Friday, June 22, 2018

अन्तर्राष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस 26 जून को

अन्तर्राष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस 26 जून को 

अनुपपुर | 22-जून-2018
 
   नशीले पदार्थो का दुरूप्रयोग रोकने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस 26 जून को प्रत्येक जिला, जनपद पंचायत, नगरीय निकायों में वृहद नशामुक्ति रैली निकाली जायेगी। इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश में नशामुक्ति का वातावरण बनाना है, ताकि लोगों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित किया जा सके। इस अवसर पर सेमीनार, वर्कशाप, रैली, प्रदर्शनी, वाद-विवाद, निबंध, पोस्टर प्रतियोगिताएं एवं नाटक, गीत, नृत्य आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम व सभाएं आयोजित किये जायेगें।

उचित मूल्य की दुकानें होगी बहुउद्देशीय : मुख्यमंत्री श्री चौहान

उचित मूल्य की दुकानें होगी बहुउद्देशीय : मुख्यमंत्री श्री चौहान 
मुख्यमंत्री के समक्ष हुआ योजना का प्रस्तुतिकरण 
अनुपपुर | 22-जून-2018
 
   प्रदेश में उचित मूल्य दुकानों को बहुउद्देशीय दुकानों में परिवर्तित करने की योजना बनाई गयी है। प्रयोग के तौर पर प्रथम चरण में एक हजार उचित मूल्य दुकानों को बहुउद्देशीय दुकानों में परिवर्तित किया जायेगा। इन दुकानों में उपभोक्ताओं को एमआरपी से न्यूनतम पाँच प्रतिशत की छूट मिलेगी। इस व्यवस्था के संचालन के लिये सहकारिता विभाग द्वारा साफ्टवेयर तैयार किया जायेगा। योजना का मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष प्रस्तुतिकरण किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि योजना को पायलट योजना के स्वरूप में क्रियान्वयन किया जाये। क्रियान्वयन स्वरूप परिणामों की जानकारी प्रस्तुत की जाये। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे।
   इस मौके पर बताया गया कि उचित मूल्य दुकानों से उपभोक्ताओं को कम दर पर गुणवत्तायुक्त वस्तुएं उपलब्ध होंगी। इससे उचित मूल्य दुकानों के खुले रहने की अवधि बढ़ेगी। उचित मूल्य दुकानों की उपयोगिता बढ़ेगी। प्रदेश में कुल 22 हजार 396 उचित मूल्य दुकानें हैं, जिनमें 18 हजार 96 दुकानें ग्रामीण क्षेत्र में हैं। योजना के क्रियान्वयन के लिये राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ नोडल एजेंसी रहेगा। नीतिगत निर्णयों के लिये आयुक्त सहकारिता की अध्यक्षता में एक सक्षम समिति गठित होगी।
   बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री पी.सी. मीणा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, श्री विवेक अग्रवाल और श्री हरिरंजन राव, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव, आयुक्त सहकारिता श्री केदार शर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

मध्यप्रदेश ने आदर्श उपार्जन का बनाया रिकॉर्ड

मध्यप्रदेश ने आदर्श उपार्जन का बनाया रिकॉर्ड 
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उपार्जन से जुड़े अधिकारियों की टीम को दी बधाई, उपार्जन व्यवस्था का मार्गदर्शी दस्तावेज तैयार होगा 
अनुपपुर | 22-जून-2018
 
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में फसलों का उपार्जन अभूतपूर्व सफलता के साथ पूरा करने क़े लिए आज मंत्रालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों को बधाई दी। श्री चौहान ने कहा कि गेहूँ, धान, चना, मूंग, सरसों की खरीदी करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। इसी बीच कई बड़े निर्णय लेना पड़े और कई कठिनाईयां भी आई। विषम परिस्थितियों के बावजूद सफल और शांतिपूर्ण उपार्जन मध्यप्रदेश के लिये बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए उपार्जन से जुड़ी पूरी टीम की जितनी तारीफ की जाए कम है। सभी संबंधित विभागों ने रात-दिन मेहनत कर उपार्जन के काम को आदर्श स्थिति में लाने का सराहनीय काम किया है। यह सभी विभागों, एजेंसियों, किसानों के समन्वित प्रयासों से संभव हुआ।
   श्री चौहान ने प्रदेश में स्थापित आदर्श उपार्जन की व्यवस्था का व्यवस्थित अध्ययन करने और एक मार्गदर्शी दस्तावेज़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्य भी मध्य प्रदेश की आदर्श उपार्जन व्यवस्था से प्रभावित है और जानना चाहते है कि सफल उपार्जन की रणनीति जैसे बनती है। श्री चौहान ने कहा कि उपार्जन से जुड़ी संस्थाओं और किसानों का सहयोग और आपसी समन्वय हर स्तर पर सराहनीय रहा है। श्री चौहान ने मंडी, एन.आई.सी., एफ.सी.आई, नाफेड, सहकारी एवं सरकारी बैंको, आर.बी.आई., रेलवे, वित्त विभाग, सहकारिता, वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन, नागरिक आपूर्ति निगम, खाद्य विभाग, मार्कफेड के अधिकारियों और मैदानी अमले को बधाई दी। उन्होंने  प्रशंसा प्रमाणपत्र देने के लिए भी कहा।
जिलों की मार्केटिंग योजना बनाएं
   मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में कृषि उपज की मार्केटिंग के लिये कार्य योजना बनाने पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उपार्जन की व्यवस्था को और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिये सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के संबंध में विशेषज्ञों की कार्यशाला भी बुलाई जाना चाहिये। इसके अलावा किसानों की आय को दोगुनी करने के लिये बेहतर उपायों पर निरंतर विचार विमर्श चलते रहना चाहिये। श्री चौहान ने बिहार और केरल में उपार्जन व्यवस्था का भी अध्ययन करने के निर्देश दिये।
किसानों को मिले 19 हजार 500 करोड़
   उल्लेखनीय है कि रबी वर्ष 2018-19 में 96 लाख किसानों से 73.13 लाख मीट्रिक टन गेहूँ और 7.33 लाख किसानों से 19.2 लाख मीट्रिक टन चना, मसूर और सरसों का रिकॉर्ड उपार्जन किया गया है। किसानों को 19 हजार 500 करोड़ रूपये की राशि वितरित की गई है।
   इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव खाद्य श्रीमती नीलम शमी राव, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव श्री विवेक अग्रवाल, मंडी आयुक्त श्री फैज अहमद किदवई, भारतीय खाद्य निगम के श्री अभिषेक यादव, नाफेड के श्री अभिषेक सिंह, एनआईसी के अब्राहिम वर्गिस एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

Featured Post

युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास

युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास नोडल अधिकारियों की बैठक में निर्वाचन दायित्वों की कलेक्टर ने की समीक्षा    ...

इस सप्ताह सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें