| मध्यप्रदेश में ग्रीन इनर्जी कॉरीडोर योजना का कार्य प्रारंभ |
| प्रथम चरण में होंगे 2100 करोड़ के कार्य, 400 केवी के तीन और 220 केवी के सात सब स्टेशन बनेंगे, 1838 सर्किट किलोमीटर लाइनों का होगा निर्माण |
| अनुपपुर | 01-जून-2018 |
मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा नवकरणीय विद्युत परियोजनाओं के बिजली निकासी एवं ट्रांसमिशन सिस्ट्म के सुदृढ़ीकरण और सिस्ट्म से अन्तरसंबद्धता के लिए व्यापक ग्रीन इनर्जी कॉरीडोर कार्य-योजना तैयार की गई है। कार्य-योजना की अनुमानित लागत 2100 करोड़ रूपए है। मध्यप्रदेश में आगामी पाँच वर्ष में 4 हजार 925 मेगावाट की नवकरणीय विद्युत परियोजनाएँ स्थापित होने वाली हैं। इनमें सोलर विद्युत परियोजना से 3105 और नान-सोलर से 1820 मेगावाट बिजली उत्पादन होने की संभावना है। परियोजना में वर्तमान में 400 के.वी. के तीन और 220 के.वी. के छरू उपकेन्द्र तथा लगभग 1838 सर्किट किलोमीटर लाइनों का निर्माण हो रहा है।
ट्रांसमिशन सिस्ट्म सुदृढ़ीकरण के कार्य दो चरणों में पूरा करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण की लागत 2100 और दूसरे चरण की लागत 1475 करोड़ रूपए अनुमानित है। पहले चरण को आगामी तीन वर्ष में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में संबद्ध नवकरणीय विद्युत परियोजनाओं की क्षमता लगभग 4100 मेगावाट हो जाएगी। पहला चरण योजना वर्ष 2019-20 तक पूरा होने की संभावना है। पहले चरण में 400 केवी के तीन सब स्टेशन मंदसौर, सागर और उज्जैन में बनाए जायेंगे और 400 केवी की 690 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। कार्य-योजना में 220 केवी के सात सब स्टेशन सेंधवा, जावरा, गुड़गांव, कानवन, रतनगढ़, नलखेड़ा और सैलाना में बनाए जाएंगे। इसी तरह, 220 केवी की एक हजार 196 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन का नया नेटवर्क तैयार किया जाएगा। साथ ही, 132 केवी की 956 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनों के नए नेटवर्क के साथ 132 केवी का एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर भी स्थापित किया जायगा। जर्मनी का केएफडब्ल्यू डेव्लपमेंट बैंक पहले चरण के लिए परियोजना की अनुमानित लागत का 40 प्रतिशत अंश 840 करोड़ रूपए (124 मिलियन यूरो) सॉफ्ट लोन के रूप में देगा। कंपनी को राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा निधि (एनसीईएफ-नेशनल क्लीन इनर्जी फंड) से 40 प्रतिशत अंश के रूप में 840 करोड़ रूपए का अनुदान प्राप्त होगा। पहले चरण के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंश के रूप में 420 करोड़ रूपए की राशि मिलेगी। |
Friday, June 1, 2018
मध्यप्रदेश में ग्रीन इनर्जी कॉरीडोर योजना का कार्य प्रारंभ
फिशरमैन क्रेडिट योजना में 63 हजार कार्ड बने
| फिशरमैन क्रेडिट योजना में 63 हजार कार्ड बने |
| अनुपपुर | 01-जून-2018 |
प्रदेश में किसानों के समान ही मत्स्य पालकों को भी 2009-10 से फिशरमैन क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। लगभग 63 हजार विभिन्न वर्ग मत्स्य पालक समिति के सदस्यों को इसका लाभ मिल चुका है। वर्ष 2018-19 में 10 हजार मत्स्य पालकों के क्रेडिट कार्ड बनाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मत्स्य पालन मंत्री श्री अन्तर सिंह आर्य ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि योजना की शुरूआत में मत्स्य पालकों को इनपुट्स के लिये 3 प्रतिशत ब्याज दर पर क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाये गये थे। वर्ष 2011-12 में ब्याज दर घटाकर एक प्रतिशत और पुनरू वर्ष 2012-13 में जीरो प्रतिशत कर दी गई है। |
सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण के निर्देश जारी
| सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण के निर्देश जारी | ||||||||
| सुपर 100 योजना में प्रतिभाशाली बच्चों को मिलेगी कोचिंग की विशेष सुविधा | ||||||||
| अनुपपुर | 01-जून-2018 | ||||||||
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 से कक्षा 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र 2018-19 में नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक के व्यवस्थित वितरण के लिए आयुक्त लोक शिक्षण ने समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में कहा गया है कि पाठ्य पुस्तक वितरण के लिए जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की जाये। पाठ्य पुस्तकें निश्चित समय सीमा में वितरित की जायें।
प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए जिलों से ऑनलाइन की गई माँग के अनुसार पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण कराया गया है। पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा डिपो से विकासखण्ड स्तर पर पाठ्य पुस्तकें पहुँचायी जा रही हैं। पाठ्य पुस्तकों का वितरण प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय जन-प्रतिनिधि की मौजूदगी में किया जायेगा।
पाठ्य पुस्तकों का नि:शुल्क वितरण
भोपाल और इंदौर में सुपर 100 योजना
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में उच्च शिक्षा अध्ययन कराने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने भोपाल और इंदौर शहर में सुपर 100 योजना लागू की है। यह योजना भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय और इंदौर के मल्हाराश्रम विद्यालय में चलाई जा रही है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को निरूशुल्क आवासीय सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।
योजना में जिले में कक्षा 10वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण प्रतिभाशाली बच्चों को संबंधित जिले की प्रावीण्य सूची में सर्वोच्च अंक के आधार पर गणित, जीव-विज्ञान और वाणिज्य संकाय में दो छात्र और दो छात्राओं को प्रवेश दिया जाता है। वर्ष 2016-17 में इंजीनियरिंग कॉलेज में पाँच छात्र, मेडिकल कॉलेज में एक छात्र और सीए के लिए 28 छात्र इस प्रकार कुल 34 छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तीर्ण होकर व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है। |
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