Wednesday, May 30, 2018

अध्यापकों का संविलियन शिक्षा विभाग में करने का ऐतिहासिक निर्णय

अध्यापकों का संविलियन शिक्षा विभाग में करने का ऐतिहासिक निर्णय 
भावी पीढ़ी के साथ किये अन्याय को हमने समाप्त किया - मुख्यमंत्री श्री चौहान 
अनुपपुर | 30-मई-2018
 
   
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आज का दिन मध्यप्रदेश के लिये ऐतिहासिक दिन है, आज उस अन्याय को जो मध्यप्रदेश की भावी पीढ़ी के साथ कांग्रेस की सरकार ने शिक्षक के कैडर को डाईंग घोषित कर किया था, उसे आज कैबिनेट में निर्णय कर समाप्त किया गया है। उस समय शिक्षक के कैडर को डाईंग घोषित कर उनकी जगह गुरूजी और शिक्षाकर्मी बना दिये गये थे। इससे पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था चौपट कर दी गई थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मीडिया से चर्चा कर रहे थे।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह केवल शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं था बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ किया गया सबसे बड़ा अपराध था। वर्तमान राज्य सरकार ने पहले कर्मी कल्चर को समाप्त किया और शिक्षकों को अध्यापक बनाया। इस व्यवस्था में वे कहीं जिले के तो कहीं नगरीय निकायों के कर्मचारी थे। अब केबिनेट में यह फैसला लिया गया है कि अध्यापकों का संविलियन शिक्षा विभाग में कर शिक्षकों का एक कैडर कर दिया जायेगा। अब शिक्षकों का एक ही कैडर है और ये राज्य शासन के कर्मचारी हैं। यह नहीं होने के कारण वे कई सुविधाओं से वंचित थे। अब राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी होने से इन्हें सभी सुविधाएं मिलेंगी और साथ ही मान-सम्मान मिलेगा। हमें विश्वास है कि इस फैसले के बाद प्रदेश में पढ़ाई की व्यवस्था और बेहतर होगी तथा गुणवत्ता बढ़ेगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक और निर्णय लिया गया है कि अब कोई भी संविदा कर्मचारी नहीं निकाला जायेगा। अब जो भर्ती होगी उसमें निश्चित प्रतिशत तक संविदा कर्मचारियों में से पद भरे जायेंगे। जब तक सब संविदा कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो जायेगी, किसी को नहीं निकाला जायेगा। अब उनका नौकरी से निकाले जाने का खतरा समाप्त हो गया है। उन्हें भी दूसरे कर्मचारियों की तरह सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के कल्याण के लिये जो काम किये हैं आज तक इससे पहले कभी नहीं किये गये।

सफलता की कहानी अध्यापको मे हर्ष की लहर शिक्षा के महत्व की पहचान एवं शिक्षको का सम्मान है इस सरकार की पहचान अनूपपुर के नवीन शिक्षको ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञपित किया

सफलता की कहानी
अध्यापको मे हर्ष की लहर
शिक्षा के महत्व की पहचान एवं शिक्षको का सम्मान है इस सरकार की पहचान
अनूपपुर के नवीन शिक्षको ने  मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञपित किया

अनूपपुर 30 मई 2018/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि परिषद की बैठक में 224 सामुदायिक और 89 जनजातीय विकासखण्डों में क्रमश: स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग की शैक्षणिक संस्थाओं में कार्यरत अध्यापक संवर्ग की सेवाओं को शिक्षा विभाग में संविलियन करने का निर्णय लिया गया।
अनूपपुर मे मंत्रिपरिषद के इस निर्णय से अध्यापक संवर्ग मे हर्ष की लहर है। सभी अध्यापको ने एक स्वर मे मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद ज्ञपित किया है।

मुख्यमंत्री जी जो कहते हैं वो करते हैं- श्री देवेश बघेल
एपीसी (आरएमएसए) श्री देवेश बघेल का कहना है कि मुख्यमंत्री जी ने जो कहा है वो करके दिखाया है। इस फैसले से पूरे अनूपपुर मे अध्यापक संवर्ग मे प्रसन्नता की लहर है।इससे सभी साथियों मे नए उत्साह का संचार हुआ है। अब सभी भविष्य की चिंताओ से मुक्त होकर पूरे मनोयोग एवं दोगुने उत्साह से शैक्षणिक गतिविधियों की उन्नति एवं प्रगति मे कार्य करेंगे। अनूपपुर मे शैक्षणिक परिणामो को शत प्रतिशत ले जाएंगे।
नए उत्साह का हुआ है संचार - संजय मिश्रा
शा.माडल उ.मा.वि. अनूपपुर के वरिष्ठ अध्यापक श्री संजय मिश्रा जिनका संविलयन के पश्चात व्याख्याता के पद मे नियोजन होगा कहते हैं कि देश के भविष्य निर्माताओ को सशक्त करने का पवित्र कार्य कर रहे अध्यापक समुदाय की पीड़ा को समझा है मुख्यमंत्री जी ने इससे हम सभी मे नए उत्साह का संचार हुआ है।


सामाजिक प्रतिष्ठा मे हुई है वृद्धि
शा.मा.वि. पुष्पराजगढ़ के सहायक अध्यापक श्री रमेश सोनकर का कहनाहै कि इस फैसले के आने से अध्यापक वर्ग के सम्मान मे वृद्धि हुई है। शिक्षा जैसा पवित्र कार्य करने के उपरांत भी विभागीय व्यवस्थाओं के कारण अभी तक यथोचित सम्मान नहीं प्राप्त हो रहा था।

