| किसानो को एसएमएस समितियां भेजेगी |
| अनुपपुर | 29-मार्च-2018 |
समर्थन मूल्य पर क्रय करने हेतु पहले एसएमएस भोपाल से किसानों के लिए सीधे भेजे जा रहे थे। उक्त व्यवस्था में शासन द्वारा परिवर्तन किया गया है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अब एसएमएस भेजने का दायित्व उपार्जन समितियों को सौंपा गया है।
सभी उपार्जन केन्द्रों को शासन के दिशा निर्देशानुसार समितियां क्षमता के अनुरूप किसानों को एसएमएस भेजेगी ताकि एसएमएस प्राप्ति के उपरांत किसान को समर्थन मूल्य पर रबी फसलों को विक्रय करने में किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो। किसानों से आग्रह किया गया कि एसएमएस प्राप्ति के उपरांत ही विक्रय हेतु संबंधित उपार्जन केन्द्रों पर उपज लेकर आएं। |
Thursday, March 29, 2018
किसानो को एसएमएस समितियां भेजेगी
स्कूलों में बाँस के फर्नीचर उपयोग करने के निर्देश
| स्कूलों में बाँस के फर्नीचर उपयोग करने के निर्देश |
| अनुपपुर | 29-मार्च-2018 |
प्रदेश के स्कूलों में बाँस से बने फर्नीचर का उपयोग करने के निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षाधिकारियों को दिये हैं। निर्देश में कहा गया है कि फर्नीचर में बाँस का उपयोग होने से इसकी माँग बढ़ेगी। इस व्यवस्था से बाँस के उत्पादन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। स्कूलों में छात्रों को पर्यावरण पर बाँस के सकारात्मक प्रभावों के बारे में शिक्षित करने के लिये भी कहा गया है।
|
प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में खुलेंगे वायरोलॉजी लैब
| प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में खुलेंगे वायरोलॉजी लैब |
| अब इबोला, जिक्का, डेंगू, चिकनगुनिया और एच-1 एन-1 इन्फ्लूएंजा वायरस की हो सकेगी जाँच, गाँधी मेडिकल कॉलेज में लैब की इमारत बनकर तैयार |
| अनुपपुर | 29-मार्च-2018 |
प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में वायरोलॉजी लैब स्थापित की जायेगी। पहली वायरोलॉजी लैब गाँधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में स्थापित की जा रही है। यह लैब पूरे प्रदेश में सबसे बड़ी होगी।
लैब आधुनिक जाँच के उपकरणों से सुसज्जित होगी और प्रशिक्षित डॉक्टर इबोला, जिक्का, डेंगू, चिकनगुनिया और एच-1 एन-1 इन्फ्लूएंजा वायरसों पर नियंत्रण के लिये उपलब्ध रहेंगें। लैब के निर्माण और उपकरण पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च होगा। लैब में हेपेटाइटिस ए, बी, सी और ई, डेंगू, चिकनगुनिया, हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस, रूबेला, टोक्सोप्लाज्मा गोडी, रोटा वायरस आदि की पहचान और जाँच हो सकेगी। इससे ब्लड सैम्पल को प्रदेश से बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी और खर्चों में कमी के साथ कम समय में ही मरीजों को उचित उपचार मिलेगा। दूसरे चरण में ग्वालियर, इंदौर, रीवा एवं सागर में भी वायरोलॉजी लैब की स्थापना की जाएगी। लैब की स्थापना से स्नातक एवं स्नातकोत्तर मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों में भी लाभ होगा और प्रदेश स्तर पर नये संक्रमण वायरस से संबंधित डाटाबेस तैयार होगा, जो आगामी वर्षों में रिसर्च के लिये उपयोगी होगा। |
Subscribe to:
Posts (Atom)
Featured Post
युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास
युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास नोडल अधिकारियों की बैठक में निर्वाचन दायित्वों की कलेक्टर ने की समीक्षा ...
इस सप्ताह सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें
-
गाँव वालों की आय बढ़ाने के प्रयासों से गाँवों में आई है खुशहाली - अनुपपुर | 04-मार्च-2018 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह...
-
सौभाग्य योजना का 98.77 प्रतिशत कार्य पूर्ण प्रदेश के 38 जिलों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण अनुपपुर | 19-सितम्बर-2018 प...
-
ज़िला खनिज प्रतिष्ठान निधि अंतर्गत स्वीकृत/क्रियान्वित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आज अनूपपुर 12 जुलाई 2018/ मुख्य कार्यपालन ...
-
जम्मू-कश्मीर ने अपनाये राज्य निर्वाचन आयोग के नवाचार अनुपपुर | 06-सितम्बर-2018 जम्मू-कश्मीर ने मध्यप्रदेश राज्य न...
-
सफलता की कहानी जननी एवं शिशु दोनो की सुरक्षा सर्वोपरि प्रसव पूर्व जाँच एवं संस्थागत प्रोत्साहन अंतर्गत अनूपपुर में 1.30 करोड़ के हितलाभ का ह...
