों में यथोचित प्रतिनिधित्व दिया जायेगा।

आज से प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में (स्वच्छ सर्वेक्षण-2018)

आज से प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में (स्वच्छ सर्वेक्षण-2018) 
ग्रामीण विकास मंत्री श्री भार्गव ने ग्रामीणों से की भागीदारी की अपील 
अनुपपुर | 01-अगस्त-2018
 
   
    स्वच्छ भारत मिशन में शहरी क्षेत्र की तर्ज पर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 करवाया जायेगा। यह सर्वेक्षण एक अगस्त से 31 अगस्त, 2018 तक होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने निर्देश दिये हैं कि सर्वेक्षण की तिथियों का ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। उन्होंने ग्रामीणों से सर्वेक्षण में बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की है।
    पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा पूरे देश के 680 जिलों में थर्ड पार्टी सर्वेक्षण करवाया जायेगा। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के 51 जिलों चुनिंदा 510 ग्रामों का रेण्डमली चयन कर यह सर्वेक्षण करवाया जायेगा। इसमें भारत सरकार द्वारा निर्धारित एजेंसी द्वारा चयनित ग्रामों में स्वच्छता अभियान में करवाये गये कार्यों की गुणात्मकता और संख्यात्मकता का परीक्षण किया जायेगा। स्वच्छ सर्वेक्षण तीन तरह से किया जायेगा। इसमें 35 प्रतिशत अंक सिटीजन फीडबैक से, 35 प्रतिशत अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस तथा 30 प्रतिशत अंक सर्वेक्षण एजेंसी द्वारा मूल्यांकित किया जायेगा।
    सर्वेक्षण मूल्यांकन के लिये एजेंसी गाँव के सार्वजनिक स्थान यथा स्कूल, आँगनवाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र, हाट-बाजार, धार्मिक स्थल होंगे। इन स्थानों की साफ-सफाई की स्थिति और व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा। इसमें ग्राम के महत्वपूर्ण व्यक्तियों की राय भी ली जायेगी। सर्वेक्षण में प्राप्त अंकों के आधार पर देश और प्रदेश की रैंकिंग की जायेगी। टॉप के जिलों को भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर, 2018 को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जायेगा। प्रदेश में सर्वेक्षण के प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन के लिये तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। 

अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना

अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना 
वर्ष 2018-19 के लिए आवेदन 30 सितम्बर तक आमंत्रित 
अनुपपुर | 01-अगस्त-2018
 
   
    अल्पसंख्यक वर्ग के कक्षा एक से 10 तक के नवीन/नवीनीकरण छात्र-छात्राओं से शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में 30 सितम्बर तक ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल <www.scholarships.gov.in> पर आवेदन करना होगा।
    अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं से आवेदन केवल ऑनलाइन ही स्वीकार किए जायेंगे। ऑफलाईन आवेदनों पर विचार नहीं किया जायेगा। केन्द्र सरकार द्वारा अल्पसंख्यक वर्ग के अन्तर्गत, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, सिख, पारसी एवं जैन समुदाय को अधिसूचित किया गया है। मध्यप्रदेश के लिए वर्ष 2018-19 में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के नवीन प्रकरणों के लिए कुल 75 हजार 890 प्रकरणों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें मुस्लिम छात्र-छात्राओं की संख्या 61 हजार 253, ईसाई-2 हजार 736, सिख एक हजार 942, बौद्ध दो हजार 772, जैन 7 हजार 274, पारसी समुदाय के तीन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। नवीनीकरण प्रकरणों के लिए लक्ष्य निर्धारित नहीं है।
    आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्री रमेश थेटे ने शैक्षणिक संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि संस्था आवेदकों का ऑनलाईन आवेदन एवं संलग्न दस्तावेजों का पूर्ण रूप से सूक्ष्म परीक्षण कर नियमानुसार पात्र विद्यार्थियों के आवेदन समयावधि में सत्यापन के बाद अग्रिम स्तर के लिए फॉरवर्ड करें। अधूरे आवेदन अग्रेषित किए जाने की स्थिति में आवेदन निरस्त होने की पूर्ण जवाबदारी संस्था की होगी तथा ऐसे प्रकरणों पर पुनरू विचार नहीं किया जायेगा।

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