| मोगली बाल उत्सव की शाला से राज्य-स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएँ |
| आयुक्त लोक शिक्षण कार्यालय ने जारी किये आदेश |
| अनुपपुर | 06-सितम्बर-2017 |
विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति प्रेम, लगाव और उत्तरदायित्व की भावना जाग्रत करने के मकसद से प्रदेश में प्रति वर्ष मोगली बाल उत्सव आयोजित किया जाता है। इस वर्ष मोगली बाल उत्सव 26 अगस्त से दो वर्ग कनिष्ठ और वरिष्ठ स्तर पर शुरू हो गया है। मोगली बाल उत्सव में शाला-स्तर से राज्य-स्तर तक प्रतियोगिताएँ होंगी। कनिष्ठ वर्ग में कक्षा-5 से 8 और वरिष्ठ वर्ग में कक्षा-9 से 12 तक के विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। प्रतियोगिता के सिलसिले में आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं।
शाला-स्तर की निबंध प्रतियोगिता कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग के लिये 26 अगस्त को आयोजित की जा चुकी है। इसके बाद विकासखण्ड-स्तर पर 22 सितम्बर को कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग के लिये लिखित प्रश्न-पत्र होंगे। जिला-स्तर पर कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग के लिये 26 अक्टूबर को प्रश्न-मंच होगा। वरिष्ठ वर्ग के लिये जो विषय निर्धारित किये गये हैं, उनमें वन अधिकारों को मान्यता, प्रदूषण के कारण एवं निवारण, बढ़ते बीहड़-घटते वन, यदि पानी हुआ बर्बाद तो हम कैसे रहेंगे, शामिल हैं। कनिष्ठ वर्ग के लिये जिन विषयों का निर्धारण किया गया है, उनमें धरती का लिबास पेड़-पौधे, नर्मदा नदी प्रदेश की जीवन-रेखा, ताल-तलैया प्रकृति के श्रंगार, सफेद शेर मध्यप्रदेश के गौरव प्रमुख हैं। विकासखण्ड-स्तर पर लिखित प्रश्न प्रतियोगिता होगी। यह प्रतियोगिता 22 सितम्बर को प्रातरू 11 बजे प्रत्येक जिले के विकासखण्ड में संकुल-स्तर पर होगी। लिखित प्रश्न प्रतियोगिता के परिणाम 25 सितम्बर को घोषित किये जायेंगे। विकासखण्ड-स्तर पर प्रतियोगिता में से कनिष्ठ वर्ग का एक छात्र और एक छात्रा, इसी तरह वरिष्ठ वर्ग में एक छात्र और एक छात्रा का चयन किया जायेगा। जिला-स्तर पर मौखिक प्रश्नोत्तरी (क्विज) प्रतियोगिता 26 अक्टूबर को होगी। यह प्रतियोगिता जिला मुख्यालय के उत्कृष्ट विद्यालय में होगी। मोगली बाल उत्सव के संबंध में सभी शासकीय शालाओं के प्राचार्यों को निर्देश जारी किये गये हैं। विद्यार्थी इस संबंध में अपने प्राचार्यों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। |
Wednesday, September 6, 2017
मोगली बाल उत्सव की शाला से राज्य-स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएँ आयुक्त लोक शिक्षण कार्यालय ने जारी किये आदेश
ग्रामीण क्षेत्रों के 385 स्वास्थ्य केन्द्रों में बनेंगे 392 स्वच्छता परिसर
प्रदेश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच की प्रवृत्ति बंद करने और ग्रामवासियों में स्वच्छता की आदत सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य शासन ने 385 प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाने के लिये 7 करोड़ 84 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत विकास आयुक्त द्वारा प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की सहमति से जारी इस स्वीकृति से प्रति परिसर 2 लाख रुपये की लागत से मरीज और उनके परिजनों के लिये शौचालय का निर्माण होगा।
सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण राज्य स्वच्छता मिशन द्वारा निर्धारित मानक, तकनीक और मापदण्डों के अनुसार होगा। निर्माण में स्थानीय परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जायेगा। निर्माण एजेंसी संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की रोगी कल्याण समिति होगी। पूरा होने के बाद ई-निगरानी मोबाइल एप से ब्लॉक समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन द्वारा फोटो पोर्टल पर अपलोड करना होगा। निर्माण कार्य इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये हैं।
सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण राज्य स्वच्छता मिशन द्वारा निर्धारित मानक, तकनीक और मापदण्डों के अनुसार होगा। निर्माण में स्थानीय परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जायेगा। निर्माण एजेंसी संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की रोगी कल्याण समिति होगी। पूरा होने के बाद ई-निगरानी मोबाइल एप से ब्लॉक समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन द्वारा फोटो पोर्टल पर अपलोड करना होगा। निर्माण कार्य इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये हैं।
शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान समारोह सम्पन्न
भारत के पूर्व राष्ट्रपति, शिक्षक, दार्शनिक सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस आज 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया गया। इस अवसर पर उत्कृष्ट सेवायें देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। जिसमें जिले भर से शिक्षक एवं सेवा निवृत्त शिक्षक भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष श्री रामखेलावन राठौर ने मॉ सरस्वती और डॉ. राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष श्री रामखेलावन राठौर ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। शिक्षकों से ही विद्यार्थी ज्ञान प्राप्त करने के साथ अपने जीवन की शैली सीखते है। भारतीय संस्कृति में शिक्षक सदैव पूज्यनीय रहें हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को खासकर विद्यार्थियों को आगे बढने के लिए सदैव अपने गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए। आपने कहा कि शिक्षकों ने सदैव समाज का मार्गदर्शन किया है और आगे भी करता रहेगा, किन्तु उन्हें अपने जीवन में सादगी एवं मर्यादित जीवन शैली अपनानी चाहिए, जिससे विद्यार्थी उनका अनुशरण कर अपने जीवन में उतार सकें तथा देश की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा छात्र ने कहा कि शिक्षक की पूंजी उनके मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी होते हैं। विद्यार्थी जितनी तरक्की करता है, शिक्षक उतना अधिक अपने आपको गौरवान्वित महसूश करता है। आपने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे पूरी मेहनत एवं निष्ठा से कार्य करते हुए देश एवं समाज को एक अनुशासित पीढी मिलेगीं, विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ ही संस्कारित करने का भी कार्य करें। इस अवसर श्री एल.के. सिंह सेवा निवृत्त व्याख्याता शा. सीएलके उमावि बिजुरी, श्री छोटेलाल सिंह से.नि. शाप्राशा आमाडाड, श्री मोतीलाल सिंह मार्को प्राधानाध्यापक सेनि. शा.मा.शा. घोटईकला, श्री दिनेश कुमार सिंह शिक्षक शा.प्रा.शा.चंदनिया, श्री आर.एल करावत प्रधानाध्यापक सेनि. कन्या आवासीय परिसर अमरकंटक, श्री काशी प्रसाद द्विवेदी उच्च श्रेणी शिक्षक सेनि. शा.हाई स्कूल पयारी नं.-1, श्री शेषमणी मिश्रा उच्च श्रेणी सेनि. शिक्षक शा. कन्या उमावि कोतमा, श्री बलयोधन प्रसाद पाण्डेय. शिक्षक सेनि. शा.उमावि कोठी, तीरथ प्रसाद तिवारी शिक्षक सेनि. शा.मावि गौरेला, गोपालकृष्ण मिश्रा शिक्षक सेनि. शा. उमावि. कन्या वेंकटनगर, गोल्हईदास वर्मा प्रधानाध्यापक सेनि. शा.मावि. जैतहरी, बृजभूषण शुक्ला शिक्षक सेनि. मा.शा. फुनगा, रामदयाल आयाम प्रधानाध्यापक सेनि. शा.मावि. कुहका. इन्द्रपाल सिंह प्रधानाध्यापक सेनि. शा.मा.वि सकरा. लक्ष्मण सिंह मरकाम. प्रधानाध्यापक सेनि. शा.मा.वि. कन्या बेनीबारी. मो. सरीफ मंसूरी प्रधानाध्यापक सेनि. शा.मावि. चंगेरी, श्री विहारी सिंह मरावी सेनि. शा.