Tuesday, June 26, 2018

जिले में अभी तक कुल 91.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

जिले में अभी तक कुल 91.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज 
 
अनुपपुर | 26-जून-2018
 
   अधीक्षक भू-अभिलेख अनूपपुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिले में बीते 24 घंटे में 26 जून को 0.6 मिलीमीटर जिले की  औसत वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान वर्षामापी केन्द्र अनूपपुर में 5.2 मिलीमिटर वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 26 जून तक हुई वास्तविक वर्षा 91.0 रही तथा गत वर्ष इसी दिनॉक तक हुई वास्तविक वर्षा 65.5 मि0मी थी।

छपानी कदमसरा छिरहा टोला जलाशयों में मत्स्य पालन हेतु 20 जुलाई तक करें आवेदन

छपानी कदमसरा छिरहा टोला जलाशयों में मत्स्य पालन हेतु 20 जुलाई तक करें आवेदन 
 
अनुपपुर | 26-जून-2018
 
   सहायक संचालक मत्स्योद्योग श्री शिवेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि पुष्पराजगढ़ की ग्राम पंचायत जीलंग के छपानी जलाशय (9.05 हेक्टयर औसत जल क्षेत्र), जैतहरी की ग्राम पंचायत के कदमसरा के जलाशय कदमसरा (5.5 हेक्टयर औसत जल क्षेत्र), एवं छिरहा (छुल्हा) टोला (7.5 हेक्टयर औसत जल क्षेत्र) में मछली पालन हेतु दस वर्षीय लीज (पट्टा) दिया जाना है। लीज देने हेतु प्रथम प्राथमिकता वंशानुगत मछुआ/अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/पिछड़ा वर्ग के स्व सहायता समूह, द्वितीय प्राथमिकता वंशानुगत मछुआ/अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/पिछड़ा वर्ग/सामान्य वर्ग के स्व सहायता समूह, तृतीय प्राथमिकता वंशानुगत मछुआ/अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/पिछड़ा वर्ग/सामान्य वर्ग के समूह की रहेगी। छपानी हेतु 4525 रू. कदमसरा हेतु 2750 रू. छिरहा (छुल्हा) टोला हेतु प्रस्तावित लीज राशि 3750 रू. होगी। उक्त जलाशयों में मछली पालन हेतु इच्छुक समिति/स्वसहायता समूह/समूह अपना आवेदन पत्र निवास, जाति, मछुआरा, गरीबी सीमा प्रमाण पत्रों सहित 20 जुलाई तक कार्यालीन समय में जिला मत्स्य कार्यालय में प्रस्तुत कर सकतें है। निर्धारित अविध तक आवेदन पत्र प्राप्त न होने पर कार्यालय द्वारा स्वयं हितग्राही का चयन करा कर जलाशय कें पट्टे देने की कार्यवाही की जावेगी। अन्य शर्तो कें लिये इच्छुक आवेदक जिला मत्स्य कार्यालय में संपर्क कर सकते है।

बुंदेलखंड के वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता- राज्यपाल

बुंदेलखंड के वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता- राज्यपाल 
 
अनुपपुर | 26-जून-2018
 
   राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज यहां बुंदेली समारोह एवं अमृत महोत्सव कलश स्थापना कार्यक्रम में कहा कि बुंदेलखण्ड में महान योद्धा, राजा, साहित्यकार और समाजसेवियों ने जन्म लिया है। बुंदेलखंड के वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता।
   राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि बुंदेलखण्ड की सांस्कृतिक और साहित्यिक परम्परायें महान और प्राचीन हैं। छत्रसाल ऐसे महान योद्धा थे, जो तलवार के साथ कलम से भी समाज और देश को कुरीतियों से बचाने की कोशिश करते रहे। छत्रसाल ने विस्तृत बुंदेलखंड राज्य की गरिमामय स्थापना ही नहीं की थी, वरन् साहित्य सृजन कर जीवंत काव्य भी रचे।
   राज्यपाल श्रीमती पटेल ने प्रसिद्ध बुंदेली कवी श्री कैशल मड़बैया को अमृत महोत्सव की बधाई दी। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड को आज विकास की बहुत आवश्यकता है। हमारे प्रधानमंत्री ने ष्सबका साथ सबका विकासष् का नारा देकर देश में एकता, विकास, समरसता और सौहार्द्र का वातावरण निर्मित किया है।
   राज्यपाल श्रीमती पटेल ने इस अवसर पर बुंदेली भाषा के कवि श्री कैलाश मड़बैया सहित अन्य कवियों और पत्रकारों को शाल, श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने बुंदेली नृत्य दल द्वारा प्रस्तुत राई नृत्य भी देखा। कार्यक्रम में सांसद श्री आलोक संजर, वरिष्ठ साहित्यकार श्री गंगा प्रसाद बरसैया, तथा बुंदेली साहित्य प्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम में राज्यपाल ने साहित्कार श्री कैलाश मड़बैया की पुस्तक मयूर पंख, सहित साहित्यकारों और कवियों की पुस्तकों और काव्य ग्रंथों का विमोचन भी किया।

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