शिक्षा के महत्व को पहचानती है सरकार

शासकीय विद्यालय देवहरा मे पदस्थ अध्यापक श्री अजीत सिंह जिनका घोषणा उपरांत शिक्षक पद पर संविलयन होगा, मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद ज्ञपित करते हुए कहते हैं कि शिक्षा के महत्व को सरकार बखूबी पहचानती है उक्त निर्णय इस बात का प्रमाण है।
शिक्षा का सम्मान है इस सरकार की पहचान - श्रीमती गरिमा भारद्वाज
शासकीय विद्यालय बरगवा की अध्यापक श्रीमती गरिमा भारद्वाज जिनका संविलयन शिक्षक पद मे होगा ने कहा है कि शिक्षा का सम्मान इस सरकार की पहचान है। विद्यार्थियों की शिक्षा मे विकास के लिए शासन  द्वारा बहुत सी योजनाए क्रियान्वित हैं। इसी क्रम मे यह फैसला सरकार के शिक्षा के प्रति सम्मान एवं महत्व को निरूपित करता है।
इस निर्णय के फल स्वरूप 224 सामुदायिक विकासखण्डों में विभागीय शैक्षणिक संस्थाओं में स्थानीय निकायों के नियंत्रणाधीन नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत अध्यापक संवर्ग के सहायक अध्यापक, अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक का शिक्षा विभाग में संविलियन कर इनकी नियुक्ति प्रस्तावित 'म.प्र राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) भर्ती नियम 2018' के तहत नवगठित सेवा के अधीन क्रमश: प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर किया जाएगा। यह सेवा एक जुलाई 2018 से प्रभावशील होगी। म.प्र राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) भर्ती नियम 2018 को अंतिम रूप भी दिया जाएगा। एक जुलाई 2018 से सातवें वेतन आयोग के अनुशंसित वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। वर्तमान में सहायक अध्यापक,अध्यापक,वरिष्ठ अध्यापक के लिए स्वीकृत पद संख्या के अनुरूप संबंधित विभागों के प्रस्तावित विभागीय भर्ती नियमों में क्रमश: प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद भी सृजित किये जायेगें। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत 89 विकासखण्डों के स्कूलों में लगभग 53 हजार और स्कूल शिक्षा विभाग के 224 विकासखण्डों में लगभग 1 लाख 84 हजार अध्यापक विद्यालयों में कार्यरत है। इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 2 लाख 37 हजार अध्यापक लाभांवित होंगें।

महिलाओं का सम्मान है उज्ज्वला योजना - श्री रामलाल रौतेल

सफलता की कहानी
महिलाओं का सम्मान है उज्ज्वला योजना - श्री रामलाल रौतेल
ग्राम पंचायत पपरोडी मे वितरित किए गए 25 उज्ज्वला कनेक्शन 



अनूपपुर 30 मई 2018/  ग्रामीण इलाको मे चूल्हे के धुएँ से ग्रामीण महिलाएँ  श्व्शन से संबन्धित कई रोगो की चपेट मे आ जाती हैं। इसके साथ ही बच्चो के स्वास्थ्य पर भी घरेलू प्रदूषण से विपरीत प्रभाव पड़ता है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य अशुद्ध ईधन के उपयोग से होने वाली इन बीमारियों को दूर कर महिलाओ को मानसिक एवं शारीरिक रूप से सशक्त करना है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार एवं उनके समाज निर्माण मे किए जा रहे मौन योगदान को दृष्टिगत रखते हुए बनाई गयी है। यह योजना महिलाओं का सम्मान है। उक्त उदगार विधायक अनूपपुर श्री रामलाल रौतेल ने ग्राम पंचायत पपरोडी मे उज्ज्वला योजना अंतर्गत हितग्राहियों को कनेक्शन वितरण के दौरान व्यक्त किए। आपने बताया कि उज्ज्वला योजनांतरगत समस्त देश मे अब तक 4 करोड़ एवं मध्यप्रदेश मे 58 लाख कनेक्शन दिये जा चुके हैं। 

कार्यक्रम मे 25 महिला हितग्राहियों को उज्ज्वला योजनांतरगत नवीन कनेक्शन का वितरण किया गया। ज़िला आपूर्ति अधिकारी श्री विपिन पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत ज़िले मे अब तक 44 हजार 731 हितग्राहियो को लाभान्वित किया जा चुका है। आपने बताया कि नवीन निर्देशों के अनुसार पात्र हितग्राहियों को कनेक्शन वितरण का कार्य तीव्र गति से कराया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना मे शासन द्वारा विस्तार किया गया है, नए वित्तीय वर्ष से एसईसीसी सूची के अतिरिक्त भी पात्र हितग्राहियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। विस्तार के फलस्वरूप 5 करोड़ के स्थान पर कुल हितग्राहियों का लक्ष्य बढ़ाकर 8 करोड़ कर दिया गया है। अब एसईसीसी सूची के अतिरिक्त एससी/एसटी परिवारों की समस्त बीपीएल महिलाएं, पीएमएवाई(ग्रामीण) के लाभार्थी,अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थी, अति पिछड़ा वर्ग के सदस्य, वनवासी आदि भी पात्रता की शर्तें पूरी होने के बाद लाभान्वित किए जाएंगे। श्री पटेल ने बताया कि उज्ज्वला योजनांतरगत हितग्राही को गैस चूल्हा, रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप एवं एसवी का वितरण किया जा रहा है। आपने बताया कि रीफ़िल करने पर हितग्राहियों को डीबीटी अंतर्गत हितलाभ का अंतरण सीधे खातो मे  किया जाता है। 
कार्यक्रम मे उपस्थित हितग्राहियों एवं अन्य ग्रामीणो को एलपीजी गैस के उपयोग के सुरक्षित तरीको एवं उपयोग के समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे मे गैस एजेंसी के संचालक श्री हीरामणी द्विवेदी द्वारा विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम मे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अतिरिक्त जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण नागरिक उपस्थित थे।



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