प्रा.वि. गौरेला, श्रीमती हिरौदिंया परस्ते सहा.शि. सेनि. शा.प्रा.वि. मुण्डा, श्री भंवर सिंह परस्ते सहा.शि. शा.प्रा.वि. अमदरी, श्री ओमकार प्रसाद शुक्ला शा.प्रा.वि. जैतहरी. श्री नारेश्वर प्रसाद लारिया शा.प्रा.वि.मिर्चादादर, श्रीमती शशिबाला रंजन सेनि. शा.प्रा.वि.चचाई, श्री मती तुलसी अग्रवाल सहा.शिक्षक सेनि. शा.मावि. केन्द्र कोतमा, श्री रामसुन्दर पटेल शा.उमावि. फुनगा शामिल हैं। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री यू.के.बघेल, प्राचार्य श्री अनिल गुप्ता, श्री राजेश श्रीवास्तव, श्री श्रीनिवास तिवारी, श्री कौशलेन्द्र सिंह, देवेश सिंहं, ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष श्री रामखेलावन राठौर ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। शिक्षकों से ही विद्यार्थी ज्ञान प्राप्त करने के साथ अपने जीवन की शैली सीखते है। भारतीय संस्कृति में शिक्षक सदैव पूज्यनीय रहें हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को खासकर विद्यार्थियों को आगे बढने के लिए सदैव अपने गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए। आपने कहा कि शिक्षकों ने सदैव समाज का मार्गदर्शन किया है और आगे भी करता रहेगा, किन्तु उन्हें अपने जीवन में सादगी एवं मर्यादित जीवन शैली अपनानी चाहिए, जिससे विद्यार्थी उनका अनुशरण कर अपने जीवन में उतार सकें तथा देश की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा छात्र ने कहा कि शिक्षक की पूंजी उनके मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी होते हैं। विद्यार्थी जितनी तरक्की करता है, शिक्षक उतना अधिक अपने आपको गौरवान्वित महसूश करता है। आपने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे पूरी मेहनत एवं निष्ठा से कार्य करते हुए देश एवं समाज को एक अनुशासित पीढी मिलेगीं, विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ ही संस्कारित करने का भी कार्य करें। इस अवसर श्री एल.के. सिंह सेवा निवृत्त व्याख्याता शा. सीएलके उमावि बिजुरी, श्री छोटेलाल सिंह से.नि. शाप्राशा आमाडाड, श्री मोतीलाल सिंह मार्को प्राधानाध्यापक सेनि. शा.मा.शा. घोटईकला, श्री दिनेश कुमार सिंह शिक्षक शा.प्रा.शा.चंदनिया, श्री आर.एल करावत प्रधानाध्यापक सेनि. कन्या आवासीय परिसर अमरकंटक, श्री काशी प्रसाद द्विवेदी उच्च श्रेणी शिक्षक सेनि. शा.हाई स्कूल पयारी नं.-1, श्री शेषमणी मिश्रा उच्च श्रेणी सेनि. शिक्षक शा. कन्या उमावि कोतमा, श्री बलयोधन प्रसाद पाण्डेय. शिक्षक सेनि. शा.उमावि कोठी, तीरथ प्रसाद तिवारी शिक्षक सेनि. शा.मावि गौरेला, गोपालकृष्ण मिश्रा शिक्षक सेनि. शा. उमावि. कन्या वेंकटनगर, गोल्हईदास वर्मा प्रधानाध्यापक सेनि. शा.मावि. जैतहरी, बृजभूषण शुक्ला शिक्षक सेनि. मा.शा. फुनगा, रामदयाल आयाम प्रधानाध्यापक सेनि. शा.मावि. कुहका. इन्द्रपाल सिंह प्रधानाध्यापक सेनि. शा.मा.वि सकरा. लक्ष्मण सिंह मरकाम. प्रधानाध्यापक सेनि. शा.मा.वि. कन्या बेनीबारी. मो. सरीफ मंसूरी प्रधानाध्यापक सेनि. शा.मावि. चंगेरी, श्री विहारी सिंह मरावी सेनि. शा.प्रा.वि. गौरेला, श्रीमती हिरौदिंया परस्ते सहा.शि. सेनि. शा.प्रा.वि. मुण्डा, श्री भंवर सिंह परस्ते सहा.शि. शा.प्रा.वि. अमदरी, श्री ओमकार प्रसाद शुक्ला शा.प्रा.वि. जैतहरी. श्री नारेश्वर प्रसाद लारिया शा.प्रा.वि.मिर्चादादर, श्रीमती शशिबाला रंजन सेनि. शा.प्रा.वि.चचाई, श्री मती तुलसी अग्रवाल सहा.शिक्षक सेनि. शा.मावि. केन्द्र कोतमा, श्री रामसुन्दर पटेल शा.उमावि. फुनगा शामिल हैं। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री यू.के.बघेल, प्राचार्य श्री अनिल गुप्ता, श्री राजेश श्रीवास्तव, श्री श्रीनिवास तिवारी, श्री कौशलेन्द्र सिंह, देवेश सिंहं, ने भी संबोधित किया।
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